हनुमान जी, लंका और हर कथा का अपना रूप
सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में
सुंदरकांड रामायण का पाँचवाँ कांड है, जिसके नायक हनुमान जी हैं: समुद्र की छलाँग, लंका की खोज, अशोक वाटिका में सीता जी, लंका दहन, और लौटकर राम को ख़बर। तुलसीदास के मानस में यह कांड आगे विभीषण की शरण और समुद्र प्रसंग तक जाता है। यह कथा भारत और उसके बाहर कम से कम 39 रूपों में कही गई है, संस्कृत, अवधी, तमिल, बांग्ला, तिब्बती, थाई, जावा की पुरानी भाषा और कई दूसरी भाषाओं में। यहाँ हर पल, हर कथा में कैसा है, श्लोक और स्रोत के साथ।
- वाल्मीकि रामायण में
- पाँचवाँ कांड, दक्षिण के पाठ में 68 सर्ग
- कंब रामायण में
- सुंदर कांडम्, मंगल पद के बाद 14 पडलम्
- रामचरितमानस में
- पाँचवाँ सोपान, सुंदरकांड
- नायक
- हनुमान जी; इसे अक्सर वह कांड कहा जाता है जिसके नायक राम नहीं, हनुमान जी हैं

सुंदरकांड के पल, हर कथा में
एक पन्ना, एक सवाल: पहले सीधा जवाब, फिर हर कथा का अपना रूप, जगह और श्लोक के साथ।
हनुमान जी की छलाँगपहाड़ दबा, पेड़ उखड़कर पीछे उड़े, समुद्र पर तीस योजन लंबी परछाईं पड़ी
सोने की लंका कैसी थी?सोने की दीवार, कमल भरी खाइयाँ, सफ़ेद महल और रत्नों की रोशनी
पुष्पक विमान कैसा था?सोने की सीढ़ियाँ, नीलम के चबूतरे, मन से चलने वाला विमान
अशोक वाटिका कैसी थी, और वहाँ सीता जी से पहली भेंटसोने के पेड़, घंटियों वाला शिंशपा, हज़ार खंभों का सफ़ेद चैत्य
लंका दहनकरोड़ों सूरजों जैसी आग, पिघलते रत्न, और सीता जी के लिए डर
समुद्र में हनुमान जी को कौन मिले?परछाईं पकड़ने वाली सिंहिका, परीक्षा लेने वाली सुरसा, उठता हुआ मैनाक, और तमिल, जैन और थाई कथाओं के समुद्री जीव, श्लोकों के साथ।
लंका का पहरेदार कौन था?वाल्मीकि में ख़ुद लंका नगरी, मानस में लंकिनी, कंबन में लंका की देवी, बंगाल में चामुंडा और जैन कथा में वज्रमुख
जहाँ आज भी लंका जलती हैइकतीस दिन की रामनगर रामलीला, आग के घेरे में हनुमान वाला बाली का केचक, थाईलैंड का खोन और केरल का तोलपावकूत्तु
हनुमान जयंती साल में कई बार क्यों?उत्तर में चैत्र पूर्णिमा, ओडिशा में पना संक्रांति, तेलुगु राज्यों में वैशाख कृष्ण दशमी, कर्नाटक और तमिलनाडु में मार्गशीर्ष
हनुमान जी को किसने कौन सा वरदान दिया?इंद्र, सूर्य, वरुण, यम, कुबेर, शिव, ब्रह्मा और विश्वकर्मा के वरदान, ऋषियों का श्राप, जाम्बवान की याद दिलाई ताक़त और ब्रह्मास्त्र
रावण और शिव, हनुमान जी और रुद्रकैलाश उठाता रावण और उसका नाम, शिव तांडव स्तोत्र, हनुमान जी रुद्र के अवतार, और रामेश्वरम के दो लिंग
दशहरा और दीवाली का रामकथा से क्या रिश्ता है?ज़्यादातर भारत में दशहरा रावण पर राम की जीत है, पर बंगाल, मैसूरु, कुल्लू और बस्तर का दशहरा अलग है, और दीवाली पर राम की वापसी बाद की परंपरा है।
39 रामकथाएँ
वाल्मीकि और तुलसीदास से लेकर कंबन, कृत्तिवास, थाईलैंड की रामकियेन, जावा की ककविन, तिब्बत की दुनहुआंग पोथियों और जैन रामकथाओं तक: हर कथा का अपना पन्ना है, कि वह कब, कहाँ और किस भाषा में कही गई, और उसमें सुंदरकांड कैसा है।
त्योहार, जो इसी कथा को याद करते हैं
- हनुमान जयंती 2027
- दशहरा 2027
- दीपावली 2027
- नरक चतुर्दशी 2027
- राम नवमी 2027
- वाल्मीकि जयंती 2027
- तुलसीदास जयंती 2027
और अपनी जानकारी परखनी हो, तो सुंदरकांड क्विज़, या सीधे लंका की खोज खेल।
सवाल जवाब
पूछे जाने वाले सवाल
सुंदरकांड क्या है?
रामायण का पाँचवाँ कांड, जिसमें हनुमान जी समुद्र पार करके लंका जाते हैं, अशोक वाटिका में सीता जी को ढूँढते हैं, लंका जलाते हैं और लौटकर राम को ख़बर देते हैं।
वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड में कितने सर्ग हैं?
दक्षिण की परंपरा के पाठ में 68 सर्ग। बड़ौदा के समीक्षित संस्करण में सर्ग संख्या कुछ अलग है।
सुंदरकांड का नायक कौन है?
हनुमान जी। इसे अक्सर रामायण का वह कांड कहा जाता है जिसके नायक राम नहीं, हनुमान जी हैं। रामचरितमानस में यह कांड आगे विभीषण की शरण और समुद्र प्रसंग तक जाता है, जहाँ कथा फिर राम पर लौटती है।
सुंदरकांड कितनी रामकथाओं में मिलता है?
यहाँ 39 रामकथाओं से सुंदरकांड लिया गया है: भारत की संस्कृत, अवधी, तमिल, तेलुगु, बांग्ला, असमिया, ओड़िया, कश्मीरी और नेपाली कथाएँ, और भारत के बाहर तिब्बत, थाईलैंड, लाओस, कंबोडिया, बर्मा, जावा, मलय और फ़िलीपींस की।
क्या हर रामायण में लंका जलती है?
नहीं। हेमचंद्र की जैन रामकथा में हनुमान जी नगर तोड़ते हैं, पर लंका जलाने की बात नहीं आती। पूरी बात लंका दहन के पन्ने पर है।
In English
The Sundar Kand is the fifth book of the Ramayana, often called the one book whose hero is Hanuman rather than Rama: the leap across the sea, the search of Lanka, Sita in the Ashok Vatika, the burning of Lanka and the return (in Tulsidas it goes on to Vibhishana's refuge and the ocean). This section sets out each moment across 39 tellings of the Ramayana, from Valmiki, Tulsidas and Kamban to the Thai Ramakien, the Old Javanese Kakawin, the Old Tibetan manuscripts and the Jain Ramayanas, with verse numbers and sources, by Manu Vishranti, author of the Hindi saga Untalis Lankayen.
यहाँ हर बात अपने स्रोत से मिलाकर लिखी गई है, और हर पन्ने के आख़िर में वे स्रोत हैं। जहाँ कोई बात किसी एक कथा की है, वहाँ उसी कथा का नाम है।