पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में

पुष्पक विमान कैसा था?

सीधा जवाब

पुष्पक विमान रावण के महल के बीच खड़ा है, और हनुमान जी सीता जी को ढूँढते हुए उस पर चढ़ते हैं। वाल्मीकि बताते हैं कि इसे विश्वकर्मा ने ब्रह्मा के लिए बनाया था, कुबेर ने तप से पाया, और रावण ने उनसे छीन लिया। यह मन के सोचने भर से चलता है।

उनतालीस लंकाएँ: चाँदनी रात में लंका के बीच खड़ा पुष्पक विमान
उनतालीस लंकाएँ: चाँदनी रात में लंका के बीच खड़ा पुष्पक विमान

एक नज़र में

एक नज़र में: पुष्पक विमान
बातवाल्मीकि क्या कहते हैंकहाँ
किसने बनायाविश्वकर्मा ने, ब्रह्मा के लिएसर्ग 8 और 9
किसके पास रहाब्रह्मा, फिर कुबेर, फिर रावणसर्ग 9, श्लोक 11 और 12
चमकसूरज और आग जैसी; उगते सूरज जैसीसर्ग 9, श्लोक 15 और 18
बनावटसोने की सीढ़ियाँ, दो तरह के नीलम के चबूतरे, मूँगे और मोती के फ़र्शसर्ग 9, श्लोक 15 से 17
कैसे चलता हैमन से; हज़ारों भूत उठाते हैंसर्ग 8, श्लोक 4 और 6

किसका था, कहाँ से आया

वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, सर्ग 9 (श्लोक 11 और 12) के अनुसार पुष्पक विमान स्वर्ग में ब्रह्मा के लिए बना था। कुबेर ने इसे तप करके पाया, और रावण ने ज़ोर से कुबेर से छीन लिया। सर्ग 8 (श्लोक 2) में इसे विश्वकर्मा का बनाया बताया गया है।

कैसा दिखता है

यह सूरज और आग जैसा चमकता है, और इसकी सीढ़ियाँ सोने की हैं (सर्ग 9, श्लोक 15)। उगते सूरज जैसा तेज़ है (श्लोक 18)। इसके खंभे सोने के हैं, जिन पर ईहामृग, यानी भेड़िए जैसे जीवों की आकृतियाँ बनी हैं (श्लोक 13), और इसके कमरे मेरु और मंदर पर्वत जितने ऊँचे हैं, जैसे आकाश छू रहे हों (श्लोक 13 और 14)।

खिड़कियाँ सोने और बिल्लौर की हैं, चबूतरे इंद्रनील और महानील, यानी दो तरह के नीलम के (श्लोक 16), और फ़र्श मूँगे और मोतियों का (श्लोक 17)। सर्ग 7 में उस पर बनी आकृतियाँ गिनाई गई हैं: वैदूर्य, चाँदी और मूँगे के पंछी, रत्नों के साँप, और हाथ में कमल लिए चार भुजाओं वाली लक्ष्मी।

कैसे चलता है

पुष्पक विमान मन की एकाग्र इच्छा से चलता है, और उसे हज़ारों भूत उठाते हैं, जिनकी आँखें गोल, टेढ़ी और बड़ी बड़ी हैं (सर्ग 8, श्लोक 4 और 6)।

एक बात अक्सर ग़लत कही जाती है: सर्ग 9 के दूसरे श्लोक में जो आधा योजन चौड़ा और एक योजन लंबा भवन है, वह रावण का महल है, विमान नहीं। वाल्मीकि पुष्पक की लंबाई चौड़ाई नहीं बताते।

इस पर और

हर कथा का अपना पन्ना है, और हर पात्र का भी।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

पुष्पक विमान किसने बनाया था?

वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, सर्ग 8 और 9 के अनुसार विश्वकर्मा ने, ब्रह्मा के लिए।

रावण के पास पुष्पक विमान कैसे आया?

कुबेर ने इसे तप करके पाया था, और रावण ने ज़ोर से उनसे छीन लिया (सर्ग 9, श्लोक 12)।

पुष्पक विमान कैसे चलता था?

मन से सोचने भर से। वाल्मीकि कहते हैं कि इसे हज़ारों भूत उठाते थे (सर्ग 8, श्लोक 4 और 6)।

पुष्पक विमान कितना बड़ा था?

वाल्मीकि इसकी लंबाई चौड़ाई नहीं बताते। आधा योजन चौड़ा और एक योजन लंबा तो रावण का महल है (सर्ग 9, श्लोक 2)।

हनुमान जी ने पुष्पक विमान कब देखा?

सीता जी को रावण के महल में ढूँढते हुए, लंका की पहली रात (सुंदरकांड, सर्ग 7 से 9)।

In English

In Valmiki's Sundara Kanda (sargas 7 to 9) Hanuman climbs the Pushpaka vimana while searching Ravana's palace. Built by Vishvakarma for Brahma, won by Kubera through austerity and seized by Ravana, it shines "like the young rising sun", has stairways of gold, windows of gold and crystal, platforms of two kinds of sapphire, floors of coral and pearl, and moves by thought alone. The "half a yojana by one yojana" often quoted is the size of Ravana's mansion, not of the vimana.

स्रोत

  1. वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, संस्कृत पाठ और अंग्रेज़ी अर्थ (valmikiramayan.net)
  2. वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, सर्ग दर सर्ग (sanskritdocuments.org)

वाल्मीकि रामायण के श्लोकों की संख्या दक्षिण की परंपरा के पाठ से है, जैसा valmikiramayan.net और sanskritdocuments.org छापते हैं। दूसरे संस्करणों में संख्या एक दो श्लोक आगे पीछे हो सकती है।

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