पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में

हनुमान जयंती साल में कई बार क्यों?

सीधा जवाब

हनुमान जयंती पूरे देश में एक दिन नहीं होती। उत्तर भारत और नेपाल में यह चैत्र पूर्णिमा को है, ओडिशा में पना संक्रांति को, तेलुगु राज्यों में वैशाख कृष्ण दशमी को, कर्नाटक में मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी को, और तमिलनाडु में मार्गशीर्ष (मार्गऴि) की अमावस्या को। अयोध्या की हनुमानगढ़ी में ख़ास जन्मोत्सव दीवाली से पहले की रात होता है।

लंका की खोज: हनुमान जी
लंका की खोज: हनुमान जी

एक नज़र में

एक नज़र में: हनुमान जयंती के अलग अलग दिन
कहाँकौन सा दिन20262027
उत्तर भारत, महाराष्ट्र, नेपालचैत्र पूर्णिमा2 अप्रैल20 अप्रैल
ओडिशापना संक्रांति (सूरज मेष में)14 अप्रैल14 अप्रैल
आंध्र प्रदेश, तेलंगानावैशाख कृष्ण दशमी, दीक्षा का आख़िरी दिन31 मई
कर्नाटकमार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी, हनुमद व्रत22 दिसंबर11 दिसंबर
तमिलनाडुमार्गऴि अमावस्या, अक्सर मूल नक्षत्र7 जनवरी और 27 दिसंबर
अयोध्या, हनुमानगढ़ीकार्तिक कृष्ण चतुर्दशी, दीवाली से पहले की रात

उत्तर भारत, महाराष्ट्र और नेपाल: चैत्र पूर्णिमा

उत्तर भारत में हनुमान जयंती चैत्र महीने की पूर्णिमा को होती है: 2026 में 2 अप्रैल को थी, और 2027 में 20 अप्रैल को है (हनुमान जयंती 2027)। नेपाल में भी यही दिन है, और काठमांडू के हनुमान ढोका में पूजा होती है।

महाराष्ट्र में भी यही चैत्र पूर्णिमा है। वहाँ माना जाता है कि हनुमान जी का जन्म सूरज उगते समय हुआ, इसलिए मंदिरों में कथा और भजन सुबह होने से पहले शुरू हो जाते हैं।

ओडिशा: पना संक्रांति, सूरज के हिसाब से

ओडिशा में हनुमान जी का जन्मदिन पना संक्रांति, यानी महा विषुव संक्रांति को माना जाता है, जो ओड़िया नया साल भी है। यह दिन चाँद से नहीं, सूरज के मेष राशि में आने से तय होता है, इसलिए हर साल लगभग 14 अप्रैल को पड़ता है।

तेलुगु राज्य: इकतालीस दिन की दीक्षा

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भक्त चैत्र पूर्णिमा से इकतालीस दिन की हनुमान दीक्षा शुरू करते हैं, और वैशाख कृष्ण दशमी को, जो वहाँ हनुमान जयंती है, उसे पूरा करते हैं। 2027 में दीक्षा 20 अप्रैल को शुरू होगी और हनुमान जयंती 31 मई को होगी।

कर्नाटक: हनुमद व्रत

कर्नाटक में मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी को हनुमद व्रत, यानी हनुमान व्रतम्, रखा जाता है। 2026 में यह 22 दिसंबर को है, और 2027 में 11 दिसंबर को।

तमिलनाडु: मार्गऴि की अमावस्या

तमिलनाडु में हनुमत जयंती मार्गऴि (मार्गशीर्ष) महीने की अमावस्या को होती है, और ज़्यादातर उस दिन मूल नक्षत्र भी होता है। जब दोनों एक दिन न पड़ें, तो अमावस्या वाला दिन लिया जाता है। अगली हनुमत जयंती 7 जनवरी 2027 को है, और उसके बाद 27 दिसंबर 2027 को, यानी 2027 में यह दो बार आएगी।

अयोध्या और गुजरात: दीवाली से पहले की रात

अयोध्या की हनुमानगढ़ी में ख़ास जन्मोत्सव कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को होता है, जो दीवाली से पहले की रात है, हालाँकि चैत्र पूर्णिमा पर भी वहाँ बहुत भीड़ आती है (नरक चतुर्दशी 2027)। गुजरात में इस रात को काली चौदस कहते हैं, और उस दिन हनुमान जी की ख़ास पूजा होती है।

दिन अलग क्यों हैं

पहली वजह महीनों के नाम हैं। उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है, और महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तेलुगु राज्यों में अमावस्या पर। इसलिए दीवाली से पहले की जो रात उत्तर में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी कहलाती है, वही महाराष्ट्र के पंचांगों में आश्विन कृष्ण चतुर्दशी है। नाम दो, रात एक।

दूसरी वजह यह है कि कुछ जगह दिन सूरज से गिना जाता है और कुछ जगह चाँद से। ओडिशा का दिन पूरी तरह सूरज से तय होता है। तमिलनाडु में महीना सूरज का है, पर दिन चाँद की अमावस्या से चुना जाता है। तेलुगु और कन्नड़ दिन चाँद की तिथि से हैं।

तीसरी बात: कुछ लोग कहते हैं कि एक दिन जन्म का है और दूसरा किसी और बात का, पर इसका कोई पक्का हवाला हमें नहीं मिला। अलग अलग ग्रंथों के नाम से जो श्लोक बताए जाते हैं, उनमें से किसी को हम किसी छपे हुए ग्रंथ में मिला नहीं पाए, इसलिए यहाँ उनका हवाला नहीं दिया गया।

इस पर और

हर कथा का अपना पन्ना है, और हर पात्र का भी।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

हनुमान जयंती 2027 में कब है?

उत्तर भारत में 20 अप्रैल 2027, चैत्र पूर्णिमा को। तेलुगु राज्यों में 31 मई, कर्नाटक में हनुमद व्रत 11 दिसंबर, और तमिलनाडु में 7 जनवरी और 27 दिसंबर।

हनुमान जयंती साल में दो बार क्यों मनाई जाती है?

क्योंकि अलग अलग इलाक़े अलग दिन मानते हैं: कोई चैत्र पूर्णिमा, कोई सूरज की संक्रांति, कोई मार्गशीर्ष का महीना, और अयोध्या दीवाली से पहले की रात। महीनों के नाम गिनने के दो ढंग भी एक ही दिन को अलग नाम दे देते हैं।

तमिलनाडु में हनुमान जयंती कब होती है?

मार्गऴि (मार्गशीर्ष) की अमावस्या को, जब अक्सर मूल नक्षत्र होता है। अगली 7 जनवरी 2027 को है।

तेलुगु हनुमान जयंती कब है?

वैशाख कृष्ण दशमी को, जब चैत्र पूर्णिमा से शुरू हुई इकतालीस दिन की हनुमान दीक्षा पूरी होती है। 2027 में 31 मई को।

ओडिशा में हनुमान जयंती कब होती है?

पना संक्रांति को, जो ओड़िया नया साल है और लगभग 14 अप्रैल को पड़ती है।

हनुमानगढ़ी में हनुमान जयंती कब मनाई जाती है?

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को, दीवाली से पहले की रात।

In English

Hanuman Jayanti falls on different days in different regions. North India, Maharashtra and Nepal keep Chaitra Purnima (2 April 2026, 20 April 2027). Odisha keeps Pana Sankranti, the Odia New Year, a solar date around 14 April. In Andhra Pradesh and Telangana a 41-day Hanuman Deeksha runs from Chaitra Purnima to Vaishakha Krishna Dashami, Hanuman Jayanti there (31 May 2027). Karnataka keeps Hanuman Vratam on Margashirsha Shukla Trayodashi (22 December 2026, 11 December 2027). Tamil Nadu keeps Hanumath Jayanthi on the new moon of Margazhi, usually under Moolam nakshatra (7 January and 27 December 2027). Ayodhya's Hanumangarhi celebrates it on the night before Diwali. The same night is named Kartik Krishna Chaturdashi in the North and Ashvin Krishna Chaturdashi where months end on the new moon.

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