पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में

जहाँ आज भी लंका जलती है

सीधा जवाब

सुंदरकांड सिर्फ़ पढ़ा नहीं जाता, आज भी खेला जाता है। बनारस के पास रामनगर में पूरा क़स्बा मंच बन जाता है, और बलवंत गार्गी के समय लंका दहन देखने बीस हज़ार से ज़्यादा लोग आते थे। बाली में पचास साठ आदमी आग के चारों ओर घेरा बनाकर "चक" गाते हैं, थाईलैंड में हनुमान जी सफ़ेद मुखौटा पहनकर नाचते हैं, और केरल में इक्कीस दीयों की रोशनी में चमड़े की कठपुतलियाँ कंब रामायण खेलती हैं।

उनतालीस लंकाएँ: केरल के छाया नाटक का पर्दा, ऊपर दीयों की कतार
उनतालीस लंकाएँ: केरल के छाया नाटक का पर्दा, ऊपर दीयों की कतार

एक नज़र में

एक नज़र में: जहाँ आज भी लंका जलती है
कहाँक्यालंका का पलख़ास बात
रामनगर, वाराणसीरामलीला, लगभग 31 दिनसोने की लंका को आगपूरा क़स्बा मंच, दर्शक साथ चलते हैं
बाली, इंडोनेशियाकेचकआग के घेरे में हनुमान, महल जलता हैपचास साठ आवाज़ें, कोई बाजा नहीं
थाईलैंडखोनरामकियेन के लंका प्रसंगयूनेस्को सूची 2018, हनुमान का सफ़ेद मुखौटा
बैंकॉकवाट फ्रा केव के चित्रकमरा 32 से 34178 चित्र
केरलतोलपावकूत्तुकंब रामायण के पदइक्कीस दीये, चमड़े की कठपुतलियाँ
जावाप्रंबनन की पट्टियाँजलती पूँछ, छत पर छलाँगनवीं सदी का पत्थर

रामनगर की रामलीला: पूरा क़स्बा मंच

वाराणसी के पास रामनगर की रामलीला इकतीस दिन चलती है (बलवंत गार्गी तीस बताते हैं)। पूरा क़स्बा कथा का नक्शा बन जाता है: अयोध्या, जनकपुरी, चित्रकूट, पंचवटी, और लंका के नाम की एक बड़ी जगह। दर्शक एक जगह से दूसरी जगह कथा के साथ चलते हैं।

काशी नरेश और उनका दरबार सजे हुए हाथियों पर आते हैं। रोशनी मिट्टी के तेल की लालटेनों और मशालों से होती है, माइक नहीं होता। दर्शक कुछ हज़ार से लेकर एक लाख तक होते हैं। बलवंत गार्गी ने लिखा था कि सोने की लंका को आग लगाने का दिन बीस हज़ार से ज़्यादा लोगों को खींचता था। रावण के पुतले का दहन अलग दिन होता है। यह रामलीला रामचरितमानस पर खेली जाती है।

बाली का केचक: आग के घेरे में हनुमान

केचक में पचास साठ आदमी घेरों में "चक, चक" गाते हैं, कोई बाजा नहीं होता। यह 1930 के आसपास वायन लिम्बक और वॉल्टर श्पीस के हाथों आज के रूप में आया, और बाली के पुराने सांघ्यांग नृत्य से निकला।

कथा में हनुमान जी को ज़िंदा जलाने के लिए आग के घेरे में डाल दिया जाता है। वे बच निकलते हैं और रावण का महल जला देते हैं। उलुवातु के मंदिर के पास यह हर शाम खेला जाता है।

थाईलैंड का खोन: सफ़ेद मुखौटे वाले हनुमान

खोन थाईलैंड का मुखौटा नृत्य नाटक है, जो रामकियेन खेलता है। यूनेस्को ने इसे 2018 में अपनी सूची में रखा। हनुमान जी का मुखौटा सफ़ेद है, उस पर हरा और गुलाबी रंग, खुले मुँह में दाँत दिखते हैं, और सिर पर बस एक छोटा मुकुट। खोन के कुल दो सौ से तीन सौ मुखौटे हैं, हर एक काग़ज़ की पंद्रह परतों से बना।

बैंकॉक के वाट फ्रा केव मंदिर में पूरी रामकियेन 178 चित्रों में बनी है, जिनके नीचे कविता के 224 पद लिखे हैं। ये चित्र राजा राम प्रथम के समय के माने जाते हैं, और कई राजाओं के समय, ख़ासकर राम पंचम के समय, इन्हें फिर से सँवारा गया। कमरा 32 से 34 तक हनुमान जी की लंका यात्रा है: समुद्र की राक्षसी, आकाश की राक्षसी, और फाँसी से बचाई गई सीता जी।

केरल का तोलपावकूत्तु: इक्कीस दीये, चमड़े की परछाइयाँ

तोलपावकूत्तु केरल का छाया कठपुतली नाटक है, जो कंब रामायण के पदों पर खेला जाता है। मंदिर के आँगन में बने ख़ास मंच, कूत्तुमाडम, में एक सफ़ेद पर्दे के पीछे नारियल के छिलकों में इक्कीस दीये जलते हैं, और चमड़े की कठपुतलियों की परछाइयाँ पर्दे पर नाचती हैं।

पूरा पाठ सात, इक्कीस, इकतालीस या इकहत्तर दिनों का होता है, और उसमें 71 पात्रों की लगभग 160 कठपुतलियाँ होती हैं। अच्छे पात्र हिरन की खाल से बनते थे और बुरे भैंस की खाल से। यह पलक्काड, त्रिशूर और मलप्पुरम के भद्रकाली मंदिरों में खेला जाता है।

पत्थर में: जावा का प्रंबनन

जावा के नवीं सदी के प्रंबनन मंदिर के शिव मंदिर पर रामायण की 24 पत्थर की पट्टियाँ हैं। पट्टी 20 में हनुमान जी पेड़ पर से सीता जी को देखते हैं, और पट्टी 21 में पूँछ में आग लिए एक छत पर कूदते हैं। यह जगह ककविन रामायण की धरती है।

इस पर और

हर कथा का अपना पन्ना है, और हर पात्र का भी।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

रामनगर की रामलीला कितने दिन चलती है?

इकतीस दिन (कुछ लेखक तीस बताते हैं)। पूरा क़स्बा मंच बनता है और दर्शक कथा के साथ एक जगह से दूसरी जगह चलते हैं।

केचक नृत्य में हनुमान जी का कौन सा दृश्य है?

हनुमान जी को आग के घेरे में डाला जाता है, वे बच निकलते हैं और रावण का महल जला देते हैं।

खोन क्या है?

थाईलैंड का मुखौटा नृत्य नाटक, जो रामकियेन खेलता है। यूनेस्को ने इसे 2018 में अपनी सूची में रखा।

तोलपावकूत्तु में कितने दीये जलते हैं?

सफ़ेद पर्दे के पीछे नारियल के छिलकों में इक्कीस दीये।

वाट फ्रा केव में रामकियेन के कितने चित्र हैं?

178, जिनके नीचे कविता के 224 पद लिखे हैं।

In English

The Sundar Kand is still staged. Ramnagar's Ramlila near Varanasi runs for 31 days across a whole town, with a site named Lanka among the town's stations; Balwant Gargi wrote that the burning of golden Lanka drew more than twenty thousand people. In Bali's kecak, shaped around 1930 by Wayan Limbak and Walter Spies, fifty or sixty men chant "cak" as Hanuman escapes a ring of fire and burns Ravana's palace. Thailand's khon (UNESCO, 2018) gives Hanuman a white mask; Wat Phra Kaew paints the Ramakien in 178 panels. Kerala's tholpavakoothu plays Kamban's verses as leather shadow puppets behind a white screen lit by twenty-one coconut-shell lamps. Prambanan's Shiva temple carves Hanuman leaping onto a roof with his tail on fire.

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