पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में

दशहरा और दीवाली का रामकथा से क्या रिश्ता है?

सीधा जवाब

ज़्यादातर भारत में विजयादशमी, यानी दशहरा, रावण पर राम की जीत का दिन है, और दीवाली राम के अयोध्या लौटने का। पर वाल्मीकि रामायण न रावण के अंत की तिथि बताती है, न दीवाली का नाम लेती है। ये दोनों रिश्ते बाद की परंपरा के हैं, और हर इलाक़े का दशहरा अपना है: बंगाल में यह दुर्गा की विदाई है, कुल्लू में दशहरा इसी दिन शुरू होता है और लंका दहन पर ख़त्म होता है, और बस्तर का दशहरा रावण से जुड़ा ही नहीं।

उनतालीस लंकाएँ: मशालों की रोशनी में लंका की एक गली
उनतालीस लंकाएँ: मशालों की रोशनी में लंका की एक गली

एक नज़र में

एक नज़र में: दशहरा, दीवाली और रामकथा
कहाँदशहरा क्या हैरावण का पुतला
ज़्यादातर उत्तर भारतरावण पर राम की जीतहाँ
बंगालबिजोया दशमी, दुर्गा की विदाईआम तौर पर नहीं
मैसूरुदसरा, बड़ा राजकीय उत्सवआम तौर पर नहीं
कुल्लूइसी दिन शुरू, एक हफ़्ता, अंत में लंका दहननहीं
बस्तरमाँ दंतेश्वरी का, लगभग 75 दिननहीं; रावण से रिश्ता नहीं

दशहरा: हर इलाक़े का अपना

ज़्यादातर उत्तर भारत में विजयादशमी पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं (दशहरा 2027)। रामनगर की रामलीला में रावण का पुतला आख़िरी लड़ाई की रात जलता है; पूरी बात आज की लंका वाले पन्ने पर है।

बंगाल में यही दिन बिजोया दशमी है, जब दुर्गा की प्रतिमाएँ विदा की जाती हैं। मैसूरु का दसरा अपने आप में एक बड़ा उत्सव है। कुल्लू का दशहरा विजयादशमी को शुरू होता है, एक हफ़्ता चलता है, उसमें न रामलीला होती है न रावण के पुतले, और वह लंका दहन पर ख़त्म होता है।

छत्तीसगढ़ का बस्तर दशहरा लगभग पचहत्तर दिन चलता है और माँ दंतेश्वरी का उत्सव है। भारत सरकार के पर्यटन विभाग के अनुसार उसका रावण के वध से कोई रिश्ता नहीं, और वहाँ कोई पुतला नहीं जलाया जाता।

रावण का अंत किस दिन हुआ?

वाल्मीकि रामायण में रावण के अंत की कोई तिथि नहीं मिलती। देवी भागवत (स्कंध 3, अध्याय 27) कहता है कि जीत से पहले राम ने किष्किंधा में नवरात्र का व्रत रखा। और बंगाल के महाभागवत की दुर्गा पूजा वाली कथा में रावण नवमी को मरता है, दशमी को नहीं।

दीवाली और राम की वापसी

वाल्मीकि रामायण में दीवाली का नाम नहीं है। दीयों के इस उत्सव के पुराने हवाले सातवीं सदी में राजा हर्ष के नाटक नागानंद (दीपप्रतिपदुत्सव), नवीं सदी में राजशेखर (दीपमालिका) और दसवीं सदी के शिलालेखों (दीपोत्सव) में मिलते हैं। दीवाली को राम के लौटने से जोड़ना एक परंपरा है, जो वाल्मीकि में नहीं मिलती। उत्तर भारत में यही मानी जाती है, पर दक्षिण में दीपावली नरकासुर की कथा से जुड़ी है, और बंगाल में इस रात काली पूजा होती है (दीपावली 2027)।

दीवाली से पहले की रात, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी, अयोध्या की हनुमानगढ़ी में हनुमान जयंती है, और गुजरात में काली चौदस, जब हनुमान जी की पूजा होती है। हनुमान जयंती के बाकी दिन इस पन्ने पर हैं।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

क्या वाल्मीकि रामायण में दशहरे का ज़िक्र है?

नहीं। वाल्मीकि रामायण रावण के अंत की तिथि नहीं बताती। विजयादशमी को राम की जीत से जोड़ना बाद की परंपरा है।

क्या दीवाली राम के लौटने का त्योहार है?

उत्तर भारत में यही माना जाता है, पर वाल्मीकि रामायण में दीवाली का नाम नहीं है। दक्षिण में दीपावली नरकासुर की कथा से जुड़ी है, और बंगाल में इस रात काली पूजा होती है।

बस्तर दशहरा किसका उत्सव है?

माँ दंतेश्वरी का। यह लगभग पचहत्तर दिन चलता है, और इसका रावण के वध से कोई रिश्ता नहीं।

कुल्लू दशहरा कब ख़त्म होता है?

विजयादशमी से शुरू होकर एक हफ़्ते बाद, लंका दहन पर। वहाँ रावण के पुतले नहीं जलते।

किस कथा में रावण नवमी को मरता है?

बंगाल के महाभागवत की दुर्गा पूजा वाली कथा में।

In English

Across most of India Vijayadashami (Dussehra) marks Rama's victory over Ravana and Diwali his return to Ayodhya, but Valmiki's Ramayana gives no date for Ravana's death and never names Diwali; both links come from tradition. In the South Deepavali is tied to Narakasura, and Bengal keeps Kali Puja that night. Dussehra differs by region: in Bengal it is Bijoya Dashami, Durga's farewell; Kullu's Dussehra begins on Vijayadashami, has no effigies and ends with Lanka Dahan; Bastar's 75-day Dussehra is for Maa Danteshwari and is not about Ravana. Early references to the lamp festival appear in Harsha's Nagananda (7th century), Rajasekhara (9th century) and 10th-century inscriptions.

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