ध्यान
Meditation: the practices of Manu Vishranti
ध्यान तक पहुँचने के कई रास्ते हैं। यहाँ मनु विश्रांति की हर साधना अपना अलग रास्ता है, अपनी किताबों और अपने अभ्यास के साथ। जो रास्ता मन को खींचे, वहीं से शुरू कीजिए।
ध्यान डायरी, और उससे बना अध्ययन संस्करण
नेति नेतिNeti Neti
नेति नेति का अर्थ है, यह नहीं, यह नहीं। बृहदारण्यक उपनिषद (2.3.6) का यह वाक्य ध्यान का एक पुराना तरीक़ा है: जो आप नहीं हैं, उसे एक एक करके अलग रखते जाइए। मनु विश्रांति ने इसी को अपने दो सौ सैंतालीस दिनों की डायरी बनाया। हर दिन उनकी अपनी एक पंक्ति, उसके सामने किसी ग्रंथ का एक श्लोक, और नीचे हिसाब, कि क्या बचा।
- डायरीचार भाग, 247 दिन
- अध्ययन संस्करणपाँच खंड, यहीं पढ़िए
- कार्यशालाएँकंपनियों, कॉलेजों और समूहों के लिए
मनु विश्रांति दर्शन, तीन किताबें
कुंडलिनीKundalini
चक्रों का चित्र सबने कहीं न कहीं देखा है: कमल, उनकी पंखुड़ियाँ, और हर पंखुड़ी पर लिखा एक अक्षर। मनु विश्रांति की ये तीन किताबें उसी चित्र को पढ़ना सिखाती हैं। पहले अक्षर, फिर उनसे बनने वाले शब्द, फिर बोली हुई आवाज़। हर किताब अपने आप में पूरी है।
- सात चक्रनाम, स्थान, तत्व और पंखुड़ियाँ
- बीज मंत्रलं, वं, रं, यं, हं और ॐ
- कुंडलिनी जागरणग्रंथ क्या कहते हैं
आगे की साधनाएँ भी यहीं जुड़ेंगी, हर एक अपने रास्ते के साथ।
सवाल जवाब
मनु विश्रांति की ध्यान साधनाएँ कौन सी हैं?
अभी दो। पहली नेति नेति, जो उनकी ध्यान डायरी और उससे बने पाँच खंडों वाले अध्ययन संस्करण में है। दूसरी कुंडलिनी, जिस पर उनकी तीन किताबों की कड़ी है, मनु विश्रांति दर्शन: बीजसेतु, अर्थबीज और नाददूत। आगे की साधनाएँ भी इसी पन्ने पर जुड़ेंगी।
नेति नेति किस उपनिषद में है, और इसका अर्थ क्या है?
नेति नेति बृहदारण्यक उपनिषद (2.3.6) में आता है, और इसका अर्थ है, यह नहीं, यह नहीं। ध्यान में इसका अभ्यास ऐसे होता है: जो आप नहीं हैं, जैसे आपका पद, आपकी चिंता या आता जाता विचार, उसे एक एक करके अलग रखते जाइए, और देखिए कि आख़िर में क्या बचता है।
मनु विश्रांति दर्शन क्या है?
मनु विश्रांति की तीन किताबों की कड़ी, कुंडलिनी और चक्रों की पंखुड़ियों पर लिखी वर्णमाला पर: बीजसेतु (अक्षरों का नक़्शा), अर्थबीज (शब्द, अर्थ और नाम) और नाददूत (आवाज़ और मंत्र)। तीनों हिंदी में हैं, और हर किताब अपने आप में पूरी है।
क्या मनु विश्रांति ध्यान की कार्यशालाएँ लेते हैं?
हाँ। नेति नेति की कार्यशालाएँ, कंपनियों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और समूहों के लिए, पूरे भारत में और आमने सामने। वार्ता से लेकर पूरे साल तक के पैकेज हैं, और बुलाने का तरीक़ा कार्यशालाओं के पन्ने पर है।
Meditation by Manu Vishranti: two practices so far, each with its own home. Neti Neti, his meditation diary in Hindi (four parts, 247 days, each day a line of his own set against a verse from the old texts), with a five volume study edition to read online and Neti Neti workshops. And Kundalini: Manu Vishranti Darshan, a series of three books in Hindi on the letters written on the petals of the chakras, Beejsetu (the map of the letters), Arthbeej (word, meaning and name) and Naaddoot (sound and mantra).







