तुम कौन होकर चलोगे?
आठ भूमिकाएँ। हर भूमिका को लंका कुछ अलग दिखाती है, और हर एक की अपनी जगहें हैं जो किसी और को नहीं दिखतीं।
किसी कार्ड को छूओ, तो वह पलटकर बताएगा कि यह भूमिका किस तरफ़ ले जाती है।
छह रातें, हर रात चार प्रहर
साँझ से भोर तक, और नक्शे की रोशनी भी उसी के साथ बदलती है।
नक्शे पर 96 जगहें
हर जगह एक दरवाज़ा है। अंदर जाओ, तो उस पल की कथा खुलती है, और यह भी कि दूसरे ग्रंथों ने वही पल कैसे कहा।
काम पूरा करो, इनाम पाओ
एक साथ तीन मुहिमें चलती हैं, छोटी, बड़ी और पूरे सफ़र वाली।
भोर से पहले रात की मुहिम पूरी हुई, तो मुहर मिलती है। और आज की मुहिम हर दिन बदलती है, जो मणि देती है।
छह चिह्न जीतो
मुहिम पूरी होने पर तुम्हारी भूमिका का चिह्न अपनी रोशनी में घूमता हुआ सामने आता है।
चार छोटे खेल
इनमें पढ़ना नहीं है। जब आँखें थकें, एक खेल खेल लो। सबसे अच्छा नतीजा पोथी में लिखा रहता है।
लंका जाग रही है
जहाँ छोड़ोगे, खेल वहीं से शुरू होगा। सब इसी फ़ोन या कंप्यूटर पर सहेजा रहता है।
