पंचांग 2027

लंका की खोज · क्विज़

सुंदरकांड क्विज़

30 सवाल, हर उत्तर उसके स्रोत के साथ

हनुमान के समुद्र लाँघने से लंका जलने तक, सुंदरकांड के लोग और पल। हर सवाल का उत्तर वाल्मीकि रामायण के श्लोक या रामचरितमानस के दोहे की संख्या के साथ है, और हर उत्तर के नीचे उस पात्र या उस रामकथा का पूरा पन्ना।

सवाल

  1. 1मैनाक किस चीज़ का पहाड़ है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: सोने का. मैनाक सोने का एक पहाड़ है जो समुद्र के भीतर छिपा रहता था। समुद्र के कहने पर वह पानी से ऊपर उठा, ताकि हनुमान उस पर रुककर थकान उतार लें। मैनाक की पूरी कथा →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, सर्ग 1

  2. 2मैनाक पवन देव का क़र्ज़दार क्यों था?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: इंद्र जब पहाड़ों के पंख काट रहे थे, पवन देव ने उसे बचाया था. मैनाक बताता है कि जब इंद्र पहाड़ों के पंख काट रहे थे, तब पवन देव ने उसे बचाया था। इसलिए वह पवन के पुत्र हनुमान की मदद करना चाहता है। मैनाक →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, सर्ग 1

  3. 3रामचरितमानस में हनुमान मैनाक से क्या कहकर आगे बढ़ जाते हैं?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: राम का काम किए बिना मुझे आराम कहाँ. हनुमान ने मैनाक को हाथ से छुआ, प्रणाम किया और कहा: राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम। मैनाक, मानस के दोहे के साथ →

    रामचरितमानस, सुंदरकांड, दोहा 1

  4. 4सुरसा कौन थीं?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: नागों की माता. सुरसा नागों की माता हैं। देवता उन्हें हनुमान की ताक़त और बुद्धि परखने भेजते हैं। सुरसा →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, सर्ग 1 (5.1.145)

  5. 5वाल्मीकि रामायण में सुरसा से होड़ करते हुए हनुमान आख़िर में कितने योजन के हो जाते हैं?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: नब्बे योजन. सुरसा का मुँह अस्सी योजन का होता है और हनुमान नब्बे योजन के। फिर हनुमान अचानक अंगूठे जितने छोटे होकर उनके मुँह में जाते हैं और बाहर आ जाते हैं। मानस में यह गिनती अलग है, वहाँ सुरसा का मुँह सौ योजन तक जाता है। सुरसा, दोनों ग्रंथों में →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.1.166

  6. 6सुरसा के मुँह से निकलने के लिए हनुमान ने क्या किया?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: अंगूठे जितने छोटे होकर मुँह में गए और बाहर निकल आए. इससे सुरसा का वरदान भी सच रहा, कि कोई उन्हें लाँघकर नहीं जा सकता, और हनुमान का रास्ता भी खुल गया। सुरसा →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, सर्ग 1

  7. 7सिंहिका उड़ते जीवों को कैसे पकड़ती थी?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: उनकी परछाईं पकड़कर. सिंहिका समुद्र में रहने वाली राक्षसी थी, जो ऊपर उड़ते जीवों को उनकी परछाईं पकड़कर खींच लेती थी। उसने हनुमान की परछाईं भी पकड़ी। सिंहिका →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, सर्ग 1 (5.1.182)

  8. 8सिंहिका को मारने के बाद आकाश के जीवों ने हनुमान के कौन से चार गुण गिनाए?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: धीरज, दृष्टि, बुद्धि और कुशलता. उन्होंने कहा, जिसके पास ये चार हों, धीरज, दृष्टि, बुद्धि और कुशलता, वह अपने काम में कभी हारता नहीं। सिंहिका →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.1.198

  9. 9क्या रामचरितमानस में सिंहिका का नाम आता है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: नहीं, वहाँ वह बस एक निसिचरी है. मानस में उसका नाम नहीं आता। वह एक निसिचरी है जो समुद्र में रहकर आकाश के पंछियों को माया से पकड़ती थी। सिंहिका, दोनों ग्रंथों में →

    रामचरितमानस, सुंदरकांड, दोहा 3 से पहले की चौपाइयाँ

  10. 10वाल्मीकि रामायण में लंका के दरवाज़े पर हनुमान को कौन रोकती है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: ख़ुद लंका नगरी, एक स्त्री के रूप में. वाल्मीकि में वह कहती है: मैं ख़ुद लंका नगरी हूँ, और चारों तरफ़ से इसकी रखवाली करती हूँ। रामचरितमानस में उसका नाम लंकिनी है। लंकिनी →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.3.30

  11. 11हनुमान ने लंकिनी को किस हाथ से मुक्का मारा?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: बाएँ हाथ से. वाल्मीकि रामायण में हनुमान उसे बाएँ हाथ का मुक्का मारते हैं, पूरा ग़ुस्सा रोककर, क्योंकि वह स्त्री है। लंकिनी →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.3.40

  12. 12ब्रह्मा ने लंकिनी से क्या कहा था?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: जब कोई वानर तुम्हें हरा दे, तब समझना कि राक्षसों पर संकट आ गया. हार के बाद लंकिनी हनुमान को यही बात बताती है, और फिर उन्हें सीता को ढूँढने के लिए नगर में जाने देती है। लंकिनी →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.3.47

  13. 13मानस में लंकिनी पल भर के सत्संग के सुख को किससे बड़ा बताती है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: स्वर्ग और मोक्ष के सारे सुखों से. वह कहती है, स्वर्ग और मोक्ष के सारे सुख तराज़ू के एक पलड़े पर रख दो, तब भी वे उस सुख के बराबर नहीं जो पल भर के सत्संग से मिलता है। लंकिनी, मानस के दोहे के साथ →

    रामचरितमानस, सुंदरकांड, दोहा 4

  14. 14रावण के महल में हनुमान ने किसे पल भर के लिए सीता समझ लिया?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: मंदोदरी को. सोती हुई मंदोदरी के रूप और यौवन को देखकर हनुमान ने अनुमान लगाया कि यही सीता हैं। अगले सर्ग में वे समझ गए कि राम से अलग हुई सीता ऐसे सजकर नहीं सोएँगी। मंदोदरी →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.10.53

  15. 15रामचरितमानस मंदोदरी को किसकी बेटी कहता है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: मय की. मानस में मंदोदरी को मयतनया कहा गया है, यानी मय की बेटी। वहाँ वे रावण को सीता पर हाथ उठाने से रोकती हैं। मंदोदरी →

    रामचरितमानस, सुंदरकांड, दोहा 10 से पहले की चौपाइयाँ

  16. 16वाल्मीकि रामायण में सीता पर हाथ उठाने से रावण को कौन रोकती है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: धान्यमालिनी. वाल्मीकि में यह काम धान्यमालिनी नाम की राक्षसी करती है। रामचरितमानस में रावण को मंदोदरी रोकती हैं। मंदोदरी, दोनों ग्रंथों में →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.20.37

  17. 17त्रिजटा के सपने में सफ़ेद छत्र के नीचे कौन खड़ा दिखता है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: विभीषण. त्रिजटा के सपने में रावण, कुंभकर्ण और रावण के बेटे दक्षिण की ओर जाते दिखते हैं, और अकेले विभीषण सफ़ेद छत्र के नीचे खड़े दिखते हैं। त्रिजटा का सपना →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, सर्ग 27

  18. 18त्रिजटा के सपने में लंका को कौन जलाता है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: राम का एक वानर दूत. त्रिजटा कहती है, मैंने सपने में देखा कि रावण की रखवाली वाली यह लंका, राम के एक तेज़ वानर दूत ने जला दी। त्रिजटा →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.27.36

  19. 19रामचरितमानस में सीता त्रिजटा से क्या माँगती हैं?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: चिता के लिए आग. सीता उसे माँ कहकर चिता के लिए आग माँगती हैं। त्रिजटा राम की महिमा सुनाकर उन्हें धीरज देती है और कहती है कि रात में आग नहीं मिलेगी। त्रिजटा, दोनों ग्रंथों में →

    रामचरितमानस, सुंदरकांड, दोहा 12 से पहले की चौपाइयाँ

  20. 20रावण ने हनुमान को मारने का आदेश दिया, तो विभीषण ने क्या कहा?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: दूत को मारा नहीं जाता. विभीषण ने कहा कि जो भले राजा ऊँच नीच जानते हैं, वे दूत का वध नहीं करते। दूत को सज़ा दी जा सकती है, पर मारा नहीं जाता। विभीषण →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.52.5

  21. 21विभीषण की बात मानकर रावण ने हनुमान के लिए क्या आदेश दिया?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: पूँछ में आग लगाने का. रावण ने कहा कि वानरों को अपनी पूँछ सबसे प्यारी होती है, इसलिए इसकी पूँछ जला दो। विभीषण →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.53.3

  22. 22हनुमान की पूँछ पर आग लगाने से पहले क्या लपेटा गया?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: पुराने सूती कपड़े, और फिर तेल डाला गया. राक्षसों ने पूँछ पर पुराने सूती कपड़े लपेटे, उन पर तेल डाला और आग लगा दी। लपेटते हुए हनुमान अपना शरीर बढ़ाते गए। वाल्मीकि रामायण में सुंदरकांड →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.53.6 और 5.53.7

  23. 23पूँछ में लगी आग हनुमान को कैसी लगी?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: बर्फ़ जैसी ठंडी, उसने जलाया नहीं. हनुमान सोचते हैं कि आग इतनी तेज़ जल रही है, फिर भी मुझे जलाती क्यों नहीं, पूँछ के सिरे पर तो जैसे बर्फ़ पड़ी हो। वाल्मीकि रामायण में सुंदरकांड →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.53.35

  24. 24रामचरितमानस में विभीषण राम की शरण में किस कांड में जाते हैं?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: सुंदरकांड में. मानस में विभीषण का रावण से टूटना और राम की शरण में जाना सुंदरकांड के भीतर ही, दोहा 41 पर है। वाल्मीकि रामायण में यह युद्धकांड में आता है। विभीषण, दोनों ग्रंथों में →

    रामचरितमानस, सुंदरकांड, दोहा 41

  25. 25वाल्मीकि रामायण में रावण का बेटा अक्ष कितने घोड़ों वाले रथ पर लड़ने आया?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: आठ. अक्ष आठ घोड़ों वाले सोने के रथ पर आए और तीन बाणों से हनुमान के माथे पर चोट की। हनुमान ने हथेली से आठों घोड़ों को मार दिया। अक्षय कुमार →

    वाल्मीकि रामायण, सुंदरकांड, 5.47.10 और 5.47.31

  26. 26रामचरितमानस में हनुमान ने अक्षय कुमार को किससे मारा?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: एक पेड़ से. मानस में अक्षय की कथा दो पंक्तियों की है: हनुमान ने एक पेड़ उठाकर ललकारा, उन्हें मार गिराया और ज़ोर से गरजे। अक्षय कुमार →

    रामचरितमानस, सुंदरकांड, दोहा 18 से पहले की चौपाइयाँ

  27. 27IIT कानपुर के वाल्मीकि रामायण पाठ में सुंदरकांड कितने सर्गों का है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: 68. यह दक्षिणी परंपरा का पाठ है, जिसमें सुंदरकांड 68 सर्गों का है। इस साइट पर वाल्मीकि के सारे श्लोक और उनकी संख्या इसी पाठ से हैं। सुंदरकांड के आठ पात्र, श्लोकों के साथ →

    वाल्मीकि रामायण, IIT कानपुर पाठ

  28. 28कंब रामायण किस भाषा में है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: तमिल. कंब रामायण कंबन की तमिल रामकथा है। इसका सुंदरकांडम् 14 पडलम् का है। कंब रामायण में सुंदरकांड →

    लंका की खोज, कथाओं का परिचय

  29. 29रामकियेन किस देश की रामकथा है?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: थाईलैंड. रामकियेन थाई भाषा की रामकथा है, अठारहवीं सदी में राजा राम प्रथम के दरबार में बनी, अयुत्थया और बैंकाक की। रामकियेन में सुंदरकांड →

    लंका की खोज, कथाओं का परिचय

  30. 30हनुमान चालीसा में कितनी चौपाइयाँ हैं?

    उत्तर और स्रोत

    सही उत्तर: 40, और 3 दोहे. चालीसा यानी चालीस। हनुमान चालीसा अवधी में है, तुलसीदास से जुड़ी, 40 चौपाइयाँ और 3 दोहे। हनुमान चालीसा →

    लंका की खोज, कथाओं का परिचय

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ये सब जगहें लंका की खोज में हैं: मैनाक, सुरसा, सिंहिका, लंका का दरवाज़ा, रावण का महल, अशोक वाटिका। खेल में इन्हें ख़ुद ढूँढो, और देखो कि 39 रामकथाएँ इन्हीं पलों को कैसे कहती हैं।

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