यह हमारा जंगल है।
पहले इस जंगल में सब कुछ भरा हुआ था। अब पानी घट रहा है, गिद्ध कम हो रहे हैं, और सड़क से कुत्ते आने लगे हैं।
सब डरे हुए हैं। हर जानवर मन ही मन यही सोच रहा है: काश मेरे पास भी कोई ताक़त होती।
आज रात से सपने शुरू होंगे। हर रात कोई सोएगा, और सपने में बहुत दूर का कोई जानवर उससे मिलेगा।
जंगल के नौ जानवर
काला पंछी सबसे मिलवाता है। हर किसी के पास कोई न कोई ख़ूबी है।
“सबके पास कुछ न कुछ है। मेरे पास क्या है?”इसका जवाब किताब में है।
सपनों का एक ही नियम
माँगोगे तो…
अगर तुम उससे उसकी ताक़त माँग लो, तो वह उससे छिन जाएगी और तुम्हारे पास आ जाएगी। पर तुम उसे चला नहीं पाओगे, क्योंकि चलाना सीखने से आता है।
सीखोगे तो…
और अगर तुम सीख लो कि वह कैसे जीता है, तो वह बात उसके पास भी रहेगी, और तुम्हारे पास भी आ जाएगी। तब वह काम भी करेगी।
पहली ही रात एक जानवर माँग लेता है, सीखता नहीं।ध्यान से देखना कि फिर क्या होता है।
हर रात, एक सपना
सपनों में दुनिया भर के जानवर आते हैं: बर्फ़ से, गहरे समुंदर से, रेगिस्तान से, हिमालय के ऊपर से।
ये सब सचमुच हैं
सपनों के बीस जानवर, और उनके बारे में सच्ची बातें।




















जंगल से एक वादा
किताब के आख़िर में, हर बच्चे के लिए।














