पंचांग 2027
पाँचों एक साथ: तेनज़िन, अदा, अन्नू, कुंदन, और ज़रा अलग मथाई जी

उनतालीस लंकाएँ · कौन कौन

कौन कौन

देहरादून का एक परिवार, धनुषकोडि के किनारे मिले मथाई जी, 1987 में खोए बाबूजी, और लंका का एक राजा। हर चेहरे पर दबाओ, उसका अपना पन्ना खुलेगा।

सदियों के मेहमान

दूसरे युगों से आए लोग

इस लंका में अदा का परिवार अकेला नहीं। सदियों से, अलग अलग जगहों से, पाँच पाँच लोगों के समूह इसमें उतरते रहे हैं, हर एक अपनी कथा की लंका में। उपन्यास में हर ऐसा मेहमान पहले हमारे परिवार की आँख से मिलता है, फिर उसका अपना अध्याय आता है।