पंचांग 2027

उनतालीस लंकाएँ पंचांग 2027 · भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी

अनंत चतुर्दशी 2027

Anant Chaturdashi 2027

चौदह गाँठें, और हर गाँठ में एक वचन।

अनंत चतुर्दशी 2027 में 14 सितंबर, मंगलवार को है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि 14 सितंबर, रात 12:40 से 15 सितंबर, रात 2:49 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

अनंत चतुर्दशी का शुभकामना कार्ड, WhatsApp पर भेजिए

उस शाम का चाँद, 98 प्रतिशत रोशन

एक लाल धागा। उँगलियाँ उसमें गाँठ लगाती हैं।

एक। दो। तीन। माँ गिनती ज़ोर से बोलती है, ताकि बेटी भी सीख ले।

चौदह पर धागा रुकता है।

थाली में पंचामृत है। धागा उसमें पाँच बार घुमाया जाता है।

फिर वह पिता की दाईं बाँह पर बँधता है। दूसरा धागा माँ की अपनी बाईं बाँह पर।

बेटी पूछती है, इसे कब तक पहनेंगे?

माँ कहती है, पहले कथा सुन। उसमें एक आदमी ने इसे आग में डाल दिया था।

2027 में कब

अनंत चतुर्दशी 2027: तारीख़, तिथि और मुहूर्त

तारीख़14 सितंबर, मंगलवार

तिथिभाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी14 सितंबर, रात 12:40 से 15 सितंबर, रात 2:49 तक

नक्षत्रधनिष्ठासूर्योदय के समय

सूर्योदयसुबह 6:05

सूर्यास्तशाम 6:28

चंद्रोदयशाम 5:30

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शुभकामना

अनंत चतुर्दशी का शुभकामना कार्ड

अनंत चतुर्दशी का शुभकामना कार्ड: अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएँ, मनु विश्रांति

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पहचान

अनंत चतुर्दशी क्या है

अनंत चतुर्दशी भादों यानी भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चौदहवीं तिथि, चतुर्दशी को होती है। इस दिन विष्णु के अनंत रूप की पूजा होती है, जिसे शेषनाग से जोड़ा जाता है। पूजा में चौदह गाँठ वाला धागा, अनंत सूत्र, बाँह पर बाँधा जाता है। यही दिन दस दिन के गणेश उत्सव का आख़िरी दिन भी है, जब गणेश की मूर्तियाँ पानी में विदा होती हैं। और दिगंबर जैन समाज के लिए यह दसलक्षण पर्व का दसवाँ और आख़िरी दिन है, जिसे वे अनंत चौदस कहते हैं।

कथा

अनंत चतुर्दशी की कथा

यह कथा अनंत व्रत की है। कुछ लोग इसे महाभारत से जोड़ते हैं, और कुछ परंपराएँ कहती हैं कि अनंत व्रत की पूरी विधि भविष्योत्तर पुराण में है। कथा ऐसे सुनाई जाती है: सुमंत नाम के एक ब्राह्मण थे। उनकी बेटी सुशीला की माँ बचपन में ही चल बसीं, और सौतेली माँ कर्कशा उससे बहुत कड़वा बर्ताव करती थी। सुशीला का ब्याह ऋषि कौंडिन्य से हुआ। विदा के समय पिता के पास देने को बस थोड़ा सा भुना हुआ आटा था।

ससुराल जाते हुए रास्ते में एक नदी आई। किनारे पर कुछ औरतें अनंत की पूजा कर रही थीं। सुशीला ने पूछा, यह कौन सा व्रत है? उन्होंने बताया कि इससे पुण्य मिलता है और घर सुरक्षित रहता है। सुशीला ने भी व्रत किया और चौदह गाँठ वाला धागा अपनी कलाई पर बाँध लिया। नए गाँव में दोनों का अच्छा स्वागत हुआ, और धीरे धीरे घर में धन आने लगा।

एक दिन कौंडिन्य ने वह धागा देखा। जब पता चला कि सुशीला इसे अपने सुख की वजह मानती है, तो उन्हें बुरा लगा: यह सब तो मेरी मेहनत है। उन्होंने धागा उतारकर आग में डाल दिया। सुशीला ने अधजला धागा निकाला और दूध में भिगो दिया। पर उसके बाद घर पर दुख टूट पड़ा। धन गया, पशु गए, अपने लोग साथ छोड़ गए, और घर तक जल गया। कौंडिन्य समझ गए कि यह अनंत के अपमान का फल है।

वे अनंत को ढूँढने निकल पड़े। रास्ते में जो जीव मिला, जो तालाब मिला, सबसे पूछते रहे: अनंत कहाँ हैं? रास्ते में उन्होंने कई अजीब चीज़ें देखीं। आख़िर अनंत एक बूढ़े ब्राह्मण के रूप में सामने आए, उन अजीब चीज़ों का मतलब समझाया और कौंडिन्य को माफ़ कर दिया। उन्होंने कहा, चौदह बरस यह व्रत रखो। कौंडिन्य और सुशीला ने वैसा ही किया, और उनका घर फिर बस गया। इसीलिए धागे में चौदह गाँठें हैं, और कई घरों में यह व्रत चौदह बरस तक रखा जाता है।

कहाँ कैसे

अनंत चतुर्दशी कहाँ कैसे मनाया जाता है

  • बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल

    लकड़ी के पाटे पर सिंदूर या कुमकुम की चौदह लकीरें खींची जाती हैं, उन पर चौदह पूरियाँ और चौदह पुए रखे जाते हैं, और पंचामृत की कटोरी। अनंत सूत्र पंचामृत में पाँच बार घुमाकर मर्द दाईं बाँह पर कोहनी के ऊपर और औरतें बाईं बाँह पर बाँधती हैं, और चौदह दिन बाद उतारते हैं।

  • कर्नाटक के माध्व घर

    दो कलश रखे जाते हैं, एक यमुना का और एक अनंत का, और पहले यमुना की पूजा होती है। सात दर्भ घास बाँधकर अनंत के सात फन बनाए जाते हैं, चौदह तरह के फूल और पत्ते चढ़ते हैं, और अतिरस का भोग लगता है।

  • मुंबई और महाराष्ट्र

    गणेश उत्सव का यह आख़िरी दिन है। मुंबई में गणपति के जुलूस सुबह से निकलते हैं और रात भर चलते रहते हैं। भीड़ गिरगाँव चौपाटी और जुहू के समुद्र तट पर उमड़ती है, और ढोल ताशे थमते नहीं।

  • दिगंबर जैन समाज

    दसलक्षण पर्व के दस दिनों में हर दिन आत्मा के दस धर्मों में से एक पर ध्यान किया जाता है, जो तत्त्वार्थ सूत्र से लिए गए हैं, और उपवास और संयम रखा जाता है। अनंत चौदस इसका आख़िरी दिन है, जब कई जगह जुलूस निकलता है। जैन परंपरा में मान्यता है कि बारहवें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य का निर्वाण इसी दिन हुआ। अगले दिन क्षमावाणी होती है, जब सबसे जाने अनजाने हुई भूल के लिए क्षमा माँगी जाती है।

रीत

अनंत चतुर्दशी के दिन क्या करते हैं

  1. विष्णु के अनंत रूप की षोडशोपचार पूजा होती है, यानी सोलह चीज़ों से की जाने वाली पूरी पूजा।
  2. पूजा में चौदह गाँठ वाला लाल धागा, अनंत सूत्र, रखा जाता है।
  3. धागा पंचामृत में घुमाकर बाँह पर बाँधा जाता है: मर्द दाईं बाँह पर, औरतें बाईं पर।
  4. बहुत से लोग इस दिन व्रत रखते हैं और सुशीला और कौंडिन्य की कथा सुनते हैं।
  5. जिन घरों में व्रत चौदह बरस का होता है, वहाँ हर साल धागा बदला जाता है।
  6. गणेश उत्सव वाले घरों और पंडालों में इसी दिन जुलूस निकालकर गणेश की मूर्ति पानी में विदा की जाती है।

रसोई

अनंत चतुर्दशी का खाना

  • पुआ मीठे पुए, जो बिहार और नेपाल में अनंत के पाटे पर चौदह की गिनती में रखे जाते हैं।
  • पूरी चौदह पूरियाँ, पुओं के साथ पाटे पर।
  • पंचामृत दूध, दही, गुड़ या चीनी, शहद और घी, जिसमें अनंत सूत्र घुमाया जाता है।
  • अतिरस कर्नाटक के माध्व घरों का भोग।

सवाल जवाब

अनंत चतुर्दशी 2027: पूछे जाने वाले सवाल

अनंत चतुर्दशी 2027 कब है?

अनंत चतुर्दशी 2027 में 14 सितंबर, मंगलवार को है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि 14 सितंबर, रात 12:40 से 15 सितंबर, रात 2:49 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

अनंत सूत्र में चौदह गाँठें क्यों होती हैं?

चौदह गाँठें विष्णु के अनंत रूप की निशानी मानी जाती हैं। कुछ लोग इन्हें चौदह लोकों से भी जोड़ते हैं, और कथा में अनंत ने चौदह बरस व्रत रखने को कहा था।

अनंत सूत्र किस हाथ में बाँधते हैं?

बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल की रीत में मर्द दाईं बाँह पर कोहनी के ऊपर और औरतें बाईं बाँह पर बाँधती हैं।

अनंत सूत्र कब उतारते हैं?

आम रीत में इसे चौदह दिन बाद उतारा जाता है।

अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन क्यों होता है?

गणेश उत्सव गणेश चतुर्थी से दस दिन चलता है और अनंत चतुर्दशी उसका आख़िरी दिन है। इसी दिन मूर्तियाँ जुलूस के साथ पानी में विदा की जाती हैं।

जैन धर्म में अनंत चतुर्दशी का क्या महत्व है?

दिगंबर जैनों के लिए यह दसलक्षण पर्व का आख़िरी दिन, अनंत चौदस है। इसके अगले दिन क्षमावाणी होती है।

स्रोत

यह पन्ना किन स्रोतों से मिलाकर लिखा गया

  1. Ananta Chaturdashi, Wikipediaतिथि, अनंत सूत्र, कथा, बिहार और नेपाल की रीत, दसलक्षण और क्षमावाणी
  2. Ananta Chaturdashi Vrata, Madhwa Sakhaसुमंत, कर्कशा, भुना आटा, अधजला धागा दूध में, भविष्योत्तर पुराण, माध्व विधि
  3. Why 14 knots are tied in the Anant Sutra, Free Press Journalचौदह लोक, गणेश उत्सव का आख़िरी दिन
  4. Paryushana, Wikipediaदसलक्षण पर्व, तत्त्वार्थ सूत्र के दस धर्म
  5. 10 Days of Das Lakshan Parva, GoSharpenerअनंत चौदस आख़िरी दिन, वासुपूज्य, जुलूस, क्षमावाणी
  6. Kshamavani, Wikipediaक्षमावाणी का भाव
  7. Ganesh Chaturthi, Drik Panchangअनंत चतुर्दशी को विसर्जन, जुलूस
  8. Ganesh Chaturthi in Maharashtra, Bhakti Bharatमुंबई का लंबा विसर्जन, गिरगाँव और जुहू

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