पंचांग 2027
दो हज़ार अट्ठाईस लकीरें, उनतालीस लंकाएँ खंड 3, मनु विश्रांति: आवरण। भोर की धूप में एक पुराना मेहराबदार द्वार, उसके टूटे फाटक खुले, और आसपास उजड़ा हुआ नगर। ऊपर धुंध में लाल लकीरों की कतारें।

उनतालीस लंकाएँ · खंड 3

दो हज़ार अट्ठाईस लकीरें

Do Hazar Atthais Lakeeren · Two Thousand Twenty Eight Lines

प्रकाशन की तैयारी में

जगह छीनी नहीं जाती। दी जाती है।

कहानी

1987 के उस रविवार से अम्मा हर रविवार दीवार पर एक लाल लकीर खींचती आई हैं। अब तक दो हज़ार अट्ठाईस लकीरें हो चुकी हैं। हर दिवाली पूरा घर पुतता है, बस वह दीवार नहीं।

तीसरी रात पाँचवीं अम्मा होंगी। उम्र चौहत्तर, हाथ में छड़ी, और ऐसे घुटने कि सब मना करते हैं। अम्मा बस इतना कहती हैं, “उनतालीस साल हमने हर रविवार एक लकीर खींचकर इंतज़ार किया है, और तुम हमें घुटने गिनाओगे?”

फ़ोन में बस इक्कीस प्रतिशत बैटरी है, और गिनती के पल धनुषकोडि की हवा अम्मा का पल्लू उनके चेहरे पर डाल देती है। दरवाज़ा फिर भी 1987 वाली लंका में खुलता है, उसी रविवार की लंका में। पर उस लंका की छतें जलती हैं, और बचने का दूसरा रास्ता बस ढलते सूरज तक खुला है।

पचानवे बरस से एक राजा लंकाओं में किसी की जगह माँग रहा है। गाथा के इस आख़िरी खंड में सवाल बदल जाता है: कौन अपनी जगह ख़ुद देगा?

इस खंड की लंकाएँ

किन कथाओं की लंका में

हर कथा का अपना पन्ना है, लंका की खोज खेल के हिस्से में: वह किसकी है, कहाँ की है, और सुंदरकांड के पल उसमें कैसे कहे गए।

आवरण

आवरण पर

भोर की धूप में एक पुराना मेहराबदार द्वार, उसके टूटे फाटक खुले, और आसपास उजड़ा हुआ नगर। ऊपर धुंध में लाल लकीरों की कतारें।

दो हज़ार अट्ठाईस लकीरें, उनतालीस लंकाएँ खंड 3: आगे का आवरण
आगे का आवरण
दो हज़ार अट्ठाईस लकीरें, उनतालीस लंकाएँ खंड 3: पीछे का आवरण, जगह छीनी नहीं जाती। दी जाती है।
पीछे का आवरण

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

दो हज़ार अट्ठाईस लकीरें किसकी किताब है?

मनु विश्रांति की। यह उनकी हिंदी उपन्यास गाथा उनतालीस लंकाएँ का खंड 3 है।

दो हज़ार अट्ठाईस लकीरें में कौन कौन है?

अदा, अन्नू, कुंदन, तेनज़िन, अम्मा, और राजा भानुप्रताप।

दो हज़ार अट्ठाईस लकीरें में कौन सी रामकथाएँ आती हैं?

रामावतारचरित, पउमचरिय, वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस।

दो हज़ार अट्ठाईस लकीरें कब और कहाँ से मिलेगी?

तीनों खंड लिखे जा चुके हैं, और प्रकाशन की तैयारी में हैं। छपते ही यह पन्ना बताएगा कि यह कहाँ से मिलेगी।