उनतालीस लंकाएँ पंचांग 2027
गुड फ़्राइडे 2027
Good Friday 2027
एक क्रूस, सात वचन, और फिर एक लंबी ख़ामोशी।
गुड फ़्राइडे 2027 में 26 मार्च, शुक्रवार को है।
एक घुटना ठंडे फ़र्श को छूता है।
सामने दीवार पर लकड़ी में खुदी एक तस्वीर है: एक आदमी, कंधे पर क्रूस।
पादरी जी धीमे से कुछ पढ़ते हैं। लोग उठते हैं, और अगली तस्वीर तक चलते हैं।
ऐसी चौदह तस्वीरें हैं। तीसरी में वह गिरता है। चौथी में उसकी माँ सामने है।
लोबान का धुआँ। सफ़ेद और काले कपड़े। कोई गाता है, तो बहुत धीमे, उदास सुर में।
बारहवीं तस्वीर के आगे सब देर तक रुके रहते हैं।
लूका का सुसमाचार कहता है, क्रूस पर से उसकी पहली बात अपने लिए नहीं थी। उसने उनके लिए माफ़ी माँगी थी, जो उसे क्रूस पर चढ़ा रहे थे।
2027 में कब
गुड फ़्राइडे 2027: तारीख़, तिथि और मुहूर्त
तारीख़26 मार्च, शुक्रवार
नक्षत्रविशाखासूर्योदय के समय
सूर्योदयसुबह 6:19
सूर्यास्तशाम 6:36
चंद्रोदयरात 10:46
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पहचान
गुड फ़्राइडे क्या है
गुड फ़्राइडे ईस्टर से पहले वाला शुक्रवार है। इस दिन ईसाई ईसा मसीह, यानी यीशु, के क्रूस पर चढ़ाए जाने और उनकी मृत्यु को याद करते हैं। दूसरी सदी से ही ईसाई इस दिन उपवास और प्रायश्चित करते आए हैं। यह पवित्र सप्ताह का दिन है, जो खजूर इतवार से शुरू होता है; उसके बाद पुण्य बृहस्पतिवार को अंतिम भोज की याद है, और फिर यह शुक्रवार। इसकी तारीख़ ईस्टर के साथ हर साल बदलती है। कैथोलिक कलीसिया इस दिन मिस्सा नहीं करती, और ऑर्थोडॉक्स कलीसियाएँ इसे महान शुक्रवार कहती हैं। यह शोक और प्रार्थना का दिन है।
कथा
गुड फ़्राइडे की कथा
यह कथा सुसमाचारों में है। गिरजाघरों की दीवारों पर लगी चौदह तस्वीरें, जिन्हें क्रूस का रास्ता कहते हैं, उसे क्रम से कहती हैं, और इनमें कुछ पड़ाव कलीसिया की परंपरा से आए हैं। रोमी हाकिम पिलातुस ने यीशु को मौत की सज़ा सुनाई। यीशु ने अपना क्रूस उठाया और चल पड़े। परंपरा कहती है कि रास्ते में वे तीन बार गिरे। एक जगह उनकी माँ मरियम उनके सामने आईं। कुरेन के शमौन से ज़बरदस्ती क्रूस उठवाया गया। परंपरा कहती है कि वेरोनिका नाम की एक स्त्री ने उनका चेहरा पोंछा। उन्होंने यरूशलेम की रोती हुई स्त्रियों से बात की।
कलवरी पहुँचकर उनके कपड़े उतारे गए, उन्हें कीलों से क्रूस पर जड़ा गया, और वहीं उनकी मृत्यु हुई। फिर उन्हें क्रूस से उतारा गया। परंपरा में उन्हें माँ की गोद में रखा गया, और फिर अरिमतिया के यूसुफ़ ने उन्हें क़ब्र में रखा।
क्रूस पर से यीशु ने जो बातें कहीं, उन्हें सात वचन कहते हैं। वे अलग अलग सुसमाचारों में हैं। पहला वचन लूका के सुसमाचार (अध्याय 23, पद 34) में है: Father, forgive them; for they know not what they do. सरल हिंदी में: हे पिता, इन्हें माफ़ कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।
बाक़ी वचन ये हैं। आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा (लूका 23, पद 43)। माँ से: देख, यह तेरा बेटा; और चेले से: देख, यह तेरी माँ (यूहन्ना 19, पद 26 और 27)। हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया (मत्ती 27, पद 46; मरकुस 15, पद 34)। मैं प्यासा हूँ (यूहन्ना 19, पद 28)। पूरा हुआ (यूहन्ना 19, पद 30)। और आख़िरी, जो लूका के अनुसार उन्होंने ऊँची आवाज़ में पुकारकर कहा और फिर प्राण छोड़ दिए: हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूँ (लूका 23, पद 46)।
कहाँ कैसे
गुड फ़्राइडे: कहाँ और कैसे
इंफाल, मणिपुर
गिरजाघरों में लंबी प्रार्थना सभा होती है, जिसमें सब समुदायों, शांति और देश की भलाई के लिए प्रार्थना की जाती है।
तिरुवनंतपुरम, केरल
पालयम के सेंट जोसेफ़ मेट्रोपॉलिटन कैथेड्रल में लोग प्रार्थना के लिए जुटते हैं।
केरल की ऑर्थोडॉक्स कलीसियाएँ
इस दिन नेर्चा कंजी, यानी चावल की कांजी, केले के पत्ते पर तोरन, कटहल की सब्ज़ी या अवियल के साथ परोसी जाती है।
लखनऊ
हज़रतगंज के सेंट जोसेफ़ कैथेड्रल में लोग जुटते हैं, और पादरी क्रूस पर यीशु की मृत्यु का अर्थ समझाते हैं।
बेलगावी, कर्नाटक
यह दिन प्रार्थना, उपवास और प्रायश्चित में बीतता है।
याद
गुड फ़्राइडे कैसे याद किया जाता है
- इस दिन उपवास और प्रायश्चित किया जाता है।
- क्रूस का रास्ता: लोग चौदह तस्वीरों के आगे एक एक करके रुकते हैं, घुटना टेकते हैं, प्रार्थना करते हैं और पादरी का मनन सुनते हैं।
- कैथोलिक गिरजाघरों में दोपहर बाद की आराधना के तीन हिस्से होते हैं: यूहन्ना के अनुसार दुःखभोग का पाठ और प्रार्थनाएँ, क्रूस की वंदना, और परम प्रसाद।
- इस दिन मिस्सा नहीं होता।
- एंग्लिकन, लूथरन और दूसरी प्रोटेस्टेंट कलीसियाओं में तीन घंटे की आराधना होती है, जो क्रूस के सात वचनों पर टिकी होती है।
- उदास भजन, लोबान का धुआँ और सफ़ेद या काले कपड़े इस दिन को गंभीर बनाते हैं।
- ऑर्थोडॉक्स कलीसियाओं में शाम की प्रार्थना में यीशु की छवि वाला एक कपड़ा उनके दफ़न की याद में जुलूस में ले जाया जाता है।
रसोई
गुड फ़्राइडे का खाना
- नेर्चा कंजी केरल की ऑर्थोडॉक्स कलीसियाओं में परोसी जाने वाली सादी चावल की कांजी, तोरन, कटहल या अवियल के साथ।
सवाल जवाब
गुड फ़्राइडे 2027: पूछे जाने वाले सवाल
गुड फ़्राइडे 2027 कब है?
गुड फ़्राइडे 2027 में 26 मार्च, शुक्रवार को है।
गुड फ़्राइडे पर क्या होता है?
ईसाई यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने और उनकी मृत्यु को याद करते हैं। उपवास होता है, क्रूस का रास्ता प्रार्थना में चला जाता है, और गिरजाघरों में दुःखभोग का पाठ और क्रूस की वंदना होती है।
क्या गुड फ़्राइडे पर बधाई देते हैं?
नहीं। यह शोक, उपवास और प्रायश्चित का दिन है। लोग चुपचाप प्रार्थना करते हैं; ख़ुशी का दिन ईस्टर है।
क्रूस के रास्ते के चौदह पड़ाव क्या हैं?
ये पिलातुस की सज़ा से लेकर क़ब्र में रखे जाने तक के चौदह दृश्य हैं: क्रूस उठाना, तीन बार गिरना, माँ से मिलना, शमौन की मदद, कीलों से जड़ा जाना, मृत्यु, और अरिमतिया के यूसुफ़ का उन्हें क़ब्र में रखना।
यीशु के सात वचन कौन से हैं?
हे पिता, इन्हें माफ़ कर; आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा; देख, यह तेरा बेटा और यह तेरी माँ; हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया; मैं प्यासा हूँ; पूरा हुआ; और हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूँ।
गुड फ़्राइडे के बाद ईस्टर क्यों आता है?
सुसमाचारों के अनुसार शुक्रवार को यीशु को क्रूस पर चढ़ाया गया और क़ब्र में रखा गया, और तीसरे दिन, इतवार को, वे जी उठे। उस इतवार की याद ईस्टर है।
स्रोत
यह पन्ना किन स्रोतों से मिलाकर लिखा गया
- Good Friday, Britannica Kids (students)उपवास और प्रायश्चित, आराधना के तीन हिस्से, तीन घंटे की आराधना, ऑर्थोडॉक्स महान शुक्रवार
- Stations of the Cross, Encyclopaedia Britannicaचौदह पड़ाव, पिलातुस से क़ब्र तक
- Understanding the 14 Stations of the Cross, Indian Catholic Mattersचौदह पड़ावों के नाम, घुटना टेकना, लोबान, उदास भजन
- The Seven Last Words of Christ, Indian Catholic Mattersसात वचन और उनके संदर्भ
- Good Friday, Indian Catholic Mattersइस दिन मिस्सा नहीं, भारत में उपवास और प्रायश्चित, बेलगावी
- Luke 23, King James Version, eBibleलूका 23 के पद 34, 43 और 46 का पाठ
- Good Friday at churches in Imphal, Kerala, Tamil Nadu, Lucknow, LatestLYइंफाल, तिरुवनंतपुरम और लखनऊ के गिरजाघर
- Easter in India, Sahapediaकेरल की ऑर्थोडॉक्स कलीसियाओं की नेर्चा कंजी
तिथि, नक्षत्र और समय: स्विस एफ़ेमेरिस से, लाहिड़ी अयनांश, नई दिल्ली। त्योहारों की तारीख़ें भारत सरकार की 2027 की छुट्टियों की सूची और प्रचलित पंचांगों से मिलाई गई हैं।