पंचांग 2027

उनतालीस लंकाएँ पंचांग 2027

ईद उल फ़ित्र 2027

Eid ul Fitr 2027

एक महीने के रोज़े, और आख़िर में आसमान की एक पतली सी लकीर।

ईद उल फ़ित्र 2027 में 10 मार्च, बुधवार को होने की उम्मीद है। पक्की तारीख़ चाँद दिखने पर तय होती है, इसलिए एक दिन आगे पीछे हो सकती है।

ईद उल फ़ित्र का शुभकामना कार्ड, WhatsApp पर भेजिए

उस शाम का चाँद, 5 प्रतिशत रोशन

छत पर सब एक ही तरफ़ देख रहे हैं, पश्चिम की ओर।

सूरज अभी अभी डूबा है। नारंगी के बाद हल्का नीला।

एक बच्चा उँगली उठाता है, फिर नीचे कर लेता है। बादल का टुकड़ा था।

नीचे गली में इफ़्तार के बाद शरबत के ख़ाली गिलास समेटे जा रहे हैं।

तभी मस्जिद की ओर से आवाज़ आती है: चाँद देख लिया गया है।

छत पर कोई हँस पड़ता है। कोई किसी को गले लगा लेता है। कल रोज़ा नहीं, कल ईद।

बाज़ार की ओर से चूड़ियों की खनक आती है, मेहँदी की गंध भी। आज चाँद रात है।

पूरा एक महीना भूख और प्यास के साथ गुज़रा। अब आसमान की उस पतली लकीर ने कह दिया है: गिनती पूरी हुई।

2027 में कब

ईद उल फ़ित्र 2027: तारीख़, तिथि और मुहूर्त

तारीख़10 मार्च, बुधवार

नक्षत्रउत्तरा भाद्रपदसूर्योदय के समय

सूर्योदयसुबह 6:37

सूर्यास्तशाम 6:26

चंद्रोदयसुबह 7:23

भारत सरकार की 2027 की छुट्टियों की सूची में ईद उल फ़ित्र 10 मार्च को है। चाँद एक दिन पहले या बाद में दिखे, तो ईद भी उसी हिसाब से होगी।

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शुभकामना

ईद उल फ़ित्र का शुभकामना कार्ड

ईद उल फ़ित्र का शुभकामना कार्ड: ईद मुबारक, मनु विश्रांति

अपनों को ईद मुबारक भेजिए, इस बरस की तारीख़ और उस दिन की बात के साथ। कार्ड पर QR कोड है, जिससे तारीख़, कथा और मुहूर्त भी साथ पहुँचते हैं।

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पहचान

ईद उल फ़ित्र क्या है

ईद उल फ़ित्र रमज़ान के पूरे महीने के रोज़ों के बाद आती है। यह रमज़ान के बाद वाले महीने शव्वाल की पहली तारीख़ है। फ़ित्र का मतलब है खोलना, यानी रोज़े का खुलना; इफ़्तार शब्द भी इसी से जुड़ा है। इस्लामी महीने चाँद से चलते हैं। रमज़ान के उनतीसवें रोज़े की शाम नया चाँद दिख जाए तो अगले दिन ईद होती है; न दिखे तो तीसवाँ रोज़ा रखा जाता है और उसके बाद ईद। इसलिए ईद की तारीख़ एक दिन आगे पीछे हो सकती है, और कभी देश के अलग अलग हिस्सों में अलग दिन भी पड़ती है। इस पन्ने पर दी गई तारीख़ हिसाब से निकाली गई है। पक्की बात चाँद देखने वाली कमेटियाँ उनतीसवें रोज़े की शाम बताती हैं।

कथा

ईद उल फ़ित्र की कथा

रमज़ान इस्लाम में रोज़ों का महीना है, और रोज़ा इस्लाम के पाँच बुनियादी फ़र्ज़ों में से एक है। पूरे महीने भोर से पहले सहरी खाई जाती है, फिर दिन भर न खाना, न पानी। सूरज डूबने पर इफ़्तार से रोज़ा खुलता है।

क़ुरआन की सूरह अल बक़रह (सूरह 2, आयत 185) में रोज़ों के बारे में कहा गया है कि गिनती पूरी करो, और अल्लाह की बड़ाई बयान करो कि उसने तुम्हें राह दिखाई, ताकि तुम शुक्र करो। ईद इसी गिनती के पूरे होने का दिन है। इसीलिए ईद की रात और सुबह तकबीर पढ़ी जाती है, यानी अल्लाह की बड़ाई के बोल।

पर ईद अकेले की ख़ुशी नहीं। ईद की नमाज़ से पहले हर वह मुसलमान जिसकी हैसियत है, फ़ितरा देता है, जिसे ज़कात उल फ़ित्र भी कहते हैं: अनाज या पैसा, ज़रूरतमंदों के लिए। मक़सद यह कि जिनके पास कुछ नहीं, वे भी उस दिन नए कपड़े और खाना ले सकें। कुछ हदीसों में क़ुरआन की सूरह अल आला (सूरह 87) की आयत 14 और 15 को, जिनमें ख़ुद को पाक करने और अपने रब का नाम लेकर नमाज़ पढ़ने वाले की कामयाबी की बात है, फ़ितरे और ईद की नमाज़ से जोड़ा गया है।

फिर आती है सुबह। ग़ुस्ल, नए या साफ़ कपड़े, और नमाज़ से पहले कुछ मीठा, ख़ासकर खजूर। लोग ईदगाह या बड़ी मस्जिदों में जुटते हैं, इमाम के पीछे दो रकअत नमाज़ पढ़ते हैं, फिर ख़ुत्बा सुनते हैं। नमाज़ के बाद छोटे बड़े सब गले मिलते हैं और कहते हैं: ईद मुबारक।

कहाँ कैसे

ईद उल फ़ित्र: कहाँ और कैसे

  • दिल्ली

    जामा मस्जिद और दिल्ली गेट व ओखला की ईदगाहों पर सुबह सवेरे से नमाज़ियों की भीड़ जुटती है।

  • हैदराबाद

    मक्का मस्जिद और मीर आलम ईदगाह में बड़ी नमाज़ होती है। चाँद रात को चारमीनार के बाज़ार कपड़ों, चूड़ियों और मेहँदी के लिए देर तक खुले रहते हैं।

  • श्रीनगर और मुंबई

    श्रीनगर में हज़रतबल और मुंबई में हाजी अली ईद की नमाज़ की जानी मानी जगहें हैं।

  • उज्जैन

    ईदगाह पर शहर क़ाज़ी नमाज़ पढ़ाते हैं। नमाज़ के बाद लोग गले मिलते हैं, और बाहर लगे मेले में बच्चे झूले झूलते हैं।

  • केरल, लेह और कारगिल

    किसी किसी साल यहाँ चाँद एक शाम पहले देख लिया जाता है, और ईद बाक़ी देश से एक दिन पहले हो जाती है।

रीत

ईद उल फ़ित्र के दिन क्या करते हैं

  1. रमज़ान भर भोर से पहले सहरी और सूरज डूबने पर इफ़्तार।
  2. उनतीसवें रोज़े की शाम चाँद देखा जाता है; चाँद दिखे तो वह रात चाँद रात कहलाती है और बाज़ार देर तक खुले रहते हैं।
  3. चाँद रात को औरतें और लड़कियाँ मेहँदी लगाती हैं और काँच की चूड़ियाँ ख़रीदती हैं।
  4. ईद की नमाज़ से पहले फ़ितरा दिया जाता है; इसकी रक़म हर जगह की मस्जिद कमेटियाँ और वक़्फ़ बोर्ड बताते हैं, और इसे अनाज या उसकी क़ीमत में दिया जा सकता है।
  5. सुबह ग़ुस्ल, नए या साफ़ कपड़े, और नमाज़ से पहले कुछ मीठा, ख़ासकर खजूर।
  6. ईदगाह या मस्जिद में ईद की दो रकअत नमाज़, फिर ख़ुत्बा।
  7. नमाज़ के बाद गले मिलना, ईद मुबारक कहना, और रिश्तेदारों व दोस्तों के घर जाना।
  8. बड़े बच्चों को ईदी देते हैं, यानी पैसे या छोटे तोहफ़े।

रसोई

ईद उल फ़ित्र का खाना

  • सेवइयाँ बारीक सेंवई, ईद के दिन हर घर की पहचान।
  • शीर ख़ुरमा ईद की सुबह का सबसे जाना माना मीठा, जो घर घर पकता है।
  • बिरयानी, कबाब और क़ोरमा दोपहर की दावत के पकवान।
  • शीरमाल हल्की मीठी रोटी, जो ईद की दावत में परोसी जाती है।

सवाल जवाब

ईद उल फ़ित्र 2027: पूछे जाने वाले सवाल

ईद उल फ़ित्र 2027 कब है?

ईद उल फ़ित्र 2027 में 10 मार्च, बुधवार को होने की उम्मीद है। पक्की तारीख़ चाँद दिखने पर तय होती है, इसलिए एक दिन आगे पीछे हो सकती है।

ईद उल फ़ित्र की तारीख़ एक दिन आगे पीछे क्यों हो जाती है?

ईद शव्वाल की पहली तारीख़ है, और इस्लामी महीना नया चाँद दिखने से शुरू होता है। उनतीसवें रोज़े की शाम चाँद दिखे तो अगले दिन ईद, न दिखे तो तीसवें रोज़े के बाद। इसलिए हिसाब की तारीख़ एक दिन खिसक सकती है।

फ़ितरा क्या है और कब देना होता है?

फ़ितरा, यानी ज़कात उल फ़ित्र, वह दान है जो हैसियत वाला हर मुसलमान ईद की नमाज़ से पहले देता है, ताकि ग़रीब भी ईद पर खाना और कपड़े ले सकें।

फ़ितरा कितना होता है?

भारत में इसकी एक ही रक़म तय नहीं है। हर इलाक़े की मस्जिद कमेटियाँ और वक़्फ़ बोर्ड बताते हैं, और यह अनाज में या उसकी क़ीमत के बराबर पैसों में दिया जाता है।

ईदी किसे कहते हैं?

ईद के दिन बड़े जो पैसे या छोटे तोहफ़े बच्चों को देते हैं, उसे ईदी कहते हैं।

क्या ईद के दिन रोज़ा रख सकते हैं?

नहीं। ईद के दिन रोज़ा रखना मना है। उलटे, नमाज़ से पहले कुछ मीठा, ख़ासकर खजूर, खाना अच्छा माना गया है।

ईद उल फ़ित्र और ईद उल अज़हा में क्या फ़र्क़ है?

ईद उल फ़ित्र रमज़ान के रोज़ों के बाद शव्वाल की पहली तारीख़ को होती है। ईद उल अज़हा, यानी बकरीद, ज़िल हिज्जा की दसवीं तारीख़ को हज के दिनों में होती है और क़ुर्बानी की ईद है।

स्रोत

यह पन्ना किन स्रोतों से मिलाकर लिखा गया

  1. Eid al-Fitr, WikiShiaफ़ित्र का मतलब, चाँद से तारीख़, ईद की नमाज़, तकबीर, खजूर, क़ुरआन की सूरह 2 आयत 185 और सूरह 87 आयत 14
  2. Eid al-Fitr, BankBazaar Indian holidaysरोज़ा, सहरी, इफ़्तार, शव्वाल, फ़ितरा, नमाज़ की जगहें
  3. Eid al-Fitr in India: chand raat and traditions, Outlook Indiaचाँद रात, मेहँदी, चूड़ियाँ, फ़ितरा, ईदी, शीर ख़ुरमा
  4. Eid ul Fitr in India, Wegoदिल्ली और हैदराबाद की ईदगाहें, फ़ितरे की रक़म, शीरमाल
  5. Eid ul Fitr: crescent moon not sighted, ETV Bharatचाँद कमेटियाँ, तीसवाँ रोज़ा, केरल लेह कारगिल में एक दिन पहले ईद
  6. Collective prayers offered at Eidgah, Free Press Journalउज्जैन की ईदगाह, गले मिलना, मेला, सेवइयाँ, ईदी

तिथि, नक्षत्र और समय: स्विस एफ़ेमेरिस से, लाहिड़ी अयनांश, नई दिल्ली। त्योहारों की तारीख़ें भारत सरकार की 2027 की छुट्टियों की सूची और प्रचलित पंचांगों से मिलाई गई हैं।