पंचांग 2027

उनतालीस लंकाएँ पंचांग 2027

ईस्टर 2027

Easter 2027

पत्थर लुढ़का हुआ था। क़ब्र ख़ाली थी।

ईस्टर 2027 में 28 मार्च, रविवार को है।

ईस्टर का शुभकामना कार्ड, WhatsApp पर भेजिए

उस शाम का चाँद, 64 प्रतिशत रोशन

पत्थरों की लंबी क़तारें। हर पत्थर पर एक नाम।

अभी अँधेरा पूरा नहीं छँटा। पहाड़ के पीछे आसमान में हल्की सी सफ़ेदी है।

क़ब्रों के बीच लोग खड़े हैं, शॉल में लिपटे। कुछ के हाथ में भजन की किताब।

कोई एक गाना शुरू करता है। फिर दूसरी आवाज़ें उसमें जुड़ती जाती हैं।

पहली किरण पत्थरों पर पड़ती है।

मौत की इतनी निशानियों के बीच, आज सुबह की प्रार्थना ज़िंदगी की है।

बहुत पहले, हफ़्ते के पहले दिन, बड़े तड़के, कुछ स्त्रियाँ ऐसी ही एक क़ब्र पर गई थीं। जिसे वे ढूँढने गई थीं, वह वहाँ नहीं था।

2027 में कब

ईस्टर 2027: तारीख़, तिथि और मुहूर्त

तारीख़28 मार्च, रविवार

नक्षत्रज्येष्ठासूर्योदय के समय

सूर्योदयसुबह 6:16

सूर्यास्तशाम 6:37

मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar

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शुभकामना

ईस्टर का शुभकामना कार्ड

ईस्टर का शुभकामना कार्ड: ईस्टर की शुभकामनाएँ, मनु विश्रांति

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पहचान

ईस्टर क्या है

ईस्टर कलीसिया का सबसे बड़ा पर्व है: यीशु मसीह के क्रूस पर मरने के बाद तीसरे दिन फिर जी उठने की याद। इसकी तारीख़ हर साल बदलती है। नियम 325 ईसवी की नाइसिया परिषद से चला आता है: 21 मार्च को या उसके बाद पड़ने वाली पहली पूर्णिमा के बाद का पहला इतवार। इस तरह ईस्टर 22 मार्च से 25 अप्रैल के बीच कभी भी आ सकता है। भारत की ज़्यादातर कलीसियाएँ यही पश्चिमी हिसाब मानती हैं, पर तारीख़ हर कलीसिया की अपनी परंपरा पर भी टिकी है, और ऑर्थोडॉक्स कलीसियाएँ कई बार ईस्टर अलग दिन रखती हैं। ईस्टर से पहले चालीस दिन का उपवास काल, लेंट, चलता है, और ईस्टर पर वह पूरा होता है।

कथा

ईस्टर की कथा

लूका के सुसमाचार में कथा है। शुक्रवार को क्रूस के बाद यीशु को क़ब्र में रखा गया था। हफ़्ते के पहले दिन, बड़े तड़के, कुछ स्त्रियाँ वे सुगंधित मसाले लेकर क़ब्र पर पहुँचीं जो उन्होंने तैयार किए थे। उन्होंने देखा कि पत्थर क़ब्र के मुँह से लुढ़का हुआ है। वे भीतर गईं, पर प्रभु यीशु का शरीर वहाँ नहीं था (लूका 24, पद 1 से 3)।

वे उलझन में थीं कि तभी चमकते कपड़ों में दो पुरुष उनके पास आ खड़े हुए। स्त्रियाँ डर गईं और ज़मीन की ओर मुँह झुका लिया। उन पुरुषों ने कहा: तुम जीवित को मरे हुओं में क्यों ढूँढती हो? He is not here, but is risen (लूका 24, पद 6)। सरल हिंदी में: वह यहाँ नहीं है, वह जी उठा है।

फिर उन्होंने याद दिलाया कि गलील में रहते हुए यीशु ने ख़ुद कहा था: मनुष्य के पुत्र को पापियों के हाथ सौंपा जाएगा, वह क्रूस पर चढ़ाया जाएगा, और तीसरे दिन फिर जी उठेगा (लूका 24, पद 7)। इसी ख़ाली क़ब्र की याद ईस्टर है।

कहते हैं, ईस्टर का अंडा भी उसी ख़ाली क़ब्र की निशानी है, जिससे नया जीवन निकला। अंडे रंगने की रीत तेरहवीं सदी से लिखी मिलती है, और ऑर्थोडॉक्स परंपरा में अंडे लाल रंगे जाते हैं, क्रूस पर बहे लहू की याद में।

कहाँ कैसे

ईस्टर: कहाँ और कैसे

  • गोवा

    आधी रात से कुछ पहले हर पल्ली में ईस्टर जागरण शुरू होता है; पुराने गोवा के से कैथेड्रल में आग जलाकर पास्का मोमबत्ती जलाई जाती है, बाइबिल के पाठ होते हैं, बपतिस्मा का जल आशीषित होता है, और कई जगह नवजातों का बपतिस्मा होता है। जागरण शुरू होते ही पूरे राज्य में गिरजाघरों की घंटियाँ बजती हैं।

  • पणजी, गोवा

    इमैक्युलेट कन्सेप्शन चर्च में जागरण गिरजाघर के बाहर होता है, और आख़िर में पवित्र संस्कार का जुलूस गिरजाघर के चारों ओर घूमता है।

  • केरल

    गिरजाघरों में आधी रात की आराधना होती है, जैसे कोच्चि के सेंट मैरी कैथेड्रल बेसिलिका में। लेंट में बहुत से लोग मछली, मांस और दूध से परहेज़ करते हैं, और पिरवम के ऑर्थोडॉक्स चर्च में ईस्टर के दिन बारह चेलों की याद में बारह लड़कों को भोज कराया जाता है, जिसे पैथल नेर्चा कहते हैं।

  • नागालैंड

    दूसरे विश्वयुद्ध के क़ब्रिस्तान में भोर की प्रार्थना होती है, जो सबके लिए खुली है। कोहिमा के गिरजाघरों में लोग हाथ में मोमबत्ती लिए नई पास्का मोमबत्ती के पीछे पीछे भीतर जाते हैं।

  • मुंबई

    सेंट माइकल चर्च जैसे गिरजाघरों में ईस्टर की ख़ास प्रार्थना के लिए बड़ी भीड़ जुटती है।

रीत

ईस्टर के दिन क्या करते हैं

  1. ईस्टर से पहले चालीस दिन लेंट: उपवास, प्रार्थना और भूखों को दान।
  2. पवित्र सप्ताह खजूर इतवार से शुरू होता है; केरल में खजूर की जगह अक्सर नारियल के कोमल पत्ते होते हैं।
  3. ईस्टर जागरण आग और रोशनी की आशीष से शुरू होता है, फिर पास्का मोमबत्ती जलती है।
  4. जागरण में पुराने नियम के पाठ होते हैं, पवित्र जल आशीषित होता है, और लोग अपने बपतिस्मा के वचन फिर से दोहराते हैं।
  5. जागरण यूखरिस्त, यानी परम प्रसाद, के साथ पूरा होता है।
  6. कई जगह आधी रात की आराधना होती है, और कई जगह भोर की प्रार्थना।
  7. आराधना के बाद लोग एक दूसरे को ईस्टर की बधाई देते हैं, और घरों में दावत होती है।
  8. बच्चों के लिए रंगे हुए अंडे ईस्टर की पहचान हैं।

रसोई

ईस्टर का खाना

  • अप्पम और मटन स्ट्यू केरल की ईस्टर सुबह की थाली; कई घरों में नारियल के साथ भुना बीफ़ भी।
  • विंदालू और सोरपोतेल गोवा के ईस्टर भोज के पकवान।
  • चिकन या पोर्क और चावल पूर्वोत्तर का ईस्टर खाना।
  • रंगे अंडे ख़ाली क़ब्र से निकले नए जीवन की निशानी।

सवाल जवाब

ईस्टर 2027: पूछे जाने वाले सवाल

ईस्टर 2027 कब है?

ईस्टर 2027 में 28 मार्च, रविवार को है।

ईस्टर की तारीख़ हर साल क्यों बदलती है?

ईस्टर 21 मार्च को या उसके बाद की पहली पूर्णिमा के बाद वाले इतवार को होता है। पूर्णिमा हर साल अलग दिन पड़ती है, इसलिए ईस्टर 22 मार्च से 25 अप्रैल के बीच खिसकता रहता है।

ईस्टर जागरण क्या होता है?

ईस्टर की रात की आराधना, जो आग और पास्का मोमबत्ती की आशीष से शुरू होती है। फिर बाइबिल के पाठ, पवित्र जल, बपतिस्मा के वचनों का दोहराना और यूखरिस्त होता है।

गुड फ़्राइडे और ईस्टर में क्या रिश्ता है?

गुड फ़्राइडे को यीशु को क्रूस पर चढ़ाया गया और क़ब्र में रखा गया। ईसाई मानते हैं कि तीसरे दिन, इतवार को, वे जी उठे, और उसी इतवार की याद ईस्टर है।

ईस्टर पर अंडे क्यों देते हैं?

ईस्टर का अंडा यीशु की ख़ाली क़ब्र और उससे निकले नए जीवन की निशानी माना जाता है। अंडे रंगने की रीत तेरहवीं सदी से मिलती है।

क्या सब कलीसियाएँ एक ही दिन ईस्टर रखती हैं?

ज़्यादातर भारतीय कलीसियाएँ पश्चिमी नियम मानती हैं, पर तारीख़ हर कलीसिया की परंपरा पर भी टिकी है, और ऑर्थोडॉक्स कलीसियाएँ कई बार ईस्टर किसी और इतवार को रखती हैं।

स्रोत

यह पन्ना किन स्रोतों से मिलाकर लिखा गया

  1. Easter, Britannica Kids (students)नाइसिया का नियम, 22 मार्च से 25 अप्रैल, पवित्र सप्ताह, लेंट, अंडों की रीत
  2. Luke 24, King James Version, Bibleserverख़ाली क़ब्र, लुढ़का पत्थर, तीसरे दिन जी उठना
  3. Easter in India, Sahapediaतीसरे दिन जी उठना, अंडा ख़ाली क़ब्र की निशानी, केरल, गोवा और पूर्वोत्तर के रिवाज और खाना
  4. Christians celebrate Easter, Herald Goaगोवा का ईस्टर जागरण, आग, पास्का मोमबत्ती, घंटियाँ, बपतिस्मा, लेंट
  5. Devotees throng churches for Easter, LatestLYपणजी का जागरण और उसके हिस्से, कोच्चि और मुंबई के गिरजाघर
  6. Easter Sunday: believers celebrate Christ's resurrection, Eastern Mirrorकोहिमा और दीमापुर की आराधनाएँ, पास्का मोमबत्ती के पीछे जुलूस
  7. Easter in India, PublicHolidays.inनागालैंड में भोर की प्रार्थना, केरल की आधी रात की आराधना, कलीसिया की परंपरा से तारीख़

तिथि, नक्षत्र और समय: स्विस एफ़ेमेरिस से, लाहिड़ी अयनांश, नई दिल्ली। त्योहारों की तारीख़ें भारत सरकार की 2027 की छुट्टियों की सूची और प्रचलित पंचांगों से मिलाई गई हैं।