उनतालीस लंकाएँ पंचांग 2027 · मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी
गीता जयंती 2027
Gita Jayanti 2027
दो सेनाओं के बीच एक रथ, एक सवाल, और सात सौ श्लोकों का जवाब।
इस बरस (2026) गीता जयंती 20 दिसंबर, रविवार को है। गीता जयंती 2026: तारीख़, मुहूर्त और शुभकामना कार्ड · यह पन्ना 2027 का है।
गीता जयंती 2027 में 9 दिसंबर, गुरुवार को है। मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी तिथि 9 दिसंबर, रात 2:59 से 10 दिसंबर, रात 3:20 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
एक बच्चे की आवाज़ श्लोक के बीच अटक जाती है।
पीछे से कोई धीरे से अगला शब्द बता देता है। आवाज़ फिर चल पड़ती है।
सामने बड़ा सा पानी है, और उसके किनारे किनारे लोग।
कोई नहा रहा है, कोई किताब खोले है, कोई बस सुन रहा है।
हर हाथ में एक ही किताब के पन्ने। अठारह अध्याय।
इसी कुरुक्षेत्र में, कहते हैं, दो सेनाओं के बीच एक रथ रुका था।
और एक सवाल पूछा गया था, जिसका जवाब यह बच्चा आज भी दोहरा रहा है।
2027 में कब
गीता जयंती 2027: तारीख़, तिथि और मुहूर्त
तारीख़9 दिसंबर, गुरुवार
तिथिमार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी9 दिसंबर, रात 2:59 से 10 दिसंबर, रात 3:20 तक
नक्षत्ररेवतीसूर्योदय के समय
सूर्योदयसुबह 7:02
सूर्यास्तशाम 5:24
चंद्रोदयदोपहर 1:55
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
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शुभकामना
गीता जयंती का शुभकामना कार्ड

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पहचान
गीता जयंती क्या है
गीता जयंती वह दिन है जिसे भगवद्गीता के कहे जाने का दिन माना जाता है। यह मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को होती है, और यही दिन मोक्षदा एकादशी भी है। गीता महाभारत का हिस्सा है, अठारह अध्याय और लगभग सात सौ श्लोक, और यह कृष्ण और अर्जुन की बातचीत है, जो कुरुक्षेत्र के मैदान में लड़ाई शुरू होने से ठीक पहले हुई। हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र में ब्रह्म सरोवर के किनारे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव करती है, जो कई दिन चलकर गीता जयंती पर पूरा होता है।
कथा
गीता जयंती की कथा
महाभारत के भीष्म पर्व में कथा है। कुरुक्षेत्र में पांडवों और कौरवों की सेनाएँ आमने सामने खड़ी हैं। अर्जुन ने सामने की सेना में देखा: अपने ही रिश्तेदार, अपने गुरु, अपने दोस्त। जिनसे लड़ना था, वे सब अपने थे। अर्जुन का मन डोल गया, और उन्होंने अपने सारथी कृष्ण से राह पूछी।
उस पूछने के जवाब में कृष्ण ने जो कहा, वही गीता है: अठारह अध्याय, लगभग सात सौ श्लोक। मान्यता है कि यह बातचीत मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को हुई, इसलिए यह दिन गीता जयंती है।
गीता के दसवें अध्याय में कृष्ण गिनाते हैं कि हर तरह की चीज़ों में जो सबसे ऊँचा है, वह वे हैं। उसी गिनती में एक श्लोक आता है: 'पवनः पवतामस्मि रामः शस्त्रभृतामहम्। झषाणां मकरश्चास्मि स्रोतसामस्मि जाह्नवी॥' (भगवद्गीता 10.31) यानी पवित्र करने वालों में मैं हवा हूँ, शस्त्र उठाने वालों में राम हूँ, जल के जीवों में मगर हूँ, और नदियों में गंगा हूँ। महाभारत की अपनी गिनती में यही श्लोक भीष्म पर्व के बत्तीसवें अध्याय का इकतीसवाँ श्लोक है।
यानी कुरुक्षेत्र के बीच खड़े होकर, अपने ही बारे में बताते हुए, कृष्ण राम का नाम लेते हैं। एक अवतार दूसरे अवतार को याद करता है, और उसी साँस में गंगा को।
उनतालीस लंकाएँ
रामकथाओं में गीता जयंती
उनतालीस लंकाएँ जिन रामकथाओं से बनी है, उनमें से ये इस दिन को छूती हैं। हर कथा के नाम पर उसका अपना पन्ना है।
महाभारत, रामोपाख्यान
संस्कृत · Ramopakhyana (Mahabharata)
गीता जिस महाभारत में है, उसी के वन पर्व में एक छोटी रामकथा भी है, रामोपाख्यान, जिसे मार्कंडेय ऋषि युधिष्ठिर को सुनाते हैं, सात सौ चार श्लोकों में, अध्याय 258 से 275 तक। यानी एक ही ग्रंथ में दो बातें: वन में पांडवों को राम की पूरी कथा सुनाई जाती है, और बाद में कुरुक्षेत्र में कृष्ण अपनी गिनती में ख़ुद को शस्त्र उठाने वालों में राम कहते हैं। गीता के लगभग सात सौ श्लोक और रामोपाख्यान के सात सौ चार, दोनों एक ही महाभारत के पन्नों में।
कहाँ कैसे
गीता जयंती कहाँ कैसे मनाया जाता है
कुरुक्षेत्र, ब्रह्म सरोवर
हरियाणा सरकार का अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव यहीं होता है, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, हरियाणा पर्यटन और ज़िला प्रशासन के साथ। ब्रह्म सरोवर के चारों ओर तीन सौ से ज़्यादा दुकानें लगती हैं, और श्लोक पाठ, भागवत कथा, भजन, नाटक, नाच और किताबों की प्रदर्शनी होती है।
ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर
देश भर से आए यात्री इन दोनों पवित्र तालाबों में नहाते हैं। हरियाणा पर्यटन के अनुसार यहाँ आया हर यात्री यह डुबकी लेता है।
कुरुक्षेत्र की अड़तालीस कोस परिक्रमा
बहुत से यात्री इस मौक़े पर कुरुक्षेत्र के चारों ओर की अड़तालीस कोस की परिक्रमा भी करते हैं।
मंदिर और घर
गीता का पाठ, यज्ञ, भजन और आरती होती है, और बच्चों के लिए गीता पाठ की होड़ रखी जाती है।
रीत
गीता जयंती के दिन क्या करते हैं
- सुबह नहाते हैं, और बहुत से लोग मोक्षदा एकादशी का व्रत रखते हैं। एकादशी पर चावल नहीं खाते।
- गीता का पाठ होता है, पूरा या कुछ चुने हुए अध्याय।
- कुरुक्षेत्र में ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर में स्नान।
- यज्ञ, भजन और गीता की आरती।
- बच्चों की गीता पाठ की होड़, और गीता का सार बताने वाली छोटी पुस्तिकाएँ बाँटी जाती हैं।
- साधुओं और विद्वानों की चर्चाएँ और सभाएँ होती हैं।
- अगले दिन, द्वादशी को, पारण की घड़ी में व्रत खुलता है।
सवाल जवाब
गीता जयंती 2027: पूछे जाने वाले सवाल
गीता जयंती 2026 में कब है?
गीता जयंती 2026 में 20 दिसंबर, रविवार को है। इस बरस की तिथि, मुहूर्त और शुभकामना कार्ड गीता जयंती 2026 के पन्ने पर हैं। यह पन्ना 2027 का है।
गीता जयंती 2027 कब है?
गीता जयंती 2027 में 9 दिसंबर, गुरुवार को है। मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी तिथि 9 दिसंबर, रात 2:59 से 10 दिसंबर, रात 3:20 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
गीता जयंती कैसे मनाते हैं?
गीता का पाठ करके, पूरा या कुछ चुने हुए अध्याय। बहुत से लोग मोक्षदा एकादशी का व्रत रखते हैं, और कुरुक्षेत्र में लोग ब्रह्म सरोवर में नहाते हैं।
गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी में क्या संबंध है?
दोनों एक ही दिन हैं। मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहते हैं, और इसी दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है।
गीता में कितने अध्याय और श्लोक हैं?
अठारह अध्याय और लगभग सात सौ श्लोक। गीता महाभारत के भीष्म पर्व का हिस्सा है।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कहाँ होता है?
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में, ब्रह्म सरोवर के किनारे। इसे हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और हरियाणा पर्यटन के साथ मिलकर करती है, और यह गीता जयंती पर पूरा होता है।
गीता में राम का नाम कहाँ आता है?
दसवें अध्याय के इकतीसवें श्लोक में कृष्ण कहते हैं: रामः शस्त्रभृतामहम्, यानी शस्त्र उठाने वालों में मैं राम हूँ।
स्रोत
यह पन्ना किन स्रोतों से मिलाकर लिखा गया
- International Gita Mahotsav (Haryana Tourism, Government of Haryana)गीता जयंती समारोह, ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर में स्नान, श्लोक पाठ, भागवत कथा, भजन, नाटक, किताबें, आयोजक
- Gita Mahotsav (Wikipedia)मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी, मोक्षदा एकादशी, अठारह अध्याय और सात सौ श्लोक, कुरुक्षेत्र, तीन सौ दुकानें, अड़तालीस कोस परिक्रमा
- International Gita Mahotsav (Bhakti Bharat)गीता जयंती पर महोत्सव का पूरा होना, यज्ञ, आरती, बच्चों की होड़, पुस्तिकाएँ, सभाएँ
- Bhagavad Gita 10.31 (shlokam.org)श्लोक का पाठ और शब्दों के अर्थ
- गीता, अध्याय 10, श्लोक 31 (भारतकोश)श्लोक का हिंदी अर्थ
- Mahabharata, Book 6, Chapter 32, Verse 31 (Enjoy Learning Sanskrit)भीष्म पर्व में यही श्लोक
- Prabodhini Ekadashi: rituals (Shubh Panchang)एकादशी पर चावल न खाना और द्वादशी को पारण
तिथि, नक्षत्र और समय: स्विस एफ़ेमेरिस से, लाहिड़ी अयनांश, नई दिल्ली। त्योहारों की तारीख़ें भारत सरकार की 2027 की छुट्टियों की सूची और प्रचलित पंचांगों से मिलाई गई हैं।