पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में · जगह पक्की नहीं

महाभारत, रामोपाख्यान

Ramopakhyana (Mahabharata)

  • भाषा संस्कृत
  • किसकी मार्कंडेय युधिष्ठिर को सुनाते हैं
  • कब महाभारत के साथ; 704 श्लोक, अध्याय 258 से 275
  • कहाँ जगह पक्की नहीं

यह कथा

महाभारत के वन पर्व में आई छोटी रामकथा, जिसे मार्कंडेय ऋषि युधिष्ठिर को सुनाते हैं। पूरी कथा सात सौ चार श्लोकों में आ जाती है।

एक नज़र में

महाभारत, रामोपाख्यान, अपनी लिपि में

रामोपाख्यान

लिपि
देवनागरी, संस्कृत
रूप
704 श्लोक, आरण्यक पर्व के अध्याय 258 से 275
समय
महाभारत के साथ, मोटे तौर पर ईसा से तीसरी सदी पहले से तीसरी सदी बाद तक

इस कथा की लंका

  • हनुमान जी की यात्रा होते हुए नहीं दिखती; वे लौटकर राम को ख़ुद सुनाते हैं।
  • वे कहते हैं कि सौ योजन का समुद्र पिता पवन की मदद से पार किया, और सीता जी रावण के महल में व्रत करती मिलीं।
  • यहाँ एक राक्षस अविंध्य रावण को सीता को मारने से रोकता है, जो वाल्मीकि में नहीं।

स्रोत:

  1. en.wikipedia.org
  2. sanskritlibrary.org
  3. mahabharataonline.com

इस कथा की एक खुली प्रति

सुंदरकांड के पल, इस कथा में

खेल में लंका की किसी जगह पर पहुँचकर वही पल दूसरी रामकथाओं में भी पढ़ा जा सकता है। यह कथा उन पलों को ऐसे कहती है।

इस कथा के 2 और पल खेल के भीतर पढ़े जा सकते हैं: लंका का किनारा, समुद्र के ऊपर।

इस कथा से खेल के पत्ते

खेल में ये पत्ते इसी कथा से खुलते हैं। हर पत्ते में एक ऐसी बात है जो बहुत कम लोगों ने सुनी है।

  • अविंध्य, जो वाल्मीकि में नहीं
  • रावण का एक अलग वाक्य
  • सात सौ चार श्लोक
  • लंका पहले किसकी थी
  • सांत्वना के लिए सुनाई गई कथा

खेल में ढूँढो

उपन्यास

यह कथा उनतालीस लंकाओं में से एक है। इन्हीं लंकाओं पर मनु विश्रांति की उपन्यास गाथा बनी है: उनतालीस लंकाएँ।

महाभारत, रामोपाख्यान इन त्योहारों के पन्नों पर भी आती है, उनतालीस लंकाएँ पंचांग 2027 में: वट सावित्री व्रत, गुरु पूर्णिमा, गीता जयंती, स्कंद षष्ठी। ये दिन, और साल का हर त्योहार और व्रत, एक बार दबाकर अपने फ़ोन के कैलेंडर में: Manu Vishranti Calendar जोड़ें।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

महाभारत, रामोपाख्यान किस भाषा में है?

संस्कृत।

महाभारत, रामोपाख्यान किसकी रचना है?

मार्कंडेय युधिष्ठिर को सुनाते हैं।

महाभारत, रामोपाख्यान कहाँ की है?

जगह पक्की नहीं।

महाभारत, रामोपाख्यान कब की है?

महाभारत के साथ; 704 श्लोक, अध्याय 258 से 275।