पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में · भारत के बाहर

रामकियेन

Ramakien

  • भाषा थाई
  • किसकी राजा राम प्रथम का दरबार
  • कब अठारहवीं सदी
  • कहाँ अयुत्थया और बैंकाक, थाईलैंड

यह कथा

थाईलैंड की राष्ट्रीय रामकथा, जिसे आज के रूप में अठारहवीं सदी में राजा राम प्रथम के दरबार ने पूरा किया। नाम बदल जाते हैं: राम यहाँ फ्रा राम हैं, सीता नांग सीदा, रावण थोतसकान, और विभीषण फिपेक। हनुमान यहाँ सफ़ेद वानर हैं और ब्रह्मचारी नहीं। यह कथा पढ़ी कम, नाची और खेली ज़्यादा जाती है, खोन नृत्य और छाया नाटक में।

एक नज़र में

रामकियेन, अपनी लिपि में

รามเกียรติ์

लिपि
थाई लिपि
रूप
लंबा पद्य महाकाव्य; खोन मुखौटा नृत्य और छाया नाटक का आधार
समय
आज का पूरा पाठ 1797 का; पुराने रूप 1767 में अयुत्थया के गिरने पर खो गए

इस कथा की लंका

  • रास्ते में हनुमान एक शापित अप्सरा को छुड़ाते हैं, और वानरों के लिए अपने शरीर से पुल बना देते हैं।
  • सीदा फाँसी लगाने को होती हैं तो हनुमान फंदा काट देते हैं, और अँगूठी तथा रूमाल देते हैं।
  • जलती पूँछ बुझाने का रास्ता उन्हें मुनि नार्त बताते हैं; और पुल बनाते समय वे जलपरी सुवन्नमच्छा से मिलते हैं, जिससे बेटा मच्छानु होता है।

आज: खोन मुखौटा नृत्य में खेली जाती है, और पूरी कथा बैंकाक के वाट फ्रा केव की दीवारों पर बनी है।

स्रोत:

  1. en.wikipedia.org
  2. seasite.niu.edu
  3. seasite.niu.edu, 2

इस कथा की एक खुली प्रति

सुंदरकांड के पल, इस कथा में

खेल में लंका की किसी जगह पर पहुँचकर वही पल दूसरी रामकथाओं में भी पढ़ा जा सकता है। यह कथा उन पलों को ऐसे कहती है।

समुद्र के ऊपर

पहली रात: खोज

इस उड़ान पर तीन जाते हैं: हनुमान, ओंगकोत और चोमफूफान, और तीनों साथ उड़ते हैं।

रास्ता सीधा नहीं है, लोंगका पहुँचने से पहले कई जगह रुकना पड़ता है।

तीनों की चाल अलग है: एक आगे रहता है, एक ऊपर, और एक पीछे नज़र रखता है।

रुकने की हर जगह पर वे आपस में तय करते हैं कि आगे कौन जाएगा।

हनुमान यहाँ सफ़ेद हैं, और यही सफ़ेद रूप थाई मंच पर सबसे पहचाना जाने वाला है।

रामकियेन, राम प्रथम वाला पाठ; लोंगका भेजे जाने वाला हिस्सा

जलती छतें

दूसरा दिन: आग

पूँछ में आग लगती है, और वे छत दर छत दौड़ते हुए पूरी लोंगका जला देते हैं।

बुझाने के लिए वे समुद्र तक नहीं जाते, अपनी ही लार से आग बुझा लेते हैं।

एक छत से दूसरी छत तक वे ऐसे कूदते हैं जैसे सीढ़ियाँ चढ़ रहे हों।

पीछे लपटें उठती जाती हैं, और नीचे लोग बाहर निकलकर आसमान देखते हैं।

थाई मंच पर यह दृश्य नाचकर दिखाया जाता है, और लार वाला हिस्सा हँसी भी लाता है।

रामकियेन; हनुमान का लोंगका जलाना

इस कथा के 1 और पल खेल के भीतर पढ़े जा सकते हैं: पूँछ बुझाने का किनारा।

इस कथा से खेल के पत्ते

खेल में ये पत्ते इसी कथा से खुलते हैं। हर पत्ते में एक ऐसी बात है जो बहुत कम लोगों ने सुनी है।

  • रावण की बेटी, हनुमान की पत्नी
  • हनुमान, जो ब्रह्मचारी नहीं
  • एक सौ अठहत्तर दीवारें
  • पानी में पड़ी नकली सीता
  • अकेले नहीं, तीन भेजे गए
  • लार से बुझाई गई आग

खेल में ढूँढो

उपन्यास

इस कथा की लंका, उपन्यास में

मनु विश्रांति की उपन्यास गाथा उनतालीस लंकाएँ इस कथा की लंका में उतरती है। तीनों खंड लिखे जा चुके हैं, और प्रकाशन की तैयारी में हैं।

गाथा देखो

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

रामकियेन किस भाषा में है?

थाई।

रामकियेन किसकी रचना है?

राजा राम प्रथम का दरबार।

रामकियेन कहाँ की है?

अयुत्थया और बैंकाक, थाईलैंड।

रामकियेन कब की है?

अठारहवीं सदी।