

उनतालीस लंकाएँ · कौन कौन
अन्नू
अदा की मम्मा, बनारस की
दूत की दी भूमिका: कथा प्रेमी · वही पल दूसरे ग्रंथों मेंअन्नू बनारस की हैं, और देहरादून में हिंदी पढ़ाती हैं।
1987 में वे पाँच साल की थीं, उस रविवार, जब बाबूजी टीवी वाली रामायण की ग़लतियाँ गिनते गिनते लौटे नहीं।
कथा उन्हें ज़ुबानी याद है। लंका में वे उसे कथावाचक की तरह कहती हैं, एक कथा के साथ दूसरी रखकर।
उनकी दुनिया
अन्नू, दृश्यों में













