
उनतालीस लंकाएँ · कौन कौन
अदा
सोलह साल की, देहरादून की
दूत की दी भूमिका: बालक · छोटी सीधी बात, पशु पक्षी और अचरजअदा देहरादून में रहती है, एक गढ़वाली परिवार में। तार, सर्किट और कोड उसके खिलौने हैं।
उसी ने वह खेल बनाया, जिसमें सुंदरकांड की उनतालीस कथाएँ हैं। मम्मा की आवाज़ भी उसने बना ली है, इतनी ठीक कि रसोई में दो मम्मा गाती हैं।
लंका में उसके हाथ में उसका दूत रहता है, उसका बनाया एक यंत्र, जो चेहरे गिनता है।
उनकी दुनिया
अदा, दृश्यों में













