पंचांग 2027
मथाई जी, अलप्पुझा, केरल के

उनतालीस लंकाएँ · कौन कौन

मथाई जी

अलप्पुझा, केरल के

दूत की दी भूमिका: यात्री · जगहें, बनावट, बाज़ार और घाट

मथाई जी अलप्पुझा, केरल के हैं। बत्तीस साल जहाज़ों पर चीफ़ कुक रहे।

परिवार को धनुषकोडि के किनारे मिले, हाथ में स्टील का टिफ़िन लिए।

किसी भी लंका में, किसी भी चीज़ से खाना बना लेते हैं। जहाज़ी गाँठें जानते हैं, तारे पढ़ लेते हैं, और उनकी हर कहानी खाने पर ख़त्म होती है।

उनकी दुनिया

मथाई जी, दृश्यों में

धनुषकोडि की रेत पर: टिफ़िन घुटनों पर।
धनुषकोडि की रेत परटिफ़िन घुटनों पर।
टिफ़िन: तीन डिब्बों वाला, स्टील का।
टिफ़िनतीन डिब्बों वाला, स्टील का।
शाम: समुद्र की ओर, चुप।
शामसमुद्र की ओर, चुप।
हाथ पकड़े: भँवर के ऊपर, सबसे पीछे से खींचते हुए।
हाथ पकड़ेभँवर के ऊपर, सबसे पीछे से खींचते हुए।
एक तस्वीर: पाँचों, धनुषकोडि के किनारे।
एक तस्वीरपाँचों, धनुषकोडि के किनारे।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

मथाई जी कौन है?

मथाई जी अलप्पुझा, केरल के हैं। बत्तीस साल जहाज़ों पर चीफ़ कुक रहे। परिवार को धनुषकोडि के किनारे मिले, हाथ में स्टील का टिफ़िन लिए।

मथाई जी उनतालीस लंकाएँ के किन खंडों में हैं?

खंड 1, पाँचवाँ चेहरा।

लंका में मथाई जी की भूमिका क्या है?

अदा का दूत उन्हें यात्री की भूमिका देता है, लंका की खोज खेल की आठ भूमिकाओं में से एक: जगहें, बनावट, बाज़ार और घाट।