पंचांग 2027
बाबूजी, अन्नू के पिता, बनारस, 1987

उनतालीस लंकाएँ · कौन कौन

बाबूजी

अन्नू के पिता, बनारस, 1987

बाबूजी बनारस में संस्कृत पढ़ाते थे। मोटे काले फ़्रेम का गोल चश्मा, सफ़ेद कुर्ता धोती।

रविवार की सुबह पूरा मोहल्ला एक टीवी के आगे जुटता था। बाबूजी हर ग़लती वाल्मीकि से मिलाकर गिनते थे।

पाँचवीं ग़लती पर वे लौटे नहीं। पीछे रह गया उनका चश्मा, और उसमें समुद्र की रेत।

उनकी दुनिया

बाबूजी, दृश्यों में

रविवार, 1987: पूरा मोहल्ला एक टीवी के आगे।
रविवार, 1987पूरा मोहल्ला एक टीवी के आगे।
कुर्सी पर: गोद में पाँच साल की अन्नू।
कुर्सी परगोद में पाँच साल की अन्नू।
ख़ाली कुर्सी: रोशनी लौटी, कुर्सी ख़ाली।
ख़ाली कुर्सीरोशनी लौटी, कुर्सी ख़ाली।
चश्मा: उसमें समुद्र की रेत।
चश्माउसमें समुद्र की रेत।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

बाबूजी कौन है?

बाबूजी बनारस में संस्कृत पढ़ाते थे। मोटे काले फ़्रेम का गोल चश्मा, सफ़ेद कुर्ता धोती। रविवार की सुबह पूरा मोहल्ला एक टीवी के आगे जुटता था। बाबूजी हर ग़लती वाल्मीकि से मिलाकर गिनते थे।

बाबूजी उनतालीस लंकाएँ के किन खंडों में हैं?

खंड 1, पाँचवाँ चेहरा।