पंचांग 2027

कुंडलिनी · सात चक्र

विशुद्ध चक्र: कहाँ है, बीज मंत्र हं, और 16 पंखुड़ियों पर कौन से अक्षर

सीधा जवाब

विशुद्ध कुंडलिनी का पाँचवाँ चक्र है: कंठ में। इसकी 16 पंखुड़ियाँ धुएँ जैसा बैंगनी हैं, और उन पर सोलह स्वर लिखे हैं। बीच में आकाश का मंडल है, गोल, और उसमें बीज मंत्र हं।

विशुद्ध चक्र का कमल, षट्चक्रनिरूपण के वर्णन से: 16 पंखुड़ियाँ, उन पर अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ॠ, ऌ, ॡ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः, बीच में गोल और बीज हंअआइईउऊऋॠऌॡएऐओऔअंअःहं
विशुद्ध, षट्चक्रनिरूपण के श्लोक 28 से 31 के वर्णन से बना चित्र।

विशुद्ध चक्र, एक नज़र में

विशुद्ध चक्र, एक नज़र में
कहाँकंठ में।
पंखुड़ियाँ16, धुएँ जैसा बैंगनी
पंखुड़ियों के अक्षरअ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ॡ ए ऐ ओ औ अं अः, चमकता गहरा लाल
तत्वआकाश
तत्व का मंडलगोल, पूरे चाँद जैसा सफ़ेद
बीज मंत्रहं, सफ़ेद
बीज का वाहनबर्फ़ जैसा सफ़ेद हाथी
देवतासदाशिव, बर्फ़ जैसे सफ़ेद, तीन आँखें, पाँच मुख, दस हाथ, बाघ की खाल पहने, जिनकी देह गिरिजा से एक है
शक्तिशाकिनी, पीले वस्त्र, चार हाथों में धनुष, बाण, पाश और अंकुश
षट्चक्रनिरूपण मेंश्लोक 28 से 31

षट्चक्रनिरूपण में विशुद्ध

पंखुड़ियों पर सारे स्वर हैं, यानी सोलह स्वर। कमल के बीच बिना दाग़ का पूरा चाँद है। ग्रंथ इस जगह को महामोक्ष का द्वार कहता है (श्लोक 30)।

ग्रंथ के अनुसार इसके ध्यान का फल: इसका ध्यान करने वाला ज्ञानी और वाक्पटु बनता है, उसका मन शांत रहता है, वह तीनों काल देखता है, रोग और शोक से छूटता है, और लंबी आयु पाता है (श्लोक 31)।

विशुद्ध नाम का अर्थ

विशुद्ध का अर्थ है पूरी तरह शुद्ध।

बीज मंत्र हं

इस कमल का बीज हं है, आकाश तत्व का बीज। बीज छोटा और साफ़ बोला जाता है: पहले अक्षर, फिर होंठ धीरे से बंद करके नाक में गूँजती ध्वनि। सारे बीज, उनके वाहन और बोलने का सरल ढंग बीज मंत्र वाले पन्ने पर हैं।

विशुद्ध के बारे में जो आज कहा जाता है, पर ग्रंथ में नहीं

आज के चित्रों में विशुद्ध नीला होता है। षट्चक्रनिरूपण (श्लोक 28) में यह कमल धुएँ जैसा बैंगनी है, और इसका आकाश मंडल पूरे चाँद जैसा सफ़ेद।

बीजसेतु में विशुद्ध

बीजसेतु का कवर: गहरे नीले पर पाँच घेरे, नीचे से ऊपर के पाँच कमल, उन पर पंखुड़ियों के अक्षर, और सुनहरे अक्षरों में पाँच बीज

बीजसेतु: कुंडलिनी, बीज मंत्र और आवाज़ का सच: एक साधक का शोध

बीजसेतु का हर हिस्सा एक चक्र है। खंड 5 इसी पर है: विशुद्ध: मंत्र, जहाँ मंत्र चलता है।

  1. अध्याय 8: हर मंत्र शरीर में अपना रास्ता खींचता है
  2. अध्याय 9: ॐ भी अपने घर में नहीं

इस कमल के बीच बीज हं है। पर ह अक्षर किस कमल की पंखुड़ी पर लिखा है? यही बीजसेतु का पहला सवाल है।

बीजसेतु का पूरा अनुक्रम देखिए

सवाल जवाब

विशुद्ध चक्र पर सवाल

विशुद्ध चक्र कहाँ होता है?

कंठ में।

विशुद्ध चक्र का बीज मंत्र क्या है?

हं। यह आकाश का बीज है, और षट्चक्रनिरूपण के अनुसार इसका वाहन बर्फ़ जैसा सफ़ेद हाथी है।

विशुद्ध चक्र में कितनी पंखुड़ियाँ हैं, और उन पर कौन से अक्षर लिखे हैं?

16 पंखुड़ियाँ, धुएँ जैसा बैंगनी, और उन पर अ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ॡ ए ऐ ओ औ अं अः लिखे हैं, चमकता गहरा लाल रंग में।

विशुद्ध चक्र का रंग और तत्व क्या है?

षट्चक्रनिरूपण के अनुसार इसकी पंखुड़ियाँ धुएँ जैसा बैंगनी हैं। तत्व: आकाश। बीच का मंडल: गोल, पूरे चाँद जैसा सफ़ेद। आज के चित्रों के इंद्रधनुषी रंग 1927 में जोड़े गए, ग्रंथ के नहीं।

विशुद्ध चक्र के देवता और शक्ति कौन हैं?

देवता: सदाशिव, बर्फ़ जैसे सफ़ेद, तीन आँखें, पाँच मुख, दस हाथ, बाघ की खाल पहने, जिनकी देह गिरिजा से एक है। शक्ति: शाकिनी, पीले वस्त्र, चार हाथों में धनुष, बाण, पाश और अंकुश।

Vishuddha chakra, in English

Vishuddha (Viśuddha) is the fifth chakra of Kundalini, located in the throat. In the Ṣaṭcakranirūpaṇa (verses 28-31) it has 16 petals bearing the letters अ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ॡ ए ऐ ओ औ अं अः, the element ether, and the seed mantra हं, with the mount, deity and Shakti the text names. The petal colours given here are the text's own; the rainbow colours of modern charts are not in it.

विशुद्ध चक्र के स्रोत

  1. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 28 और 29 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  2. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 30 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  3. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 31 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  4. आर्थर एवलॉन, द सर्पेंट पावर (1919), भूमिका का पाँचवाँ अध्याय: चक्र या कमल
  5. Vishuddha (Wikipedia)

षट्चक्रनिरूपण के श्लोकों की संख्या आर्थर एवलॉन (जॉन वुडरॉफ़) के अनुवाद द सर्पेंट पावर (1919) के अनुसार है, जैसा wisdomlib छापता है। हठयोगप्रदीपिका की संख्या उसके आम छपे पाठ के अनुसार है; कुछ संस्करणों में एक दो श्लोक आगे पीछे हो सकते हैं।