पंचांग 2027

कुंडलिनी · सात चक्र

आज्ञा चक्र: कहाँ है, बीज मंत्र ॐ, और 2 पंखुड़ियों पर कौन से अक्षर

सीधा जवाब

आज्ञा कुंडलिनी का छठा चक्र है: दोनों भौंहों के बीच। इसकी 2 पंखुड़ियाँ चाँद जैसा सफ़ेद हैं, और उन पर ह और क्ष लिखे हैं। बीच में मन का मंडल है, त्रिकोण (योनि), और उसमें बीज मंत्र ॐ।

आज्ञा चक्र का कमल, षट्चक्रनिरूपण के वर्णन से: 2 पंखुड़ियाँ, उन पर ह, क्ष, बीच में त्रिकोण (योनि) और बीज ॐहक्षॐ
आज्ञा, षट्चक्रनिरूपण के श्लोक 32 से 39 के वर्णन से बना चित्र।

आज्ञा चक्र, एक नज़र में

आज्ञा चक्र, एक नज़र में
कहाँदोनों भौंहों के बीच।
पंखुड़ियाँ2, चाँद जैसा सफ़ेद
पंखुड़ियों के अक्षरह क्ष, सफ़ेद
तत्वमन
तत्व का मंडलत्रिकोण (योनि), उसमें बिजली की लड़ी जैसा चमकता इतर लिंग
बीज मंत्रॐ, दीये की लौ जैसा
बीज का वाहनकोई नहीं बताया गया
देवताइतर नाम का शिव, लिंग रूप में
शक्तिहाकिनी, चाँद जैसे छह मुख और छह हाथ, शुद्ध मन वाली
षट्चक्रनिरूपण मेंश्लोक 32 से 39

षट्चक्रनिरूपण में आज्ञा

यहाँ कोई स्थूल तत्व नहीं, मन रहता है। त्रिकोण में प्रणव (ॐ) है, उसके ऊपर आधा चाँद, बिंदु और नाद (श्लोक 33, 35)। इसके ऊपर महानाद है (श्लोक 39)।

ग्रंथ के अनुसार इसके ध्यान का फल: इसका ध्यान करने वाला मुनियों में श्रेष्ठ, सब जानने और देखने वाला, सबका हितकारी और शास्त्रों का ज्ञाता बनता है, और ब्रह्म से अपनी एकता जानता है (श्लोक 34)।

आज्ञा नाम का अर्थ

आज्ञा का अर्थ है आदेश। टीकाकार कालीचरण लिखते हैं: यहाँ भौंहों के बीच आज्ञा है।

बीज मंत्र ॐ

इस कमल का बीज ॐ है। बीज छोटा और साफ़ बोला जाता है: पहले अक्षर, फिर होंठ धीरे से बंद करके नाक में गूँजती ध्वनि। सारे बीज, उनके वाहन और बोलने का सरल ढंग बीज मंत्र वाले पन्ने पर हैं।

आज्ञा के बारे में जो आज कहा जाता है, पर ग्रंथ में नहीं

आज के कई चित्रों में आज्ञा का बीज क्षं लिखा होता है, और रंग नीला या जामुनी। षट्चक्रनिरूपण (श्लोक 33) में आज्ञा का बीज प्रणव, यानी ॐ है, और इसकी पंखुड़ियाँ चाँद जैसी सफ़ेद।

बीजसेतु में आज्ञा

बीजसेतु का कवर: गहरे नीले पर पाँच घेरे, नीचे से ऊपर के पाँच कमल, उन पर पंखुड़ियों के अक्षर, और सुनहरे अक्षरों में पाँच बीज

बीजसेतु: कुंडलिनी, बीज मंत्र और आवाज़ का सच: एक साधक का शोध

बीजसेतु का हर हिस्सा एक चक्र है। खंड 6 इसी पर है: आज्ञा: सीमा, जहाँ बोली रुकती है।

  1. अध्याय 10: भूतशुद्धि में बीज हुक्म नहीं देते, रास्ता दिखाते हैं
  2. अध्याय 11: बोली गले पर पूरी हो जाती है, आज्ञा उससे ऊपर है

बीजसेतु का पूरा अनुक्रम देखिए

सवाल जवाब

आज्ञा चक्र पर सवाल

आज्ञा चक्र कहाँ होता है?

दोनों भौंहों के बीच।

आज्ञा चक्र का बीज मंत्र क्या है?

आज्ञा का बीज प्रणव, यानी ॐ है (षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 33)। आज के कई चित्र क्षं लिखते हैं, पर ग्रंथ में ऐसा नहीं।

आज्ञा चक्र में कितनी पंखुड़ियाँ हैं, और उन पर कौन से अक्षर लिखे हैं?

2 पंखुड़ियाँ, चाँद जैसा सफ़ेद, और उन पर ह क्ष लिखे हैं, सफ़ेद रंग में।

आज्ञा चक्र का रंग और तत्व क्या है?

षट्चक्रनिरूपण के अनुसार इसकी पंखुड़ियाँ चाँद जैसा सफ़ेद हैं। तत्व: मन। बीच का मंडल: त्रिकोण (योनि), उसमें बिजली की लड़ी जैसा चमकता इतर लिंग। आज के चित्रों के इंद्रधनुषी रंग 1927 में जोड़े गए, ग्रंथ के नहीं।

आज्ञा चक्र के देवता और शक्ति कौन हैं?

देवता: इतर नाम का शिव, लिंग रूप में। शक्ति: हाकिनी, चाँद जैसे छह मुख और छह हाथ, शुद्ध मन वाली।

Ajna chakra, in English

Ajna (Ājñā) is the sixth chakra of Kundalini, located between the eyebrows. In the Ṣaṭcakranirūpaṇa (verses 32-39) it has 2 petals bearing the letters ह क्ष, the element mind (manas), and the seed mantra ॐ, with the mount, deity and Shakti the text names. The petal colours given here are the text's own; the rainbow colours of modern charts are not in it.

आज्ञा चक्र के स्रोत

  1. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 32 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  2. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 33 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  3. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 34 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  4. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 35 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  5. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 39 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  6. आर्थर एवलॉन, द सर्पेंट पावर (1919), भूमिका का पाँचवाँ अध्याय: चक्र या कमल
  7. Ajna (Wikipedia)

षट्चक्रनिरूपण के श्लोकों की संख्या आर्थर एवलॉन (जॉन वुडरॉफ़) के अनुवाद द सर्पेंट पावर (1919) के अनुसार है, जैसा wisdomlib छापता है। हठयोगप्रदीपिका की संख्या उसके आम छपे पाठ के अनुसार है; कुछ संस्करणों में एक दो श्लोक आगे पीछे हो सकते हैं।