पंचांग 2027

कुंडलिनी · सात चक्र

अनाहत चक्र: कहाँ है, बीज मंत्र यं, और 12 पंखुड़ियों पर कौन से अक्षर

सीधा जवाब

अनाहत कुंडलिनी का चौथा चक्र है: हृदय में। इसकी 12 पंखुड़ियाँ बंधूक फूल जैसा चमकता लाल हैं, और उन पर क से ठ तक बारह व्यंजन लिखे हैं। बीच में वायु का मंडल है, छह कोनों वाला, और उसमें बीज मंत्र यं।

अनाहत चक्र का कमल, षट्चक्रनिरूपण के वर्णन से: 12 पंखुड़ियाँ, उन पर क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, बीच में छह कोनों वाला और बीज यंकखगघङचछजझञटठयं
अनाहत, षट्चक्रनिरूपण के श्लोक 22 से 27 के वर्णन से बना चित्र।

अनाहत चक्र, एक नज़र में

अनाहत चक्र, एक नज़र में
कहाँहृदय में।
पंखुड़ियाँ12, बंधूक फूल जैसा चमकता लाल
पंखुड़ियों के अक्षरक ख ग घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ, सिंदूरी
तत्ववायु
तत्व का मंडलछह कोनों वाला, धुएँ के रंग का
बीज मंत्रयं, धुएँ के ढेर जैसा धूसर
बीज का वाहनकाला हिरण, जो अपनी तेज़ दौड़ के लिए जाना जाता है
देवताईश, दया के घर, सूरज जैसे चमकते, वर और अभय मुद्रा में
शक्तिकाकिनी, नई बिजली जैसी पीली, तीन आँखें और चार हाथ
षट्चक्रनिरूपण मेंश्लोक 22 से 27

षट्चक्रनिरूपण में अनाहत

कमल के बीच एक त्रिकोण है, और उसमें सोने जैसा चमकता बाण लिंग। यह कमल हंस से सुंदर है, जो बिना हवा की जगह में दीये की स्थिर लौ जैसा है (श्लोक 25, 26)।

ग्रंथ के अनुसार इसके ध्यान का फल: यह कमल कल्पवृक्ष जैसा है, जो माँगने से ज़्यादा देता है (श्लोक 22)। इसका ध्यान करने वाला वाणी का स्वामी, योगियों में श्रेष्ठ और इंद्रियों का स्वामी बनता है, और उसकी वाणी साफ़ पानी की तरह बहती है (श्लोक 26, 27)।

अनाहत नाम का अर्थ

अनाहत का अर्थ है बिना चोट का: आहत यानी चोट खाया हुआ। वह नाद जो किसी चीज़ के टकराए बिना उठता है, अनाहत नाद कहलाता है।

बीज मंत्र यं

इस कमल का बीज यं है, वायु तत्व का बीज। बीज छोटा और साफ़ बोला जाता है: पहले अक्षर, फिर होंठ धीरे से बंद करके नाक में गूँजती ध्वनि। सारे बीज, उनके वाहन और बोलने का सरल ढंग बीज मंत्र वाले पन्ने पर हैं।

अनाहत के बारे में जो आज कहा जाता है, पर ग्रंथ में नहीं

आज के चित्रों में अनाहत हरा होता है। षट्चक्रनिरूपण (श्लोक 22) में यह कमल बंधूक फूल जैसा लाल है, और इसका वायु मंडल धुएँ के रंग का।

बीजसेतु में अनाहत

बीजसेतु का कवर: गहरे नीले पर पाँच घेरे, नीचे से ऊपर के पाँच कमल, उन पर पंखुड़ियों के अक्षर, और सुनहरे अक्षरों में पाँच बीज

बीजसेतु: कुंडलिनी, बीज मंत्र और आवाज़ का सच: एक साधक का शोध

बीजसेतु का हर हिस्सा एक चक्र है। खंड 4 इसी पर है: अनाहत: रोशनी, जहाँ पुरानी रोशनियाँ मिलती हैं।

  1. अध्याय 7: चाँद गले पर, सूरज हृदय पर, आग जड़ में लिखी है

इस कमल के बीच बीज यं है। पर य अक्षर किस कमल की पंखुड़ी पर लिखा है? यही बीजसेतु का पहला सवाल है।

बीजसेतु का पूरा अनुक्रम देखिए

सवाल जवाब

अनाहत चक्र पर सवाल

अनाहत चक्र कहाँ होता है?

हृदय में।

अनाहत चक्र का बीज मंत्र क्या है?

यं। यह वायु का बीज है, और षट्चक्रनिरूपण के अनुसार इसका वाहन काला हिरण, जो अपनी तेज़ दौड़ के लिए जाना जाता है है।

अनाहत चक्र में कितनी पंखुड़ियाँ हैं, और उन पर कौन से अक्षर लिखे हैं?

12 पंखुड़ियाँ, बंधूक फूल जैसा चमकता लाल, और उन पर क ख ग घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ लिखे हैं, सिंदूरी रंग में।

अनाहत चक्र का रंग और तत्व क्या है?

षट्चक्रनिरूपण के अनुसार इसकी पंखुड़ियाँ बंधूक फूल जैसा चमकता लाल हैं। तत्व: वायु। बीच का मंडल: छह कोनों वाला, धुएँ के रंग का। आज के चित्रों के इंद्रधनुषी रंग 1927 में जोड़े गए, ग्रंथ के नहीं।

अनाहत चक्र के देवता और शक्ति कौन हैं?

देवता: ईश, दया के घर, सूरज जैसे चमकते, वर और अभय मुद्रा में। शक्ति: काकिनी, नई बिजली जैसी पीली, तीन आँखें और चार हाथ।

Anahata chakra, in English

Anahata (Anāhata) is the fourth chakra of Kundalini, located in the heart. In the Ṣaṭcakranirūpaṇa (verses 22-27) it has 12 petals bearing the letters क ख ग घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ, the element air, and the seed mantra यं, with the mount, deity and Shakti the text names. The petal colours given here are the text's own; the rainbow colours of modern charts are not in it.

अनाहत चक्र के स्रोत

  1. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 22 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  2. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 23 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  3. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 24 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  4. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 25 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  5. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 26 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  6. षट्चक्रनिरूपण, श्लोक 27 (आर्थर एवलॉन का अनुवाद, wisdomlib)
  7. आर्थर एवलॉन, द सर्पेंट पावर (1919), भूमिका का पाँचवाँ अध्याय: चक्र या कमल
  8. Anahata (Wikipedia)

षट्चक्रनिरूपण के श्लोकों की संख्या आर्थर एवलॉन (जॉन वुडरॉफ़) के अनुवाद द सर्पेंट पावर (1919) के अनुसार है, जैसा wisdomlib छापता है। हठयोगप्रदीपिका की संख्या उसके आम छपे पाठ के अनुसार है; कुछ संस्करणों में एक दो श्लोक आगे पीछे हो सकते हैं।