आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · चैत्र
15 अप्रैल 2027 का पंचांग
गुरुवार · चैत्र शुक्ल नवमी
15 अप्रैल 2027, गुरुवार को चैत्र शुक्ल नवमी है, दोपहर 1:21 तक; उसके बाद दशमी। नक्षत्र पुष्य है, सुबह 9:34 तक। सूर्योदय सुबह 5:56 और सूर्यास्त शाम 6:47। राहु काल दोपहर 1:58 से दोपहर 3:34 तक है। इस दिन राम नवमी, बोहाग बिहू, विषु है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन के त्योहार और व्रत
पंचांग
15 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- चैत्र शुक्ल नवमीदोपहर 1:21 तक, फिर दशमी
- नक्षत्र
- पुष्यसुबह 9:34 तक, फिर आश्लेषा
- योग
- धृतिसुबह 8:23 तक, फिर शूल
- करण
- कौलवदोपहर 1:21 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- चैत्र (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कर्कसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:56
- सूर्यास्त
- शाम 6:47
- चंद्रोदय
- दोपहर 1:12
- चंद्रास्त
- रात 2:11
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:20 से सुबह 5:08 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:56 से दोपहर 12:47 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:21 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:58 से दोपहर 3:34 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 5:56 से सुबह 7:33 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:09 से सुबह 10:45 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
पउमचरिय
प्राकृत, जैन परंपरा · उनतालीस में से एक
सबसे पुरानी जैन रामकथा, प्राकृत में। यहाँ लंका के लोग राक्षस नहीं, विद्याधर हैं, और हनुमान भी वानर नहीं, विद्याधर वीर हैं। उड़ना जादू नहीं, विद्या है। सबसे बड़ा फ़र्क़ यह कि यहाँ पूँछ में आग लगने की बात ही नहीं आती।


