पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · चैत्र

14 अप्रैल 2027 का पंचांग

बुधवार · चैत्र शुक्ल अष्टमी

14 अप्रैल 2027, बुधवार को चैत्र शुक्ल अष्टमी है, दोपहर 3:24 तक; उसके बाद नवमी। नक्षत्र पुनर्वसु है, सुबह 10:53 तक। सूर्योदय सुबह 5:57 और सूर्यास्त शाम 6:46। राहु काल दोपहर 12:22 से दोपहर 1:58 तक है। इस दिन बैसाखी · पुथांडु, मासिक दुर्गाष्टमी, मेष संक्रांति है। समय नई दिल्ली के हैं।

पंचांग

14 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
चैत्र शुक्ल अष्टमीदोपहर 3:24 तक, फिर नवमी
नक्षत्र
पुनर्वसुसुबह 10:53 तक, फिर पुष्य
योग
सुकर्मासुबह 11:10 तक, फिर धृति
करण
बवदोपहर 3:24 तक
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
चैत्र (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
कर्कसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मीन
सूर्योदय
सुबह 5:57
सूर्यास्त
शाम 6:46
चंद्रोदय
दोपहर 12:05
चंद्रास्त
रात 1:26

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:21 से सुबह 5:09 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:56 से दोपहर 12:47 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:30 से दोपहर 3:21 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 12:22 से दोपहर 1:58 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 7:33 से सुबह 9:10 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

कंब रामायण

तमिल · उनतालीस में से एक

तमिल की सबसे बड़ी रामकथा, जिसे कंबन ने रचा। इसमें हर हिस्से का अपना अध्याय है, जैसे नगर ढूँढने का अध्याय और लौटकर चरणों में सिर रखने का अध्याय। कंबन ब्योरे में नहीं, दृश्य में जाते हैं, इसलिए उनकी लंका देखी हुई लगती है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

14 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

14 अप्रैल 2027, बुधवार को चैत्र शुक्ल अष्टमी है, दोपहर 3:24 तक। उसके बाद नवमी लगती है।

14 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 14 अप्रैल 2027 को राहु काल दोपहर 12:22 से दोपहर 1:58 तक है। यमगंड सुबह 7:33 से सुबह 9:10 तक और गुलिक काल सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 तक है।

14 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु नक्षत्र, सुबह 10:53 तक, फिर पुष्य।

14 अप्रैल 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

14 अप्रैल 2027 को बैसाखी · पुथांडु (तमिल नव वर्ष) · पणा संक्रांति (ओडिया नव वर्ष), मासिक दुर्गाष्टमी, मेष संक्रांति है।