पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · चैत्र

13 अप्रैल 2027 का पंचांग

मंगलवार · चैत्र शुक्ल सप्तमी

13 अप्रैल 2027, मंगलवार को चैत्र शुक्ल सप्तमी है, शाम 5:29 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र आर्द्रा है, दोपहर 12:13 तक। सूर्योदय सुबह 5:58 और सूर्यास्त शाम 6:46। राहु काल दोपहर 3:34 से शाम 5:10 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: राम नवमी, 15 अप्रैल 2027, गुरुवार।

पंचांग

13 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
चैत्र शुक्ल सप्तमीशाम 5:29 तक, फिर अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रादोपहर 12:13 तक, फिर पुनर्वसु
योग
अतिगंडदोपहर 1:59 तक, फिर सुकर्मा
करण
गरसुबह 6:32 तक
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
चैत्र (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मिथुनसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मीन
सूर्योदय
सुबह 5:58
सूर्यास्त
शाम 6:46
चंद्रोदय
सुबह 10:56
चंद्रास्त
रात 12:34

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:22 से सुबह 5:10 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:56 से दोपहर 12:48 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:30 से दोपहर 3:21 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 3:34 से शाम 5:10 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 9:10 से सुबह 10:46 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 12:22 से दोपहर 1:58 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना

मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar

कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं

आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।

Google कैलेंडर में जोड़ें

  • मुफ़्त
  • कोई साइन अप नहीं
  • नाम, नंबर या ईमेल नहीं
  • जब चाहें हटा दें

दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल

इस दिन की रामकथा

रामकियेन

थाई · उनतालीस में से एक

थाईलैंड की राष्ट्रीय रामकथा, जिसे आज के रूप में अठारहवीं सदी में राजा राम प्रथम के दरबार ने पूरा किया। नाम बदल जाते हैं: राम यहाँ फ्रा राम हैं, सीता नांग सीदा, रावण थोतसकान, और विभीषण फिपेक। हनुमान यहाँ सफ़ेद वानर हैं और ब्रह्मचारी नहीं। यह कथा पढ़ी कम, नाची और खेली ज़्यादा जाती है, खोन नृत्य और छाया नाटक में।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

13 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

13 अप्रैल 2027, मंगलवार को चैत्र शुक्ल सप्तमी है, शाम 5:29 तक। उसके बाद अष्टमी लगती है।

13 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 13 अप्रैल 2027 को राहु काल दोपहर 3:34 से शाम 5:10 तक है। यमगंड सुबह 9:10 से सुबह 10:46 तक और गुलिक काल दोपहर 12:22 से दोपहर 1:58 तक है।

13 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा नक्षत्र, दोपहर 12:13 तक, फिर पुनर्वसु।

13 अप्रैल 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

राम नवमी, 15 अप्रैल 2027, गुरुवार को।