पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · कार्तिक

31 अक्टूबर 2027 का पंचांग

रविवार · कार्तिक शुक्ल द्वितीया

31 अक्टूबर 2027, रविवार को कार्तिक शुक्ल द्वितीया है, शाम 5:14 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र विशाखा है, सुबह 9:31 तक। सूर्योदय सुबह 6:32 और सूर्यास्त शाम 5:37। राहु काल शाम 4:14 से शाम 5:37 तक है। इस दिन भाई दूज है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन के त्योहार और व्रत

पंचांग

31 अक्टूबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
कार्तिक शुक्ल द्वितीयाशाम 5:14 तक, फिर तृतीया
नक्षत्र
विशाखासुबह 9:31 तक, फिर अनुराधा
योग
सौभाग्यरात 8:56 तक, फिर शोभन
करण
कौलवशाम 5:14 तक
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
कार्तिक (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
वृश्चिकसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
तुला
सूर्योदय
सुबह 6:32
सूर्यास्त
शाम 5:37
चंद्रोदय
सुबह 8:15
चंद्रास्त
शाम 6:41

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:56 से सुबह 5:44 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 1:55 से दोपहर 2:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 4:14 से शाम 5:37 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:05 से दोपहर 1:28 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 2:51 से शाम 4:14 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

आनंद रामायण

संस्कृत · उनतालीस में से एक

नौ कांडों का ग्रंथ, जिसमें पूरी वाल्मीकि कथा पहले ही कांड में सिमट जाती है, और बाक़ी आठ कांड नई कथाओं के हैं। इसमें ऐसे कई प्रसंग जुड़े हैं जो पुराने पाठों में नहीं मिलते। इसका रामरक्षा स्तोत्र आज भी रोज़ पढ़ा जाता है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

31 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

31 अक्टूबर 2027, रविवार को कार्तिक शुक्ल द्वितीया है, शाम 5:14 तक। उसके बाद तृतीया लगती है।

31 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 31 अक्टूबर 2027 को राहु काल शाम 4:14 से शाम 5:37 तक है। यमगंड दोपहर 12:05 से दोपहर 1:28 तक और गुलिक काल दोपहर 2:51 से शाम 4:14 तक है।

31 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा नक्षत्र, सुबह 9:31 तक, फिर अनुराधा।

31 अक्टूबर 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

31 अक्टूबर 2027 को भाई दूज है।