पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · कार्तिक

30 अक्टूबर 2027 का पंचांग

शनिवार · कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा

30 अक्टूबर 2027, शनिवार को कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा है, शाम 5:52 तक; उसके बाद द्वितीया। नक्षत्र स्वाती है, सुबह 9:44 तक। सूर्योदय सुबह 6:31 और सूर्यास्त शाम 5:38। राहु काल सुबह 9:18 से सुबह 10:41 तक है। इस दिन गोवर्धन पूजा है। समय नई दिल्ली के हैं।

पंचांग

30 अक्टूबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदाशाम 5:52 तक, फिर द्वितीया
नक्षत्र
स्वातीसुबह 9:44 तक, फिर विशाखा
योग
आयुष्मानरात 10:31 तक, फिर सौभाग्य
करण
बवशाम 5:52 तक
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
कार्तिक (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
तुलासूर्योदय के समय
सूर्य राशि
तुला
सूर्योदय
सुबह 6:31
सूर्यास्त
शाम 5:38
चंद्रोदय
सुबह 7:11
चंद्रास्त
शाम 5:55

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:55 से सुबह 5:43 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 1:56 से दोपहर 2:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 9:18 से सुबह 10:41 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 1:28 से दोपहर 2:51 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 6:31 से सुबह 7:55 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2027 का पूरा महीना

मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar

कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं

आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।

Google कैलेंडर में जोड़ें

  • मुफ़्त
  • कोई साइन अप नहीं
  • नाम, नंबर या ईमेल नहीं
  • जब चाहें हटा दें

दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल

इस दिन की रामकथा

अद्भुत रामायण

संस्कृत · उनतालीस में से एक

शाक्त परंपरा की कथा, सत्ताईस सर्गों की, जिसमें सीता केंद्र में हैं। यहाँ सीता मंदोदरी से जन्मी बताई गई हैं। लंका के बाद पुष्कर द्वीप पर हज़ार सिर वाला एक और रावण खड़ा होता है; राम बेहोश हो जाते हैं, और उसे महाकाली बनकर सीता गिराती हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

30 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

30 अक्टूबर 2027, शनिवार को कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा है, शाम 5:52 तक। उसके बाद द्वितीया लगती है।

30 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2027 को राहु काल सुबह 9:18 से सुबह 10:41 तक है। यमगंड दोपहर 1:28 से दोपहर 2:51 तक और गुलिक काल सुबह 6:31 से सुबह 7:55 तक है।

30 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

स्वाती नक्षत्र, सुबह 9:44 तक, फिर विशाखा।

30 अक्टूबर 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

30 अक्टूबर 2027 को गोवर्धन पूजा · बली प्रतिपदा · गुजराती नव वर्ष है।