आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · कार्तिक
1 नवंबर 2027 का पंचांग
सोमवार · कार्तिक शुक्ल तृतीया
1 नवंबर 2027, सोमवार को कार्तिक शुक्ल तृतीया है, शाम 5:16 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र अनुराधा है, सुबह 9:58 तक। सूर्योदय सुबह 6:33 और सूर्यास्त शाम 5:36। राहु काल सुबह 7:56 से सुबह 9:19 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
1 नवंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- कार्तिक शुक्ल तृतीयाशाम 5:16 तक, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र
- अनुराधासुबह 9:58 तक, फिर ज्येष्ठा
- योग
- शोभनरात 7:54 तक, फिर अतिगंड
- करण
- गरशाम 5:16 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- कार्तिक (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृश्चिकसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:33
- सूर्यास्त
- शाम 5:36
- चंद्रोदय
- सुबह 9:16
- चंद्रास्त
- रात 7:32
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:57 से सुबह 5:45 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:55 से दोपहर 2:39 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 7:56 से सुबह 9:19 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 10:42 से दोपहर 12:05 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 1:28 से दोपहर 2:50 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
कृत्तिवासी रामायण
बांग्ला · उनतालीस में से एक
बांग्ला की वह रामकथा जो पयार छंद में, गाकर सुनाने के लिए लिखी गई। परंपरा कहती है कि गौड़ के एक राजा के कहने पर। यहाँ लंका की रक्षक लंकिनी नहीं, देवी चामुंडा हैं, जो हनुमान का नाम सुनते ही बिना लड़े कैलाश चली जाती हैं।