पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · कार्तिक

18 अक्टूबर 2027 का पंचांग

सोमवार · कार्तिक कृष्ण तृतीया

18 अक्टूबर 2027, सोमवार को कार्तिक कृष्ण तृतीया है, शाम 5:52 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र कृत्तिका है, रात 11:48 तक। सूर्योदय सुबह 6:23 और सूर्यास्त शाम 5:49। राहु काल सुबह 7:49 से सुबह 9:15 तक है। इस दिन करवा चौथ, काति बिहू, तुला संक्रांति है। समय नई दिल्ली के हैं।

पंचांग

18 अक्टूबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
कार्तिक कृष्ण तृतीयाशाम 5:52 तक, फिर चतुर्थी
नक्षत्र
कृत्तिकारात 11:48 तक, फिर रोहिणी
योग
सिद्धिसुबह 11:18 तक, फिर व्यतीपात
करण
विष्टि (भद्रा)शाम 5:52 तक
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
कार्तिक (पूर्णिमांत)आश्विन (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
वृषभसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
तुला
सूर्योदय
सुबह 6:23
सूर्यास्त
शाम 5:49
चंद्रोदय
रात 7:30
चंद्रास्त
सुबह 9:00

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:47 से सुबह 5:35 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:43 से दोपहर 12:29 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:00 से दोपहर 2:46 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 7:49 से सुबह 9:15 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 10:41 से दोपहर 12:06 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 1:32 से दोपहर 2:58 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

गिरधर रामायण

गुजराती · उनतालीस में से एक

गुजराती की वह रामकथा जिसे गिरधर ने सन 1835 में पूरा किया। उन्होंने कथा मुख्य रूप से वाल्मीकि और हनुमन्नाटक से ली, और उसे सीधी सादी भाषा में लिखा। सबसे बड़ी बात इसका संगीत है: यह कई रागों और छंदों में बँधी है, जैसे धनाश्री, बिलावल, मारू, सोरठ और आसावरी, इसलिए इसे पढ़ा कम और गाया ज़्यादा जाता है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

18 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

18 अक्टूबर 2027, सोमवार को कार्तिक कृष्ण तृतीया है, शाम 5:52 तक। उसके बाद चतुर्थी लगती है।

18 अक्टूबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 18 अक्टूबर 2027 को राहु काल सुबह 7:49 से सुबह 9:15 तक है। यमगंड सुबह 10:41 से दोपहर 12:06 तक और गुलिक काल दोपहर 1:32 से दोपहर 2:58 तक है।

18 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

कृत्तिका नक्षत्र, रात 11:48 तक, फिर रोहिणी।

18 अक्टूबर 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

18 अक्टूबर 2027 को करवा चौथ, काति बिहू, तुला संक्रांति है।