आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आश्विन
14 अक्टूबर 2027 का पंचांग
गुरुवार · आश्विन शुक्ल चतुर्दशी
14 अक्टूबर 2027, गुरुवार को आश्विन शुक्ल चतुर्दशी है, शाम 6:50 तक; उसके बाद पूर्णिमा। नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है, रात 10:31 तक। सूर्योदय सुबह 6:21 और सूर्यास्त शाम 5:53। राहु काल दोपहर 1:34 से दोपहर 3:00 तक है। इस दिन शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूजा है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन के त्योहार और व्रत
पंचांग
14 अक्टूबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन शुक्ल चतुर्दशीशाम 6:50 तक, फिर पूर्णिमा
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपदरात 10:31 तक, फिर रेवती
- योग
- ध्रुवशाम 4:16 तक, फिर व्याघात
- करण
- गरसुबह 6:24 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मीनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कन्या
- सूर्योदय
- सुबह 6:21
- सूर्यास्त
- शाम 5:53
- चंद्रोदय
- शाम 4:57
- चंद्रास्त
- सुबह 5:01
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:45 से सुबह 5:33 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:02 से दोपहर 2:49 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:34 से दोपहर 3:00 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 6:21 से सुबह 7:48 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:14 से सुबह 10:41 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
हिकायत सेरी राम
मलय · उनतालीस में से एक
मलय में लिखी रामकथा, हिकायत सेरी राम। हिकायत यानी सुनाई जाने वाली कहानी, इसलिए यह गद्य में है। यहाँ हनुमान सेरी राम के अपने बेटे हैं, और सीता सिति देवी। इसकी सबसे पुरानी पोथी 1633 से पहले की है, और केलंतान के छाया नाटक में इसके प्रसंग आज भी खेले जाते हैं।

