आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आश्विन
15 अक्टूबर 2027 का पंचांग
शुक्रवार · आश्विन पूर्णिमा
15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को आश्विन पूर्णिमा है, शाम 7:17 तक; उसके बाद प्रतिपदा। नक्षत्र रेवती है, रात 11:30 तक। सूर्योदय सुबह 6:22 और सूर्यास्त शाम 5:52। राहु काल सुबह 10:41 से दोपहर 12:07 तक है। इस दिन वाल्मीकि जयंती है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
15 अक्टूबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन पूर्णिमाशाम 7:17 तक, फिर प्रतिपदा
- नक्षत्र
- रेवतीरात 11:30 तक, फिर अश्विनी
- योग
- व्याघातदोपहर 3:35 तक, फिर हर्षण
- करण
- विष्टि (भद्रा)सुबह 7:07 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मीनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कन्या
- सूर्योदय
- सुबह 6:22
- सूर्यास्त
- शाम 5:52
- चंद्रोदय
- शाम 5:29
- चंद्रास्त
- सुबह 5:57
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:46 से सुबह 5:34 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:02 से दोपहर 2:48 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 10:41 से दोपहर 12:07 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 2:59 से शाम 4:26 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:48 से सुबह 9:14 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
मोल्ला रामायणम्
तेलुगु · उनतालीस में से एक
तेलुगु की वह रामकथा जिसे सोलहवीं सदी में मोल्ला ने रचा, एक कुम्हार की बेटी ने। उनके पीछे कोई बड़ा घराना नहीं था, और वे अपनी कविता को अपनी कमाई नहीं, देन मानती हैं। यह तेलुगु की पहली संक्षेप रामकथा मानी जाती है।
