पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आश्विन

26 सितंबर 2027 का पंचांग

रविवार · आश्विन कृष्ण एकादशी

26 सितंबर 2027, रविवार को आश्विन कृष्ण एकादशी है, रात 7:50 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र पुष्य है, दोपहर 12:38 तक। सूर्योदय सुबह 6:11 और सूर्यास्त शाम 6:14। राहु काल शाम 4:43 से शाम 6:14 तक है। इस दिन इंदिरा एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन के त्योहार और व्रत

पंचांग

26 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
आश्विन कृष्ण एकादशीरात 7:50 तक, फिर द्वादशी
नक्षत्र
पुष्यदोपहर 12:38 तक, फिर आश्लेषा
योग
शिवदोपहर 2:36 तक, फिर सिद्ध
करण
बवसुबह 9:13 तक
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
आश्विन (पूर्णिमांत)भाद्रपद (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
कर्कसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
कन्या
सूर्योदय
सुबह 6:11
सूर्यास्त
शाम 6:14
चंद्रोदय
रात 1:47
चंद्रास्त
दोपहर 3:39

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:35 से सुबह 5:23 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:48 से दोपहर 12:36 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:13 से दोपहर 3:01 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 4:43 से शाम 6:14 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:12 से दोपहर 1:43 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 3:13 से शाम 4:43 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

अध्यात्म रामायण किलिप्पाट्टु

मलयालम · उनतालीस में से एक

मलयालम की वह कथा जिसे सुनाने वाला कोई आदमी नहीं, एक तोता है। इसका सुंदरकांडम् अकेला कांड है जो कलकांचि छंद में है, और लंका के द्वार पर रोकने वाली का नाम यहाँ लंकालक्ष्मी है, जिसके हिस्से का नाम ही है उसकी मुक्ति।

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सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

26 सितंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

26 सितंबर 2027, रविवार को आश्विन कृष्ण एकादशी है, रात 7:50 तक। उसके बाद द्वादशी लगती है।

26 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 26 सितंबर 2027 को राहु काल शाम 4:43 से शाम 6:14 तक है। यमगंड दोपहर 12:12 से दोपहर 1:43 तक और गुलिक काल दोपहर 3:13 से शाम 4:43 तक है।

26 सितंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पुष्य नक्षत्र, दोपहर 12:38 तक, फिर आश्लेषा।

26 सितंबर 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

26 सितंबर 2027 को इंदिरा एकादशी है।