पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आश्विन

25 सितंबर 2027 का पंचांग

शनिवार · आश्विन कृष्ण दशमी

25 सितंबर 2027, शनिवार को आश्विन कृष्ण दशमी है, रात 10:31 तक; उसके बाद एकादशी। नक्षत्र पुनर्वसु है, दोपहर 2:28 तक। सूर्योदय सुबह 6:11 और सूर्यास्त शाम 6:15। राहु काल सुबह 9:12 से सुबह 10:42 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: महालया अमावस्या, 29 सितंबर 2027, बुधवार।

पंचांग

25 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
आश्विन कृष्ण दशमीरात 10:31 तक, फिर एकादशी
नक्षत्र
पुनर्वसुदोपहर 2:28 तक, फिर पुष्य
योग
परिघशाम 5:52 तक, फिर शिव
करण
वणिजसुबह 11:46 तक
वार
शनिवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
आश्विन (पूर्णिमांत)भाद्रपद (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मिथुनसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
कन्या
सूर्योदय
सुबह 6:11
सूर्यास्त
शाम 6:15
चंद्रोदय
रात 12:37
चंद्रास्त
दोपहर 2:55

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:35 से सुबह 5:23 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:49 से दोपहर 12:37 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:13 से दोपहर 3:02 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 9:12 से सुबह 10:42 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 1:43 से दोपहर 3:14 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 6:11 से सुबह 7:41 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

भावार्थ रामायण

मराठी, ओवी छंद · उनतालीस में से एक

मराठी की सबसे बड़ी रामकथा, वारकरी परंपरा की, लगभग चालीस हज़ार ओवियों में। इसका सुंदरकांड बयालीस अध्यायों का है, और इसमें रावण के दरबार में देवता नौकर बने दिखते हैं, इसलिए यहाँ लड़ाई देवताओं को छुड़ाने की भी है।

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सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

25 सितंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

25 सितंबर 2027, शनिवार को आश्विन कृष्ण दशमी है, रात 10:31 तक। उसके बाद एकादशी लगती है।

25 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 25 सितंबर 2027 को राहु काल सुबह 9:12 से सुबह 10:42 तक है। यमगंड दोपहर 1:43 से दोपहर 3:14 तक और गुलिक काल सुबह 6:11 से सुबह 7:41 तक है।

25 सितंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु नक्षत्र, दोपहर 2:28 तक, फिर पुष्य।

25 सितंबर 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

महालया अमावस्या, 29 सितंबर 2027, बुधवार को।