आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आश्विन
27 सितंबर 2027 का पंचांग
सोमवार · आश्विन कृष्ण द्वादशी
27 सितंबर 2027, सोमवार को आश्विन कृष्ण द्वादशी है, शाम 4:56 तक; उसके बाद त्रयोदशी। नक्षत्र आश्लेषा है, सुबह 10:34 तक। सूर्योदय सुबह 6:12 और सूर्यास्त शाम 6:12। राहु काल सुबह 7:42 से सुबह 9:12 तक है। इस दिन सोम प्रदोष व्रत है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
27 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन कृष्ण द्वादशीशाम 4:56 तक, फिर त्रयोदशी
- नक्षत्र
- आश्लेषासुबह 10:34 तक, फिर मघा
- योग
- सिद्धसुबह 11:08 तक, फिर साध्य
- करण
- कौलवसुबह 6:24 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)भाद्रपद (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कर्कसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कन्या
- सूर्योदय
- सुबह 6:12
- सूर्यास्त
- शाम 6:12
- चंद्रोदय
- रात 2:55
- चंद्रास्त
- शाम 4:18
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:36 से सुबह 5:24 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:48 से दोपहर 12:36 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:12 से दोपहर 3:00 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 7:42 से सुबह 9:12 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 10:42 से दोपहर 12:12 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 1:42 से दोपहर 3:12 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
सप्तकांड रामायण
असमिया · उनतालीस में से एक
असमिया की पहली बड़ी रामकथा, माधव कंदली की, जो चौदहवीं सदी में लिखी गई। कवि ने ख़ुद कहा है कि उन्होंने लंबी बातें छोड़कर सार लिया, ताकि आम लोग समझ सकें। यहाँ राम और सीता अपनी कमज़ोरियों के साथ इंसान हैं।