पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में · भारत में

भावार्थ रामायण

Bhavartha Ramayana

  • भाषा मराठी, ओवी छंद
  • किसकी एकनाथ, पैठण; अंतिम भाग किसी शिष्य का
  • कब सोलहवीं सदी, सात कांड और लगभग 297 अध्याय
  • कहाँ पैठण, महाराष्ट्र

यह कथा

मराठी की सबसे बड़ी रामकथा, वारकरी परंपरा की, लगभग चालीस हज़ार ओवियों में। इसका सुंदरकांड बयालीस अध्यायों का है, और इसमें रावण के दरबार में देवता नौकर बने दिखते हैं, इसलिए यहाँ लड़ाई देवताओं को छुड़ाने की भी है।

एक नज़र में

भावार्थ रामायण, अपनी लिपि में

भावार्थ रामायण

लिपि
देवनागरी, मराठी
रूप
सात कांड, लगभग 297 अध्याय, लगभग 40,000 ओवी
समय
सोलहवीं सदी का अंत, लगभग 1595 से 1599

इस कथा की लंका

  • सुंदरकांड 42 अध्यायों का है, वाल्मीकि से कहीं लंबा।
  • एक अध्याय में गजेंद्र मोक्ष की कथा आती है, यह समझाने के लिए कि जलने से पहले लंका सोने जैसी क्यों चमकती थी।
  • रावण के दरबार में देवता नौकर हैं: इंद्र चँवर डुलाते हैं, चंद्र छत्र पकड़ते हैं; युद्ध देवताओं को छुड़ाने का भी है।

आज: महाराष्ट्र के गाँवों में और वारकरी परंपरा में आज भी पारायण होता है।

स्रोत:

  1. mr.wikisource.org
  2. santsahitya.in
  3. mahamtb.com

इस कथा की एक खुली प्रति

सुंदरकांड के पल, इस कथा में

खेल में लंका की किसी जगह पर पहुँचकर वही पल दूसरी रामकथाओं में भी पढ़ा जा सकता है। यह कथा उन पलों को ऐसे कहती है।

जो कोना ख़ाली निकला

पहली रात: खोज

ख़ाली कोने यहाँ नाम लेकर गिने जाते हैं, एक एक करके।

एक बाग़ के बाद दूसरा, और हर बार वही नतीजा।

वे एक कोने में जाते हैं, वहाँ सिर्फ़ सूखे पत्ते मिलते हैं, और वे अगले कोने की ओर बढ़ जाते हैं।

हर ख़ाली जगह के बाद उम्मीद थोड़ी और कम होती जाती है।

इसी गिनती से पता चलता है कि खोज में सचमुच कितना वक़्त लगा।

भावार्थ रामायण, एकनाथ, सुंदरकांड

सोने वाला बाज़ार

पहली रात: खोज

मराठी कथा में यह बाज़ार अपने नाम से आता है।

वहाँ हर हिस्से को अलग अलग गिनाया जाता है, इसलिए नगर बड़ा लगने लगता है।

दुकानों के आगे तराज़ू लटके हैं, और बोरियों में अनाज भरा पड़ा है।

रात होने पर भी कुछ दुकानें खुली हैं, क्योंकि नगर में जश्न चल रहा है।

देर लगनी भी चाहिए, क्योंकि ढूँढने में सचमुच देर लगी थी।

भावार्थ रामायण, एकनाथ, सुंदरकांड

इस कथा के 2 और पल खेल के भीतर पढ़े जा सकते हैं: अशोक वाटिका, वाटिका का सरोवर।

इस कथा से खेल के पत्ते

खेल में ये पत्ते इसी कथा से खुलते हैं। हर पत्ते में एक ऐसी बात है जो बहुत कम लोगों ने सुनी है।

  • शिष्य ने पूरी की
  • अध्यात्म से ली गई घटनाएँ
  • अपने समय के रावणों के ख़िलाफ़
  • बयालीस अध्यायों का सुंदरकांड
  • तीन ग्रंथों से बनी कथा

खेल में ढूँढो

उपन्यास

यह कथा उनतालीस लंकाओं में से एक है। इन्हीं लंकाओं पर मनु विश्रांति की उपन्यास गाथा बनी है: उनतालीस लंकाएँ।

भावार्थ रामायण इन त्योहारों के पन्नों पर भी आती है, उनतालीस लंकाएँ पंचांग 2027 में: देवउठनी एकादशी। ये दिन, और साल का हर त्योहार और व्रत, एक बार दबाकर अपने फ़ोन के कैलेंडर में: Manu Vishranti Calendar जोड़ें।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

भावार्थ रामायण किस भाषा में है?

मराठी, ओवी छंद।

भावार्थ रामायण किसकी रचना है?

एकनाथ, पैठण; अंतिम भाग किसी शिष्य का।

भावार्थ रामायण कहाँ की है?

पैठण, महाराष्ट्र।

भावार्थ रामायण कब की है?

सोलहवीं सदी, सात कांड और लगभग 297 अध्याय।