आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आश्विन
23 सितंबर 2027 का पंचांग
गुरुवार · आश्विन कृष्ण अष्टमी
23 सितंबर 2027, गुरुवार को आश्विन कृष्ण अष्टमी है, 24 सितंबर, रात 2:58 तक; उसके बाद नवमी। नक्षत्र मृगशिरा है, शाम 5:07 तक। सूर्योदय सुबह 6:10 और सूर्यास्त शाम 6:17। राहु काल दोपहर 1:44 से दोपहर 3:15 तक है। इस दिन कालाष्टमी, जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन के त्योहार और व्रत
पंचांग
23 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन कृष्ण अष्टमी24 सितंबर, रात 2:58 तक, फिर नवमी
- नक्षत्र
- मृगशिराशाम 5:07 तक, फिर आर्द्रा
- योग
- व्यतीपातरात 11:36 तक, फिर वरीयान
- करण
- बालवदोपहर 3:50 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)भाद्रपद (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मिथुनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कन्या
- सूर्योदय
- सुबह 6:10
- सूर्यास्त
- शाम 6:17
- चंद्रोदय
- रात 11:30
- चंद्रास्त
- दोपहर 1:11
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:34 से सुबह 5:22 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:49 से दोपहर 12:38 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:15 से दोपहर 3:03 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:44 से दोपहर 3:15 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 6:10 से सुबह 7:41 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:12 से सुबह 10:43 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
कृत्तिवासी रामायण
बांग्ला · उनतालीस में से एक
बांग्ला की वह रामकथा जो पयार छंद में, गाकर सुनाने के लिए लिखी गई। परंपरा कहती है कि गौड़ के एक राजा के कहने पर। यहाँ लंका की रक्षक लंकिनी नहीं, देवी चामुंडा हैं, जो हनुमान का नाम सुनते ही बिना लड़े कैलाश चली जाती हैं।
