पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · भाद्रपद

10 सितंबर 2027 का पंचांग

शुक्रवार · भाद्रपद शुक्ल दशमी

10 सितंबर 2027, शुक्रवार को भाद्रपद शुक्ल दशमी है, शाम 5:01 तक; उसके बाद एकादशी। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, रात 11:51 तक। सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:33। राहु काल सुबह 10:44 से दोपहर 12:18 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: अनंत चतुर्दशी, 14 सितंबर 2027, मंगलवार।

पंचांग

10 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
भाद्रपद शुक्ल दशमीशाम 5:01 तक, फिर एकादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ारात 11:51 तक, फिर उत्तराषाढ़ा
योग
सौभाग्य11 सितंबर, सुबह 5:39 तक, फिर शोभन
करण
गरशाम 5:01 तक
वार
शुक्रवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
भाद्रपद (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
धनुसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
सिंह
सूर्योदय
सुबह 6:03
सूर्यास्त
शाम 6:33
चंद्रोदय
दोपहर 3:16
चंद्रास्त
रात 12:47

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:27 से सुबह 5:15 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:53 से दोपहर 12:43 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:23 से दोपहर 3:13 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 10:44 से दोपहर 12:18 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 3:25 से शाम 4:59 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 7:37 से सुबह 9:11 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

भानुभक्त रामायण

नेपाली · उनतालीस में से एक

नेपाल की पहली बड़ी रामकथा, जिसे भानुभक्त आचार्य ने उन्नीसवीं सदी में नेपाली में रचा। उस समय धर्म की बात संस्कृत में ही लिखी जाती थी, और यही इसका सबसे बड़ा क़दम है, क्योंकि इससे कथा आम लोगों की ज़बान में आ गई। पहले यह ज़बानी फैली, और पूरी छपी 1887 में, कवि के जाने के बाद। नेपाल में उन्हें आदिकवि कहा जाता है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

10 सितंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

10 सितंबर 2027, शुक्रवार को भाद्रपद शुक्ल दशमी है, शाम 5:01 तक। उसके बाद एकादशी लगती है।

10 सितंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 10 सितंबर 2027 को राहु काल सुबह 10:44 से दोपहर 12:18 तक है। यमगंड दोपहर 3:25 से शाम 4:59 तक और गुलिक काल सुबह 7:37 से सुबह 9:11 तक है।

10 सितंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, रात 11:51 तक, फिर उत्तराषाढ़ा।

10 सितंबर 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

अनंत चतुर्दशी, 14 सितंबर 2027, मंगलवार को।