आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · भाद्रपद
9 सितंबर 2027 का पंचांग
गुरुवार · भाद्रपद शुक्ल नवमी
9 सितंबर 2027, गुरुवार को भाद्रपद शुक्ल नवमी है, दोपहर 2:39 तक; उसके बाद दशमी। नक्षत्र मूल है, रात 8:52 तक। सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:34। राहु काल दोपहर 1:52 से दोपहर 3:26 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
9 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- भाद्रपद शुक्ल नवमीदोपहर 2:39 तक, फिर दशमी
- नक्षत्र
- मूलरात 8:52 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा
- योग
- आयुष्मान10 सितंबर, सुबह 4:40 तक, फिर सौभाग्य
- करण
- कौलवदोपहर 2:39 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- भाद्रपद (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- धनुसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- सिंह
- सूर्योदय
- सुबह 6:03
- सूर्यास्त
- शाम 6:34
- चंद्रोदय
- दोपहर 2:32
- चंद्रास्त
- इस दिन नहीं
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:27 से सुबह 5:15 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:53 से दोपहर 12:43 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:24 से दोपहर 3:14 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:52 से दोपहर 3:26 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 6:03 से सुबह 7:37 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:11 से सुबह 10:45 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
गिरधर रामायण
गुजराती · उनतालीस में से एक
गुजराती की वह रामकथा जिसे गिरधर ने सन 1835 में पूरा किया। उन्होंने कथा मुख्य रूप से वाल्मीकि और हनुमन्नाटक से ली, और उसे सीधी सादी भाषा में लिखा। सबसे बड़ी बात इसका संगीत है: यह कई रागों और छंदों में बँधी है, जैसे धनाश्री, बिलावल, मारू, सोरठ और आसावरी, इसलिए इसे पढ़ा कम और गाया ज़्यादा जाता है।