पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में · भारत के बाहर

भानुभक्त रामायण

Bhanubhakta Ramayana

  • भाषा नेपाली
  • किसकी भानुभक्त आचार्य
  • कब उन्नीसवीं सदी, छपी 1887 में
  • कहाँ तनहुँ, नेपाल

यह कथा

नेपाल की पहली बड़ी रामकथा, जिसे भानुभक्त आचार्य ने उन्नीसवीं सदी में नेपाली में रचा। उस समय धर्म की बात संस्कृत में ही लिखी जाती थी, और यही इसका सबसे बड़ा क़दम है, क्योंकि इससे कथा आम लोगों की ज़बान में आ गई। पहले यह ज़बानी फैली, और पूरी छपी 1887 में, कवि के जाने के बाद। नेपाल में उन्हें आदिकवि कहा जाता है।

एक नज़र में

भानुभक्त रामायण, अपनी लिपि में

भानुभक्तको रामायण

लिपि
देवनागरी, नेपाली
रूप
सात कांड, संस्कृत छंदों में; अध्यात्म रामायण पर आधारित
समय
1844 से 1853 के बीच; पूरी छपी 1887 में

इस कथा की लंका

  • नेपाली में पहली पूरी रामकथा; इसी से कथा संस्कृत से निकलकर लोगों की ज़बान में आई।
  • सुंदरकांड हनुमान जी के खारे समुद्र को पार करने के निश्चय से खुलता है, मन राम के चरणों में।
  • एक जीवनी कहती है कि चार कांड कवि ने जेल के लगभग पाँच महीनों में लिखे।

आज: हर साल भानु जयंती पर याद किया जाता है; नेपाल के स्कूलों में पढ़ाया जाता है।

स्रोत:

  1. en.wikipedia.org
  2. en.wikipedia.org, 2
  3. ir.nbu.ac.in

सुंदरकांड के पल, इस कथा में

खेल में लंका की किसी जगह पर पहुँचकर वही पल दूसरी रामकथाओं में भी पढ़ा जा सकता है। यह कथा उन पलों को ऐसे कहती है।

पानी से उठा पहाड़

पहली रात: खोज

पहाड़ इस तरह उठता है जैसे कोई जानी पहचानी चीज़ सामने आ गई हो।

चोटी पर बर्फ़ नहीं है, पर सोने जैसी चमक ज़रूर है।

पहाड़ पानी से निकलकर सिर उठाता है, जैसे कोई पड़ोसी दरवाज़े से झाँकता हो।

वह रुकने को कहता है, और जवाब में सिर्फ़ एक हाथ उठता है, धन्यवाद का।

भाषा सीधी है और चाल गाने जैसी, इसलिए यह पल जल्दी बीत जाता है।

भानुभक्त रामायण, नेपाली · मैनाक

आम घरों की गली

पहली रात: खोज

नेपाल में यही पल पहली बार लोगों की अपनी ज़बान में सुनाई दिया।

उससे पहले यह सब संस्कृत में ही कहा जाता था, इसलिए सुनने वाले कम थे और समझने वाले उससे भी कम।

गली में घरों के आगे छोटे आँगन हैं, और उनमें तुलसी के पौधे रखे हैं।

किसी घर से रात की आख़िरी बातचीत सुनाई देती है, फिर दीया बुझा दिया जाता है।

जो आदमी घास काटकर गुज़ारा करता था, उसी की कही बात से इस काम की शुरुआत मानी जाती है।

भानुभक्त रामायण, उन्नीसवीं सदी

सुग्रीव का महल

तीसरा हिस्सा: ख़बर

ख़बर गाँव गाँव तक मुँह से मुँह चलकर पहुँची।

लोग उसे याद करके दोहराते रहे, और लिखी बहुत बाद में गई।

खेत में काम करते हुए लोग रुक जाते हैं, और हाथ का काम वहीं छूट जाता है।

शाम तक वही बात अगले गाँव पहुँच चुकी होती है।

इसीलिए इसकी चाल गाने जैसी है, पढ़ने जैसी नहीं।

भानुभक्त रामायण; पूरी छपी 1887 में

इस कथा से खेल के पत्ते

खेल में ये पत्ते इसी कथा से खुलते हैं। हर पत्ते में एक ऐसी बात है जो बहुत कम लोगों ने सुनी है।

  • एक छंद जो भाषा का बन गया
  • अनुवाद, कहानी बदले बिना
  • सीमा के पार भी घर घर में
  • अपनी ज़बान में पहली बार
  • छपने से पहले ज़बानी

खेल में ढूँढो

उपन्यास

यह कथा उनतालीस लंकाओं में से एक है। इन्हीं लंकाओं पर मनु विश्रांति की उपन्यास गाथा बनी है: उनतालीस लंकाएँ।

भानुभक्त रामायण इन त्योहारों के पन्नों पर भी आती है, उनतालीस लंकाएँ पंचांग 2027 में: भानु जयंती। ये दिन, और साल का हर त्योहार और व्रत, एक बार दबाकर अपने फ़ोन के कैलेंडर में: Manu Vishranti Calendar जोड़ें।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

भानुभक्त रामायण किस भाषा में है?

नेपाली।

भानुभक्त रामायण किसकी रचना है?

भानुभक्त आचार्य।

भानुभक्त रामायण कहाँ की है?

तनहुँ, नेपाल।

भानुभक्त रामायण कब की है?

उन्नीसवीं सदी, छपी 1887 में।