आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · भाद्रपद
8 सितंबर 2027 का पंचांग
बुधवार · भाद्रपद शुक्ल अष्टमी
8 सितंबर 2027, बुधवार को भाद्रपद शुक्ल अष्टमी है, दोपहर 12:45 तक; उसके बाद नवमी। नक्षत्र ज्येष्ठा है, शाम 6:17 तक। सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:35। राहु काल दोपहर 12:19 से दोपहर 1:53 तक है। इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
8 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- भाद्रपद शुक्ल अष्टमीदोपहर 12:45 तक, फिर नवमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठाशाम 6:17 तक, फिर मूल
- योग
- प्रीति9 सितंबर, रात 3:56 तक, फिर आयुष्मान
- करण
- बवदोपहर 12:45 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- भाद्रपद (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृश्चिकसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- सिंह
- सूर्योदय
- सुबह 6:03
- सूर्यास्त
- शाम 6:35
- चंद्रोदय
- दोपहर 1:42
- चंद्रास्त
- रात 11:52
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:27 से सुबह 5:15 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:54 से दोपहर 12:44 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:24 से दोपहर 3:14 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:19 से दोपहर 1:53 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:37 से सुबह 9:11 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:45 से दोपहर 12:19 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
रामावतारचरित
कश्मीरी · उनतालीस में से एक
कश्मीरी की रामकथा, रामावतारचरित, जिसे प्रकाश राम ने उन्नीसवीं सदी में रचा। यहाँ सीता रावण और मंदोदरी की बेटी हैं, जिन्हें जन्म के बाद छोड़ दिया गया। रावण और लंका के बनने की कथा सुंदरकांड के भीतर आती है, और पूरी कथा में कश्मीर का खाना, कपड़े और रीति रिवाज भरे हैं।