आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · भाद्रपद
7 सितंबर 2027 का पंचांग
मंगलवार · भाद्रपद शुक्ल सप्तमी
7 सितंबर 2027, मंगलवार को भाद्रपद शुक्ल सप्तमी है, सुबह 11:29 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र अनुराधा है, शाम 4:17 तक। सूर्योदय सुबह 6:02 और सूर्यास्त शाम 6:36। राहु काल दोपहर 3:28 से शाम 5:02 तक है। इस दिन राधा अष्टमी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
7 सितंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- भाद्रपद शुक्ल सप्तमीसुबह 11:29 तक, फिर अष्टमी
- नक्षत्र
- अनुराधाशाम 4:17 तक, फिर ज्येष्ठा
- योग
- विष्कंभ8 सितंबर, रात 3:36 तक, फिर प्रीति
- करण
- वणिजसुबह 11:29 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- भाद्रपद (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृश्चिकसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- सिंह
- सूर्योदय
- सुबह 6:02
- सूर्यास्त
- शाम 6:36
- चंद्रोदय
- दोपहर 12:46
- चंद्रास्त
- रात 11:00
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:26 से सुबह 5:14 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:54 से दोपहर 12:44 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:25 से दोपहर 3:15 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:28 से शाम 5:02 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 9:11 से सुबह 10:45 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:19 से दोपहर 1:53 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। सितंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
जगमोहन रामायण
ओड़िया · उनतालीस में से एक
ओड़िया की रामकथा जिसे बलराम दास ने लगभग 1500 ईस्वी में रचा, और जिसे दांडी रामायण भी कहते हैं, उस छंद के नाम पर जिसमें यह लिखी है। ओड़िशा में यह घर घर की पोथी है, और इसमें राम जगन्नाथ से जोड़े जाते हैं। विलंका रामायण से यह अलग है: वह लंका के बाद की कथा है, यह पूरी रामकथा।
