पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़

17 जुलाई 2027 का पंचांग

शनिवार · आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी

17 जुलाई 2027, शनिवार को आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी है, शाम 6:49 तक; उसके बाद पूर्णिमा। नक्षत्र मूल है, सुबह 8:22 तक। सूर्योदय सुबह 5:34 और सूर्यास्त शाम 7:20। राहु काल सुबह 9:01 से सुबह 10:44 तक है। इस दिन रामायण मास, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत, कर्क संक्रांति है। समय नई दिल्ली के हैं।

पंचांग

17 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशीशाम 6:49 तक, फिर पूर्णिमा
नक्षत्र
मूलसुबह 8:22 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा
योग
ऐंद्रदोपहर 2:23 तक, फिर वैधृति
करण
गरसुबह 5:40 तक
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
आषाढ़ (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
धनुसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मिथुन
सूर्योदय
सुबह 5:34
सूर्यास्त
शाम 7:20
चंद्रोदय
शाम 6:37
चंद्रास्त
सुबह 4:04

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:58 से सुबह 4:46 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:00 से दोपहर 12:55 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:45 से दोपहर 3:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 9:01 से सुबह 10:44 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 2:10 से दोपहर 3:54 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 5:34 से सुबह 7:17 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

अध्यात्म रामायण

संस्कृत · उनतालीस में से एक

दर्शन की तरफ़ झुकी हुई कथा, जो शिव पार्वती के संवाद के रूप में चलती है। यहाँ राम ब्रह्म हैं और सीता माया, इसलिए द्वार पर रोकने वाली भी पहले से जानती है कि जनक के घर जन्मी योगमाया हैं। इसका सुंदरकांड पाँच सर्गों का है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

17 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?

17 जुलाई 2027, शनिवार को आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी है, शाम 6:49 तक। उसके बाद पूर्णिमा लगती है।

17 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 17 जुलाई 2027 को राहु काल सुबह 9:01 से सुबह 10:44 तक है। यमगंड दोपहर 2:10 से दोपहर 3:54 तक और गुलिक काल सुबह 5:34 से सुबह 7:17 तक है।

17 जुलाई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

मूल नक्षत्र, सुबह 8:22 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा।

17 जुलाई 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

17 जुलाई 2027 को रामायण मास आरंभ · करकिडकम में रोज़ रामायण पाठ, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत, कर्क संक्रांति है।