आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़
14 जुलाई 2027 का पंचांग
बुधवार · आषाढ़ शुक्ल एकादशी
14 जुलाई 2027, बुधवार को आषाढ़ शुक्ल एकादशी है, दोपहर 1:11 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र अनुराधा है, 15 जुलाई, रात 3:18 तक। सूर्योदय सुबह 5:33 और सूर्यास्त शाम 7:21। राहु काल दोपहर 12:27 से दोपहर 2:10 तक है। इस दिन देवशयनी एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
14 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आषाढ़ शुक्ल एकादशीदोपहर 1:11 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- अनुराधा15 जुलाई, रात 3:18 तक, फिर ज्येष्ठा
- योग
- शुभदोपहर 12:49 तक, फिर शुक्ल
- करण
- विष्टि (भद्रा)दोपहर 1:11 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आषाढ़ (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृश्चिकसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मिथुन
- सूर्योदय
- सुबह 5:33
- सूर्यास्त
- शाम 7:21
- चंद्रोदय
- शाम 4:04
- चंद्रास्त
- रात 1:34
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:57 से सुबह 4:45 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:59 से दोपहर 12:55 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:45 से दोपहर 3:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:27 से दोपहर 2:10 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:16 से सुबह 9:00 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:43 से दोपहर 12:27 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
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इस दिन की रामकथा
हनुमान चालीसा
अवधी · उनतालीस में से एक
चालीस चौपाइयों की वह छोटी रचना जो रोज़ पढ़ी जाती है। उसमें इस पूरी रात की बातें गिनी चुनी पंक्तियों में याद कर ली गई हैं, और बहुत से लोग इस रात को इन्हीं पंक्तियों से जानते हैं।