आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़
13 जुलाई 2027 का पंचांग
मंगलवार · आषाढ़ शुक्ल दशमी
13 जुलाई 2027, मंगलवार को आषाढ़ शुक्ल दशमी है, दोपहर 12:09 तक; उसके बाद एकादशी। नक्षत्र विशाखा है, 14 जुलाई, रात 1:22 तक। सूर्योदय सुबह 5:32 और सूर्यास्त शाम 7:21। राहु काल दोपहर 3:54 से शाम 5:38 तक है। इस दिन भानु जयंती है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
13 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आषाढ़ शुक्ल दशमीदोपहर 12:09 तक, फिर एकादशी
- नक्षत्र
- विशाखा14 जुलाई, रात 1:22 तक, फिर अनुराधा
- योग
- साध्यदोपहर 12:58 तक, फिर शुभ
- करण
- गरदोपहर 12:09 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आषाढ़ (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- तुलासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मिथुन
- सूर्योदय
- सुबह 5:32
- सूर्यास्त
- शाम 7:21
- चंद्रोदय
- दोपहर 3:05
- चंद्रास्त
- रात 12:52
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:56 से सुबह 4:44 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:59 से दोपहर 12:54 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:45 से दोपहर 3:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:54 से शाम 5:38 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 8:59 से सुबह 10:43 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:27 से दोपहर 2:10 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
तोरवे रामायण
कन्नड़ · उनतालीस में से एक
कन्नड़ की पहली वैष्णव रामकथा, भामिनी षट्पदी छंद में, जिसे गाकर पढ़ा जाता है। इसके कवि नरहरि को कुमार वाल्मीकि कहा जाता है। कथा शिव पार्वती को सुनाते हैं, और यह मोटे तौर पर वाल्मीकि के साथ चलती है।
