आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़
12 जुलाई 2027 का पंचांग
सोमवार · आषाढ़ शुक्ल नवमी
12 जुलाई 2027, सोमवार को आषाढ़ शुक्ल नवमी है, सुबह 11:41 तक; उसके बाद दशमी। नक्षत्र स्वाती है, रात 11:57 तक। सूर्योदय सुबह 5:32 और सूर्यास्त शाम 7:22। राहु काल सुबह 7:15 से सुबह 8:59 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं
अगला त्योहार: भानु जयंती · भानुभक्त रामायण के कवि, 13 जुलाई 2027, मंगलवार।
पंचांग
12 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आषाढ़ शुक्ल नवमीसुबह 11:41 तक, फिर दशमी
- नक्षत्र
- स्वातीरात 11:57 तक, फिर विशाखा
- योग
- सिद्धदोपहर 1:33 तक, फिर साध्य
- करण
- कौलवसुबह 11:41 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आषाढ़ (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- तुलासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मिथुन
- सूर्योदय
- सुबह 5:32
- सूर्यास्त
- शाम 7:22
- चंद्रोदय
- दोपहर 2:05
- चंद्रास्त
- रात 12:15
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:56 से सुबह 4:44 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:59 से दोपहर 12:54 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:45 से दोपहर 3:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 7:15 से सुबह 8:59 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 10:43 से दोपहर 12:27 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:10 से दोपहर 3:54 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
विलंका रामायण
ओड़िया · उनतालीस में से एक
ओड़िया की वह कथा जो लंका के बाद शुरू होती है। पाताल में एक दूसरी लंका, विलंका, और वहाँ हज़ार सिर वाला रावण। यह कथा संस्कृत की अद्भुत रामायण से मिलती है, जहाँ भी अंत सीता के हाथ होता है। यही इस खेल की चौथी रात है।