पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़

5 जुलाई 2027 का पंचांग

सोमवार · आषाढ़ शुक्ल द्वितीया

5 जुलाई 2027, सोमवार को आषाढ़ शुक्ल द्वितीया है, 6 जुलाई, रात 1:14 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र पुनर्वसु है, सुबह 9:19 तक। सूर्योदय सुबह 5:28 और सूर्यास्त शाम 7:23। राहु काल सुबह 7:13 से सुबह 8:57 तक है। इस दिन रथ यात्रा है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन के त्योहार और व्रत

पंचांग

5 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया6 जुलाई, रात 1:14 तक, फिर तृतीया
नक्षत्र
पुनर्वसुसुबह 9:19 तक, फिर पुष्य
योग
व्याघातसुबह 11:16 तक, फिर हर्षण
करण
बालवदोपहर 3:02 तक
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
आषाढ़ (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
कर्कसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मिथुन
सूर्योदय
सुबह 5:28
सूर्यास्त
शाम 7:23
चंद्रोदय
सुबह 6:31
चंद्रास्त
रात 8:41

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:52 से सुबह 4:40 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:58 से दोपहर 12:53 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:45 से दोपहर 3:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 7:13 से सुबह 8:57 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 10:41 से दोपहर 12:26 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 2:10 से दोपहर 3:54 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

अद्भुत रामायण

संस्कृत · उनतालीस में से एक

शाक्त परंपरा की कथा, सत्ताईस सर्गों की, जिसमें सीता केंद्र में हैं। यहाँ सीता मंदोदरी से जन्मी बताई गई हैं। लंका के बाद पुष्कर द्वीप पर हज़ार सिर वाला एक और रावण खड़ा होता है; राम बेहोश हो जाते हैं, और उसे महाकाली बनकर सीता गिराती हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

5 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?

5 जुलाई 2027, सोमवार को आषाढ़ शुक्ल द्वितीया है, 6 जुलाई, रात 1:14 तक। उसके बाद तृतीया लगती है।

5 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 5 जुलाई 2027 को राहु काल सुबह 7:13 से सुबह 8:57 तक है। यमगंड सुबह 10:41 से दोपहर 12:26 तक और गुलिक काल दोपहर 2:10 से दोपहर 3:54 तक है।

5 जुलाई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु नक्षत्र, सुबह 9:19 तक, फिर पुष्य।

5 जुलाई 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

5 जुलाई 2027 को रथ यात्रा है।