पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में · जगह पक्की नहीं

अद्भुत रामायण

Adbhuta Ramayana

  • भाषा संस्कृत
  • किसकी वाल्मीकि के नाम से जुड़ी, शाक्त परंपरा
  • कब चौदहवीं पंद्रहवीं सदी; 27 सर्ग, सीता केंद्र में
  • कहाँ जगह पक्की नहीं

यह कथा

शाक्त परंपरा की कथा, सत्ताईस सर्गों की, जिसमें सीता केंद्र में हैं। यहाँ सीता मंदोदरी से जन्मी बताई गई हैं। लंका के बाद पुष्कर द्वीप पर हज़ार सिर वाला एक और रावण खड़ा होता है; राम बेहोश हो जाते हैं, और उसे महाकाली बनकर सीता गिराती हैं।

एक नज़र में

अद्भुत रामायण, अपनी लिपि में

अद्भुत रामायण

लिपि
देवनागरी, संस्कृत
रूप
27 सर्ग, लगभग 1,355 श्लोक, कांडों में बँटा नहीं
समय
चौदहवीं पंद्रहवीं सदी

इस कथा की लंका

  • हनुमान जी की लंका यात्रा केंद्र में नहीं; पुरानी लड़ाई बस एक सर्ग में सिमट जाती है।
  • हनुमान जी राम से पूछते हैं, "आप कौन हैं?", और राम उन्हें योग और सांख्य सिखाते हैं।
  • रावण के बाद पुष्कर द्वीप का हज़ार सिर वाला रावण आता है; राम बेहोश होते हैं, और सीता महाकाली बनकर उसे मारती हैं।

स्रोत:

  1. en.wikipedia.org
  2. hindupedia.com
  3. asianethnology.org

सुंदरकांड के पल, इस कथा में

खेल में लंका की किसी जगह पर पहुँचकर वही पल दूसरी रामकथाओं में भी पढ़ा जा सकता है। यह कथा उन पलों को ऐसे कहती है।

अशोक वाटिका

पहली रात: खोज

यहाँ वे बेबस नहीं हैं, और उनका जन्म भी रावण के ही घर बताया जाता है।

लंका की लड़ाई के बाद लौटते हुए एक और रावण सामने आता है, जिसके हज़ार मुँह हैं। वह राम और लक्ष्मण को अपनी माया में बाँध देता है।

तब सीता आगे बढ़ती हैं। वे महाकाली बन जाती हैं, और हज़ार सिरों वाला वह रावण एक पल भी नहीं टिक पाता।

बाद में ब्रह्मा राम को समझाते हैं कि जो कुछ वे करते हैं, वह सब शक्ति के साथ ही होता है। फिर राम उन्हें सहस्रनाम से स्तुति करते हैं।

इसलिए यहाँ बग़ीचे की वह चुप्पी भी दूसरी लगती है।

इस कथा से खेल के पत्ते

खेल में ये पत्ते इसी कथा से खुलते हैं। हर पत्ते में एक ऐसी बात है जो बहुत कम लोगों ने सुनी है।

  • कथा तालाब के किनारे कही जाती है
  • अंत में कोई जयकार नहीं
  • यह रूप पुरानी सूचियों में नहीं है
  • माया यहाँ धोखा नहीं, परदा है
  • इसके आगे कथा कहाँ जाती है
  • एक ही स्त्री, दो रूप
  • आख़िर में स्तुति, जयकार नहीं
  • गिनती पूरी नहीं होती
  • हर तरफ़ से आती आवाज़
  • जो पात्र मूल में नहीं है
  • कथा में बची हुई जगह
  • जीत के बाद की चुप्पी
  • देखने वालों की समझ
  • एक और नगर बचा रह गया
  • जहाँ बाकी कथाएँ ख़त्म होती हैं
  • हज़ार मुँह वाला
  • जब सबसे बड़े भी बँध गए
  • चुप्पी रुका हुआ बल थी
  • महाकाली का रूप
  • शक्ति के साथ ही
  • सीता की शक्ति वाली कथा

खेल में ढूँढो

उपन्यास

यह कथा उनतालीस लंकाओं में से एक है। इन्हीं लंकाओं पर मनु विश्रांति की उपन्यास गाथा बनी है: उनतालीस लंकाएँ।

अद्भुत रामायण इन त्योहारों के पन्नों पर भी आती है, उनतालीस लंकाएँ पंचांग 2027 में: सीता नवमी, काली पूजा, मासिक दुर्गाष्टमी। ये दिन, और साल का हर त्योहार और व्रत, एक बार दबाकर अपने फ़ोन के कैलेंडर में: Manu Vishranti Calendar जोड़ें।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

अद्भुत रामायण किस भाषा में है?

संस्कृत।

अद्भुत रामायण किसकी रचना है?

वाल्मीकि के नाम से जुड़ी, शाक्त परंपरा।

अद्भुत रामायण कहाँ की है?

जगह पक्की नहीं।

अद्भुत रामायण कब की है?

चौदहवीं पंद्रहवीं सदी; 27 सर्ग, सीता केंद्र में।